दिल्ली-NCR में बढ़ती आबादी, ट्रैफिक और शहरी सुविधाओं पर बढ़ते दबाव को देखते हुए हरियाणा सरकार ने KMP Expressway के दोनों ओर पांच नए Greenfield Smart Cities विकसित करने की योजना तैयार की है। इन प्रस्तावित शहरों को आधुनिक शहरी सुविधाओं और बेहतर कनेक्टिविटी के साथ विकसित करने की बात कही गई है।
इस परियोजना को पंचग्राम प्रोजेक्ट के नाम से आगे बढ़ाया जा रहा है। इसका उद्देश्य भविष्य की आबादी और शहरी जरूरतों को ध्यान में रखते हुए NCR क्षेत्र में नए आवासीय, औद्योगिक और रोजगार केंद्र तैयार करना है।
क्या है पंचग्राम प्रोजेक्ट?
हरियाणा सरकार ने पांच प्रस्तावित शहरों के विकास के लिए पंचग्राम विकास प्राधिकरण के गठन की प्रक्रिया शुरू की है। योजना को वर्ष 2041 की संभावित आबादी और भविष्य की शहरी जरूरतों को ध्यान में रखकर तैयार किया जा रहा है।
करीब 135 किलोमीटर लंबा KMP Expressway इस पूरी योजना की विकास धुरी होगा। एक्सप्रेसवे के आसपास नए शहरों के साथ आवासीय क्षेत्र, उद्योग, रोजगार केंद्र और आधुनिक शहरी सुविधाएं विकसित करने की योजना है।
सरकार की योजना के अनुसार इन शहरों को पारंपरिक तरीके से फैलाने के बजाय बेहतर प्लानिंग के साथ विकसित किया जाएगा। इसमें परिवहन, जल निकासी, कचरा प्रबंधन, हरित क्षेत्र और सार्वजनिक सुविधाओं को शुरुआती स्तर से ही शहरी योजना का हिस्सा बनाने पर जोर होगा।
Metro और Namo Bharat से बेहतर Connectivity
पंचग्राम प्रोजेक्ट की सबसे महत्वपूर्ण विशेषताओं में इसकी प्रस्तावित परिवहन कनेक्टिविटी शामिल है। योजना के तहत भविष्य में इन नए शहरों को दिल्ली, गुरुग्राम और फरीदाबाद के मौजूदा तथा प्रस्तावित Metro नेटवर्क से जोड़ने की बात कही गई है।
इसके अलावा Namo Bharat/RRTS नेटवर्क के माध्यम से दिल्ली और NCR के प्रमुख क्षेत्रों तक तेज कनेक्टिविटी विकसित करने की योजना है। इससे नए शहरों में रहने वाले लोगों को प्रमुख रोजगार और कारोबारी केंद्रों तक पहुंचने में सुविधा मिल सकती है।
KMP Expressway पहले से ही इस क्षेत्र को कई महत्वपूर्ण हिस्सों से जोड़ता है। ऐसे में नए शहरों का विकास एक्सप्रेसवे के आसपास करने से सड़क कनेक्टिविटी को परियोजना का महत्वपूर्ण आधार बनाया जाएगा।
गुरुग्राम-पंचगांव Metro Corridor भी अहम
इस योजना के साथ गुरुग्राम और आसपास के इलाकों में प्रस्तावित मेट्रो विस्तार को भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। दिए गए विवरण के अनुसार गुरुग्राम-पंचगांव के बीच करीब 35.25 किलोमीटर लंबे मेट्रो कॉरिडोर की योजना है, जिसमें 28 स्टेशन प्रस्तावित हैं।
यदि ये कनेक्टिविटी योजनाएं निर्धारित तरीके से आगे बढ़ती हैं, तो KMP के आसपास विकसित होने वाले नए शहरों को दिल्ली-NCR के प्रमुख शहरी केंद्रों से जोड़ने में मदद मिल सकती है।
हालांकि, अलग-अलग परिवहन परियोजनाओं की स्वीकृति, निर्माण और संचालन की समयसीमा अलग हो सकती है। इसलिए प्रस्तावित कनेक्टिविटी को मौजूदा सुविधा के बजाय भविष्य की योजना के रूप में देखना होगा।
Singapore Model से क्या बदलेगा?
हरियाणा सरकार के उद्योग मंत्री राव नरबीर सिंह के अनुसार, KMP के दोनों ओर पांच नए शहरों को सिंगापुर की तर्ज पर विकसित करने का लक्ष्य रखा गया है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने भी NCR Planning Board की बैठक में इस परियोजना का उल्लेख किया है।
सरकार का एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल सिंगापुर का दौरा करने की योजना बना रहा है, ताकि वहां की शहरी योजना और विकास मॉडल का अध्ययन किया जा सके।
प्रस्तावित शहरों में Smart Drainage System, Underground Utility Network, Modern Waste Management, Green Spaces और Public Spaces जैसी सुविधाओं को शामिल करने की योजना है।
इसका उद्देश्य केवल नए आवासीय इलाकों का निर्माण करना नहीं है, बल्कि ऐसे शहरी केंद्र तैयार करना है जहां रहने, काम करने, कारोबार और सार्वजनिक सुविधाओं के लिए एकीकृत व्यवस्था विकसित की जा सके।
दिल्ली और गुरुग्राम पर कम होगा दबाव?
दिल्ली-NCR में आबादी और वाहनों की संख्या बढ़ने के साथ आवास, सड़क और सार्वजनिक परिवहन पर दबाव भी बढ़ रहा है। पंचग्राम योजना के पीछे एक उद्देश्य नए आवासीय विकल्प तैयार करना भी बताया गया है।
नए शहर विकसित होने से दिल्ली, गुरुग्राम और नोएडा जैसे मौजूदा शहरी केंद्रों पर बढ़ती निर्भरता को कम करने की कोशिश की जा सकती है। इसके साथ नए औद्योगिक और रोजगार केंद्र विकसित होने पर लोगों को काम के लिए लंबी दूरी की यात्रा करने की जरूरत भी कम हो सकती है।
हालांकि, इसका वास्तविक प्रभाव इन शहरों के विकास की गति, परिवहन नेटवर्क और रोजगार केंद्रों के निर्माण पर निर्भर करेगा।
2030 तक 10 नई IMT का लक्ष्य
हरियाणा सरकार ने वर्ष 2030 तक 10 नई Industrial Model Townships (IMT) विकसित करने का लक्ष्य भी रखा है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार इनमें से पांच IMT को मंजूरी मिल चुकी है।
इनमें से तीन नई IMT को KMP Corridor से सीधे जोड़ने की योजना है। इससे प्रस्तावित स्मार्ट शहरों और औद्योगिक क्षेत्रों के बीच आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देने की कोशिश की जाएगी।
अगर पंचग्राम शहरों, IMT और परिवहन परियोजनाओं का विकास एक साथ आगे बढ़ता है, तो KMP Corridor भविष्य में आवासीय और औद्योगिक विकास का महत्वपूर्ण क्षेत्र बन सकता है। फिलहाल यह एक दीर्घकालिक शहरी विकास योजना है, जिसकी वास्तविक तस्वीर इसके चरणबद्ध क्रियान्वयन के बाद ही स्पष्ट होगी।
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