नई दिल्ली: बिहार के पूर्णिया से निर्दलीय सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव ने दावा किया है कि राम मंदिर से जुड़े कथित चंदा गबन के मुद्दे पर बनाई गई अपनी स्किट को लेकर विवाद के बीच उन्हें जान से मारने की कई धमकी भरी कॉल मिली हैं। पप्पू यादव ने दावा किया कि सोमवार सुबह से उन्हें चार धमकी भरे फोन आ चुके हैं।
यह विवाद संसद परिसर में राम मंदिर से जुड़े कथित चंदे में अनियमितता के मुद्दे पर विपक्ष के विरोध प्रदर्शन के बाद सामने आया है। पप्पू यादव ने अपने आवास पर हुई प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कथित हमले को भी अपने खिलाफ साजिश बताया है।
'आज मार देंगे' कहकर धमकी देने का दावा
मीडिया से बातचीत में पप्पू यादव ने दावा किया कि उन्हें फोन करने वाले कुछ लोगों ने खुद को विश्व हिंदू परिषद (VHP) और बजरंग दल से जुड़ा बताया। उनके मुताबिक, फोन पर उन्हें बाहर निकलने पर जान से मारने और माफी मांगने की धमकी दी गई।
पप्पू यादव ने कहा कि उन्हें समझ नहीं आता कि उन्हें किस बात के लिए माफी मांगनी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि राम मंदिर से जुड़े चंदे के मुद्दे पर सवाल उठाना किसी व्यक्ति विशेष का अपमान नहीं है, बल्कि यह आम लोगों की आस्था से जुड़े सवाल उठाने का मामला है। सांसद ने यह भी कहा कि धमकियों के बीच वह डॉक्टर से मिलने गए थे और उनकी तबीयत ठीक नहीं थी। उन्होंने कथित तौर पर धमकी देने वालों को लेकर भी तीखी प्रतिक्रिया दी।
Watch | A commotion broke out during a press conference at the Delhi residence of independent Lok Sabha MP from Purnia Pappu Yadav on Sunday after a man allegedly attempted to attack him.His supporters claimed the man was carrying a knife and alleged it was an attempt on the… pic.twitter.com/T2KrcdYPuK
— United News of India (@uniindianews) August 2, 2026
राम मंदिर पर स्किट को लेकर क्या बोले पप्पू यादव?
पप्पू यादव ने संसद के बाहर अपनी स्किट का बचाव करते हुए कहा कि विपक्षी सांसदों ने राम मंदिर के चंदे से जुड़े कथित मुद्दे को उठाया था, लेकिन किसी व्यक्ति का नाम लेकर उसे निशाना नहीं बनाया गया। उन्होंने कहा कि इस मुद्दे को लेकर राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और अखिलेश यादव समेत विपक्षी नेताओं की ओर से सवाल उठाए गए और उन्होंने उसी मुद्दे को स्किट के माध्यम से प्रस्तुत किया।
पप्पू यादव ने दावा किया कि उनकी प्रस्तुति मर्यादा की सीमा के भीतर थी और उन्होंने किसी खास व्यक्ति का नाम नहीं लिया तथा किसी के खिलाफ अपशब्दों का इस्तेमाल नहीं किया।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में कथित हमले के बाद पुलिस कार्रवाई
इस पूरे विवाद के बीच पप्पू यादव के आवास पर आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कथित हाथापाई और हमले का मामला भी सामने आया। सांसद ने इस घटना को अपने खिलाफ 'जान से मारने की साजिश' बताया।
दिल्ली पुलिस ने इस मामले में दो लोगों की पहचान सुमित शर्मा और हैप्पी शर्मा के रूप में की है। पुलिस के मुताबिक, सुमित के पास कथित तौर पर चाकू था और उसे तिलक मार्ग पुलिस स्टेशन में हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। पुलिस के अनुसार, हैप्पी शर्मा की भूमिका की भी जांच की जा रही है। आरोप है कि उसने निर्दलीय सांसद की ओर चप्पल फेंकी थी।
जांच जारी
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, सुमित की Medico-Legal Case (MLC) रिपोर्ट में घटना के वक्त उसके अत्यधिक नशे में होने की बात सामने आई है। हालांकि, दूसरे आरोपी बताए जा रहे हैप्पी शर्मा ने चाकू रखने के आरोप से इनकार किया है। उसका दावा है कि पप्पू यादव के समर्थकों के साथ बहस के बाद उसके साथ मारपीट की गई।
फिलहाल दिल्ली पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। धमकी भरे फोन, कथित हमले और राम मंदिर चंदे से जुड़ी स्किट को लेकर चल रहे विवाद के बीच पुलिस सभी पहलुओं की जांच कर रही है। मामले में आगे की कार्रवाई जांच के निष्कर्षों के आधार पर होगी।
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