नई दिल्ली: मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR को लेकर चुनाव आयोग और विपक्ष के बीच चल रहा विवाद अब ऑनलाइन मतदाता पंजीकरण के Form 6 तक पहुंच गया है। लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने गुरुवार को सवाल उठाया कि Form 6 में SIR से जुड़ा अतिरिक्त हिस्सा जोड़ने का निर्णय चुनाव आयोग में किस स्तर पर लिया गया और इसे लागू करने के लिए Tata Consultancy Services (TCS) को किसने निर्देश दिया।
राहुल गांधी ने सोशल मीडिया पोस्ट में Form 6 में किए गए बदलाव को लेकर सवाल उठाते हुए पूछा कि चुनाव आयोग में किस अधिकारी ने TCS को यह बदलाव करने का आदेश दिया। उन्होंने यह भी पूछा कि TCS में इस बदलाव को किसने मंजूरी दी और क्या कंपनी पर इसे लागू करने के लिए किसी तरह का दबाव था। ये सवाल राहुल गांधी की ओर से लगाए गए आरोप और मांगी गई जवाबदेही के रूप में सामने आए हैं।
क्या है Form 6 का विवाद?
Form 6 नए मतदाताओं को मतदाता सूची में शामिल कराने के लिए इस्तेमाल किया जाता है। हाल में SIR की प्रक्रिया के दौरान इसके ऑनलाइन संस्करण में एक अतिरिक्त घोषणा जोड़ी गई थी। इसके तहत नए आवेदकों से अपने या माता-पिता अथवा दादा-दादी के पुराने मतदाता रिकॉर्ड से संबंधित जानकारी देने को कहा गया था।
इस अतिरिक्त घोषणा को लेकर चुनाव आयोग के भीतर भी सवाल उठे। रिपोर्टों के अनुसार, चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने इससे संबंधित आपत्तियां दर्ज की थीं। विवाद का एक प्रमुख मुद्दा यह था कि वैधानिक Form 6 में बदलाव और ऑनलाइन प्रक्रिया में अतिरिक्त जानकारी जोड़ने के अधिकार को लेकर कानूनी स्थिति क्या है।
The online Form 6 was changed illegally - as the EC's own Commissioners have recorded.Who at the ECI ordered Tata Consultancy Services to make that change?Who at TCS signed off on it? And were they pressured into doing it?
— Rahul Gandhi (@RahulGandhi) October 1, 2026
SIR पूरा होने वाले राज्यों में क्या बदला?
चुनाव आयोग ने 26 सितंबर की पूर्ण आयोग बैठक के बाद स्पष्ट किया था कि Form 6 से जुड़ी अतिरिक्त घोषणा SIR की अवधि के लिए थी। इसके बाद जिन राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में SIR की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है, वहां ECINET ऐप और पोर्टल से यह अतिरिक्त हिस्सा हटा दिया गया। संबंधित मुख्य निर्वाचन अधिकारी के पोर्टलों पर भी इसे हटाया गया है।
अब इन क्षेत्रों में नए मतदाता पंजीकरण के लिए Registration of Electors Rules, 1960 के तहत निर्धारित सामान्य Form 6 का इस्तेमाल किया जाएगा। यानी आवेदकों को SIR से जुड़ी अतिरिक्त घोषणा भरने की जरूरत नहीं होगी।
जहां SIR जारी है, वहां क्या नियम है?
जिन राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में SIR अभी चल रहा है, वहां ऑनलाइन Form 6 में अतिरिक्त घोषणा उपलब्ध है। इसके तहत नए आवेदकों को पुराने SIR से जुड़े अपने या परिवार के सदस्यों के मतदाता रिकॉर्ड की जानकारी देनी पड़ सकती है।
चुनाव आयोग का कहना है कि मूल वैधानिक Form 6 में कानूनी संशोधन नहीं किया गया था और अतिरिक्त घोषणा SIR प्रक्रिया से संबंधित थी। आयोग ने गैर-SIR अवधि में निर्धारित वैधानिक फॉर्म के इस्तेमाल की बात कही है।
राहुल गांधी के सवालों से फिर बढ़ी राजनीतिक बहस
Form 6 को लेकर राहुल गांधी के ताजा सवाल ऐसे समय आए हैं जब INDIA ब्लॉक चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली और SIR को लेकर देशव्यापी अभियान की घोषणा कर चुका है। विपक्षी दल मतदाता सूची और चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता को लेकर सवाल उठा रहे हैं।
दूसरी ओर, चुनाव आयोग ने SIR और Form 6 से जुड़े अपने फैसलों को प्रशासनिक और कानूनी प्रक्रिया के संदर्भ में स्पष्ट किया है। फिलहाल राहुल गांधी द्वारा TCS और चुनाव आयोग की भूमिका को लेकर उठाए गए सवालों पर संबंधित पक्षों की ओर से विस्तृत जवाब का इंतजार है।
Form 6 से जुड़ा यह विवाद अब केवल मतदाता पंजीकरण की प्रक्रिया तक सीमित नहीं है, बल्कि चुनावी प्रक्रिया में तकनीकी प्रणालियों, प्रशासनिक निर्णयों और उनकी जवाबदेही से भी जुड़ गया है।
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