चंडीगढ़: पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान की प्रस्तावित जापान यात्रा को केंद्र सरकार से राजनीतिक मंजूरी नहीं मिली है। मान को जापान के आइची-नागोया में चल रहे एशियन गेम्स में भारतीय पुरुष हॉकी टीम के सेमीफाइनल मुकाबले को देखने के लिए जाना था। यात्रा का प्रस्तावित कार्यक्रम 1 अक्टूबर के मुकाबले के आसपास था। केंद्र के फैसले के बाद अब मान इस यात्रा पर नहीं जा सकेंगे।

मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, पंजाब सरकार की ओर से यात्रा के लिए राजनीतिक मंजूरी मांगी गई थी। केंद्र की ओर से मंजूरी नहीं मिलने की वजह सुरक्षा व्यवस्था से जुड़ी बताई गई है। पंजाब सरकार के एक अधिकारी ने कहा कि इतने बड़े अंतरराष्ट्रीय खेल आयोजन में मुख्यमंत्री जैसे VIP की सुरक्षा सुनिश्चित करना चुनौतीपूर्ण हो सकता है।

यह यात्रा केवल भारतीय हॉकी टीम का मुकाबला देखने तक सीमित नहीं थी। इसके पीछे पंजाब में होने वाले एक बड़े हॉकी टूर्नामेंट की तैयारियों से जुड़ा उद्देश्य भी बताया गया था।

Asian Games Hockey देखने का था कार्यक्रम

एशियन हॉकी फेडरेशन की ओर से भगवंत मान को आइची-नागोया एशियन गेम्स में हॉकी प्रतियोगिता के अंतिम चरण के मुकाबले देखने के लिए आमंत्रित किया गया था। निमंत्रण में 30 सितंबर और 1 अक्टूबर के सेमीफाइनल तथा 2 और 3 अक्टूबर के फाइनल मुकाबले शामिल थे।

भारतीय पुरुष हॉकी टीम के प्रदर्शन को देखते हुए यह यात्रा पंजाब के लिए भी महत्वपूर्ण मानी जा रही थी। भारतीय टीम के 20 सदस्यीय दल में पंजाब के आठ खिलाड़ी शामिल हैं। ऐसे में राज्य सरकार की ओर से इस दौरे को खिलाड़ियों का समर्थन करने और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हॉकी आयोजन को करीब से देखने के अवसर के तौर पर देखा जा रहा था।

Punjab में होने वाली Hockey Championship की तैयारी

मान के जापान जाने के प्रस्ताव का एक दूसरा पहलू पंजाब में होने वाला आगामी हॉकी टूर्नामेंट है। Men's Asian Champions Trophy का आयोजन 27 अक्टूबर से 5 नवंबर तक पंजाब के जालंधर और मोहाली में प्रस्तावित है।

एशियन हॉकी फेडरेशन के मुताबिक, जापान में किसी बड़े अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट के आयोजन की व्यवस्थाओं को करीब से देखने से पंजाब के अधिकारियों को आगामी प्रतियोगिता की तैयारियों में मदद मिल सकती थी। स्टेडियम प्रबंधन, खिलाड़ियों की सुविधाएं, परिवहन और आयोजन से जुड़ी व्यवस्थाओं को समझने के लिए यह दौरा उपयोगी माना जा रहा था।

पहले भी Paris Olympics की यात्रा को नहीं मिली थी मंजूरी

भगवंत मान की विदेशी यात्रा को राजनीतिक मंजूरी नहीं मिलने का यह पहला मामला नहीं है। अगस्त 2024 में भी केंद्र ने उन्हें पेरिस ओलंपिक में भारतीय पुरुष हॉकी टीम का मुकाबला देखने के लिए फ्रांस जाने की राजनीतिक मंजूरी नहीं दी थी। मान को 3 से 9 अगस्त तक पेरिस में रहना था। उस समय यात्रा को लेकर सुरक्षा व्यवस्था का मुद्दा सामने आया था और इस फैसले के बाद पंजाब की आम आदमी पार्टी सरकार तथा केंद्र के बीच राजनीतिक विवाद भी हुआ था।

UK और Israel दौरे को भी नहीं मिली थी मंजूरी

जनवरी 2026 में मान के प्रस्तावित यूके और इजरायल दौरे को भी केंद्र से राजनीतिक मंजूरी नहीं मिली थी। यह यात्रा पंजाब में होने वाले Progressive Punjab Investors' Summit से पहले निवेशकों से संपर्क करने के उद्देश्य से प्रस्तावित थी। मान के साथ राज्य के उद्योग मंत्री संजीव अरोड़ा और अधिकारियों का प्रतिनिधिमंडल भी जाने वाला था। यात्रा बाद में रद्द हो गई। उस समय उपलब्ध रिपोर्टों में केंद्र की ओर से मंजूरी नहीं दिए जाने का कारण सार्वजनिक तौर पर स्पष्ट नहीं किया गया था।

हालांकि, भगवंत मान इससे पहले दिसंबर 2025 में पंजाब के एक प्रतिनिधिमंडल के साथ जापान और बाद में दक्षिण कोरिया की यात्रा कर चुके हैं। उन दौरों का उद्देश्य निवेश और कारोबारी संपर्क बढ़ाना था।

Political Clearance क्यों जरूरी होती है?

मुख्यमंत्री जैसे वरिष्ठ संवैधानिक पदाधिकारियों की विदेश यात्राओं के लिए केंद्र से राजनीतिक मंजूरी की प्रक्रिया होती है। इसमें यात्रा का उद्देश्य, आमंत्रण, कार्यक्रम और सुरक्षा समेत विभिन्न पहलुओं पर विचार किया जाता है। मौजूदा मामले में केंद्र की ओर से जापान यात्रा के लिए मंजूरी नहीं दिए जाने के पीछे सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चिंता बताई गई है।

इस फैसले के बाद भगवंत मान का प्रस्तावित जापान दौरा नहीं हो पाएगा। वहीं, पंजाब में अक्टूबर के अंत से शुरू होने वाले Men's Asian Champions Trophy की तैयारियां राज्य सरकार के लिए अब भी प्रमुख कार्यक्रम बनी रहेंगी।