नई दिल्ली: पंजाब कांग्रेस के नवनियुक्त अध्यक्ष परगट सिंह ने आम आदमी पार्टी (AAP) द्वारा विधायक सुखवीर सिंह मैसरखाना को निलंबित किए जाने पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने इस कार्रवाई को “तानाशाही” करार देते हुए आरोप लगाया कि AAP सरकार राज्य की जमीनी हकीकत पर उठने वाली आलोचना को स्वीकार नहीं कर रही है।
AAP ने मैसरखाना को कथित “पार्टी विरोधी गतिविधियों और अनुशासनहीनता” के आरोप में प्राथमिक सदस्यता से निलंबित किया है। विधायक ने अपने विधानसभा क्षेत्र के स्कूलों में शिक्षकों के खाली पदों और अन्य बुनियादी समस्याओं को लेकर सार्वजनिक रूप से चिंता जताई थी।
‘जमीनी हकीकत बताने वालों से सहमत नहीं होते केजरीवाल’
मैसरखाना के निलंबन पर प्रतिक्रिया देते हुए परगट सिंह ने कहा, “मैं इसे तानाशाही कहता हूं, यह सच्चा लोकतंत्र नहीं है। केजरीवाल मूल रूप से तानाशाह हैं, क्योंकि जो भी जमीनी हकीकत के बारे में बोलता है, वह उससे सहमत होने को तैयार नहीं होते।” विधायक ने एक वीडियो में कहा था कि उन्होंने सरकार से कई बार स्कूलों में खाली पदों को भरने की मांग की, ताकि विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित न हो।
मैसरखाना ने कहा था कि वह स्कूलों के खिलाफ नहीं, बल्कि उनके लिए लड़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि इन स्कूलों में सिर्फ उनके बच्चे नहीं, बल्कि पूरे समाज के बच्चे पढ़ते हैं और यह शिक्षा व्यवस्था तथा राज्य की मौजूदा स्थिति का सवाल है।
#WATCH | Delhi | On AAP suspending MLA Sukhveer Singh Maiserkhana from the party's primary membership, Punjab Congress President Pargat Singh says, "I call this a dictatorship; it is not true democracy. Kejriwal is essentially a dictator because he refuses to agree with anyone… pic.twitter.com/tCF9YvsC5I
— ANI (@ANI) October 4, 2026
शिक्षा और स्वास्थ्य को लेकर AAP पर निशाना
परगट सिंह ने AAP सरकार के ईमानदारी, देशभक्ति और शिक्षा एवं स्वास्थ्य क्षेत्र में बदलाव के दावों पर भी सवाल उठाए। उन्होंने इन दावों को “दिखावा” बताते हुए कहा कि सरकार की ओर से किए जा रहे कई दावे वास्तविक स्थिति से मेल नहीं खाते। उन्होंने कहा कि राज्य की समस्याओं पर सवाल उठाने के बजाय सरकार को जमीनी हालात सुधारने पर ध्यान देना चाहिए।
पंजाब की कानून-व्यवस्था पर भी उठाए सवाल
परगट सिंह ने पंजाब में कानून-व्यवस्था की स्थिति को लेकर भी मुख्यमंत्री भगवंत मान पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि राज्य में नेतृत्व की कमी है और पुलिस बल के भीतर भी नेतृत्व का अभाव दिखाई देता है।
उन्होंने दावा किया कि एक दिन पहले पंजाब में दो हत्याएं हुईं और कहा कि राज्य ने इससे पहले ऐसी परिस्थितियों का सामना नहीं किया था। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के सत्ता में लौटने पर पुलिस व्यवस्था में पेशेवर रवैया सुनिश्चित किया जाएगा।
2027 चुनाव से पहले कांग्रेस ने बदला प्रदेश नेतृत्व
परगट सिंह को 2027 के पंजाब विधानसभा चुनाव से पहले पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी का अध्यक्ष नियुक्त किया गया है। उन्होंने अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग की जगह यह जिम्मेदारी संभाली है। पद संभालने के बाद परगट सिंह ने कहा था कि पंजाब को “सार्थक राजनीति, सकारात्मक राजनीति और एजेंडा आधारित राजनीति” की जरूरत है। उन्होंने कहा था कि पंजाबी हमेशा नफरत की राजनीति को नकारते रहे हैं और भविष्य में भी इसे स्वीकार नहीं करेंगे।
पंजाब विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष प्रताप सिंह बाजवा ने भी नए प्रदेश नेतृत्व का समर्थन किया है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस एकजुट है और 2027 का विधानसभा चुनाव मिलकर लड़ेगी। बाजवा ने दावा किया कि कांग्रेस पूरी ताकत के साथ पंजाब में सरकार बनाने के लिए काम करेगी।
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