सुंदरनगर,चंडीगढ़: 80वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर सुंदरनगर में आयोजित समारोह में भाखड़ा ब्यास प्रबंधन बोर्ड (BBMB) के मुख्य अभियंता, बीएसएल परियोजना सुंदरनगर एवं सदस्य (सिंचाई) बिजेंद्र सिंह नारा ने ध्वजारोहण कर अधिकारियों, कर्मचारियों, युवाओं, बच्चों और क्षेत्रवासियों को स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने राष्ट्र निर्माण के साथ जल संसाधनों के संरक्षण और कुशल उपयोग को देश के विकास के लिए महत्वपूर्ण बताया।
अपने संबोधन की शुरुआत में उन्होंने देश की स्वतंत्रता के लिए सर्वोच्च बलिदान देने वाले अमर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए की। उन्होंने महात्मा गांधी, भगत सिंह, सुखदेव, राजगुरु, चंद्रशेखर आजाद, नेताजी सुभाष चंद्र बोस, रानी लक्ष्मीबाई, तात्या टोपे, राम प्रसाद बिस्मिल, अशफाक उल्ला खान, खुदीराम बोस और लाला लाजपत राय सहित देश के अनगिनत स्वतंत्रता सेनानियों को नमन किया। उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता असंख्य वीर-वीरांगनाओं के त्याग और बलिदान से मिली है और उनके सपनों के भारत का निर्माण करना प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है।
स्वतंत्रता दिवस अधिकारों के साथ कर्तव्यों का भी अवसर
मुख्य अभियंता नारा ने कहा कि 15 अगस्त केवल राष्ट्रीय पर्व नहीं है, बल्कि अपने अधिकारों के साथ-साथ कर्तव्यों के प्रति संकल्प लेने का अवसर भी है। उन्होंने नागरिकों से अनुशासन, निष्ठा, स्वच्छता और प्रकृति संरक्षण जैसे छोटे-छोटे प्रयासों के माध्यम से राष्ट्र निर्माण में योगदान देने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और केंद्रीय विद्युत एवं आवास एवं शहरी कार्य मंत्री मनोहर लाल के मार्गदर्शन में राष्ट्र निर्माण को नई गति मिली है। उन्होंने भाखड़ा ब्यास प्रबंधन बोर्ड (BBMB) को राष्ट्र निर्माण की महत्वपूर्ण मिसाल बताते हुए कहा कि भाखड़ा-ब्यास प्रणाली देश की जल सुरक्षा, ऊर्जा सुरक्षा और कृषि विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।

बीएसएल परियोजना से सिंचाई, पेयजल और ऊर्जा को मजबूती
मुख्य अभियंता बिजेंद्र सिंह नारा ने कहा कि बीएसएल परियोजना, सुंदरनगर व्यास नदी के जल को सतलुज प्रणाली से जोड़कर सिंचाई, पेयजल और जलविद्युत उत्पादन में महत्वपूर्ण योगदान दे रही है। पंजाब, हरियाणा, राजस्थान और हिमाचल प्रदेश के लाखों किसानों तक पानी पहुंचाने तथा देश की ऊर्जा आवश्यकताओं में योगदान देना बीबीएमबी की महत्वपूर्ण राष्ट्रसेवा है।
उन्होंने जल संसाधनों के कुशल प्रबंधन, सिल्ट प्रबंधन, पर्यावरण संरक्षण और आधुनिक तकनीकों के इस्तेमाल पर विशेष जोर दिया। इसके आगे उन्होंने कहा कि आने वाले वर्षों में बीबीएमबी का लक्ष्य जल का अधिकतम और कुशल उपयोग, स्वच्छ ऊर्जा का उत्पादन बढ़ाना तथा भागीदार राज्यों की आवश्यकताओं को समय पर पूरा करना होना चाहिए। उन्होंने बीबीएमबी के अध्यक्ष इंजी. मनोज त्रिपाठी के नेतृत्व में बोर्ड द्वारा किए जा रहे कार्यों की सराहना की और कहा कि बीबीएमबी परिवार जल संसाधन प्रबंधन, ऊर्जा उत्पादन, पर्यावरण संरक्षण और आधुनिक तकनीक के माध्यम से देश की सेवा में लगातार योगदान दे रहा है।
कर्मचारियों की मेहनत और टीम भावना की सराहना
मुख्य अभियंता ने बीबीएमबी के अधिकारियों और कर्मचारियों की मेहनत, तकनीकी दक्षता और समर्पण की सराहना की। उन्होंने कहा कि परियोजनाओं का सफल संचालन कर्मचारियों की प्रतिबद्धता और टीम भावना का परिणाम है। उन्होंने जल संसाधनों के संरक्षण और परियोजनाओं के बेहतर संचालन के लिए निरंतर तकनीकी सुधार की आवश्यकता पर भी जोर दिया।
उन्होंने युवाओं को राष्ट्र निर्माण का कर्णधार बताते हुए कहा कि स्वतंत्रता को सुरक्षित और मजबूत बनाए रखना नई पीढ़ी की जिम्मेदारी है। उन्होंने युवाओं से ज्ञान, नवाचार और तकनीकी दक्षता के माध्यम से देश के विकास में योगदान देने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में युवाओं की भूमिका निर्णायक होगी।

जल, ऊर्जा और कृषि सुरक्षा को मजबूत करने का संकल्प
मुख्य अभियंता बिजेंद्र सिंह नारा ने कहा कि बीबीएमबी की परियोजनाएं देश की जल, ऊर्जा और कृषि सुरक्षा को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को साकार करने में बोर्ड का योगदान आगे भी जारी रहेगा। अपने संबोधन के अंत में उन्होंने सभी से भारत को समृद्ध, सुरक्षित, स्वच्छ और आत्मनिर्भर राष्ट्र बनाने में योगदान देने का संकल्प लेने का आह्वान किया। उन्होंने अधिकारियों, कर्मचारियों, युवाओं, बच्चों और क्षेत्रवासियों को 80वें स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं देते हुए “वंदे मातरम्, जय हिंद और जय भारत” के साथ अपना संबोधन समाप्त किया।
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