चंडीगढ़, पंजाब: GTC पंजाबी द्वारा DD Free Dish के जरिए श्री दरबार साहिब से लाइव गुरबाणी के प्रसारण की सुविधा उपलब्ध कराने के फैसले की शिरोमणि अकाली दल (पुनर्सुरजीत) के प्रमुख नेताओं ने सराहना की है। पार्टी नेताओं ने इसे संगत के लिए ऐतिहासिक और लंबे समय से प्रतीक्षित सेवा बताया है।

पार्टी के मुख्य प्रवक्ता एवं वरिष्ठ उपाध्यक्ष सरदार करनैल सिंह पीर मोहम्मद, महासचिव सरदार दविंदर सिंह सोढ़ी, महासचिव सरदार जग रूप सिंह चीमा, उपाध्यक्ष सरदार गुरमुख सिंह संधू, उपाध्यक्ष डॉ. कारज सिंह धर्म सिंह वाला और मीडिया सचिव सरदार तेजिंदर सिंह पन्नू ने संयुक्त बयान जारी कर GTC पंजाबी के इस फैसले का स्वागत किया।

DD Free Dish पर सुबह-शाम गुरबाणी का प्रसारण

अकाली नेताओं के मुताबिक, GTC पंजाबी ने DD Free Dish दर्शकों के लिए श्री दरबार साहिब से सुबह की गुरबाणी के साथ-साथ शाम की गुरबाणी और रहिरास साहिब के पाठ को भी उपलब्ध कराने का निर्णय लिया है। उनका कहना है कि इससे उन परिवारों को विशेष लाभ मिलेगा, जो पेड DTH या केबल सेवाओं की जगह मुफ्त DD Free Dish पर निर्भर हैं।

नेताओं ने कहा कि DD Free Dish देश के बड़े मुफ्त टेलीविजन प्लेटफॉर्म में शामिल है और इसकी पहुंच गांवों, कस्बों और आम परिवारों तक है। उनके अनुसार, इस प्लेटफॉर्म के माध्यम से गुरबाणी को अधिक से अधिक घरों तक पहुंचाने से संगत को धार्मिक और आध्यात्मिक रूप से जुड़ने का अवसर मिलेगा।

'सालों में जो नहीं हुआ, GTC पंजाबी ने कर दिखाया'

शिरोमणि अकाली दल (पुनर्सुरजीत) के नेताओं ने दावा किया कि जो काम शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (SGPC) और PTC वर्षों में नहीं कर सके, वह GTC पंजाबी ने DD Free Dish के माध्यम से करने की पहल की है। उन्होंने कहा कि अब दर्शक सुबह अमृत वेले की गुरबाणी से जुड़ने के साथ शाम को रहिरास साहिब और गुरबाणी का आनंद भी ले सकेंगे।

नेताओं ने इस पहल को विशेष रूप से ग्रामीण और छोटे कस्बों में रहने वाले परिवारों के लिए महत्वपूर्ण बताया। उनका कहना है कि ऐसे कई परिवार हैं, जो भुगतान वाली केबल या DTH सेवाओं की बजाय मुफ्त DD Free Dish का इस्तेमाल करते हैं।

'गुरबाणी तक हर परिवार की पहुंच होनी चाहिए'

अकाली नेताओं ने कहा कि पवित्र गुरबाणी को किसी एक व्यावसायिक मंच या प्रसारक तक सीमित नहीं किया जाना चाहिए। उनका कहना है कि जिस भी घर तक गुरबाणी पहुंच सकती है, वहां तक इसे पहुंचाने का प्रयास होना चाहिए और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को भी गुरबाणी सुनने का समान अधिकार मिलना चाहिए।

उन्होंने SGPC से भी अपील की कि गुरबाणी के प्रसार को सीमित करने के बजाय इसे अधिक से अधिक माध्यमों और प्लेटफॉर्म तक पहुंचाने की दिशा में काम किया जाए।

'तकनीक संगत और गुरु घर के बीच पुल बन सकती है'

नेताओं ने कहा कि GTC पंजाबी की यह पहल दिखाती है कि यदि तकनीक का इस्तेमाल सेवा की भावना से किया जाए तो वह संगत और गुरु घर के बीच दूरी कम करने का माध्यम बन सकती है। उन्होंने कहा कि यह किसी एक चैनल की जीत नहीं बल्कि पूरी संगत की जीत है। उनके मुताबिक, किसी गांव के सामान्य परिवार के घर में शाम के समय रहिरास साहिब की आवाज पहुंचना ही इस पहल की सबसे बड़ी सफलता होगी।

नोट: प्रसार भारती की अप्रैल 2026 की आधिकारिक DD Free Dish चैनल सूची में GTC Punjabi को भी शामिल किया गया है।