मोहाली, पंजाब: दिल्ली के उपराज्यपाल तरणजीत सिंह संधू तरणजीत सिंह संधू ने शनिवार को प्लाक्षा यूनिवर्सिटी का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने विश्वविद्यालय के वरिष्ठ नेतृत्व, फैकल्टी सदस्यों और विद्यार्थियों के साथ संवाद करते हुए भारत की अगली पीढ़ी को तैयार करने में बहु-विषयक शिक्षा, व्यावहारिक अनुभव और जिम्मेदार नेतृत्व की अहम भूमिका पर जोर दिया।
अपने दौरे के दौरान संधू ने विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. रुद्र प्रताप, प्रो-वाइस चांसलर अरविंद अग्रवाल, डीन रिसर्च प्रो. सुनीता चौहान, फाउंडिंग कम्युनिटी के सदस्य करण गिलहोत्रा और विशाल तुलस्यान सहित अन्य शिक्षकों के साथ बैठक की। इस दौरान विश्वविद्यालय की शैक्षणिक सोच, शोध पहलों और भविष्य के नेतृत्वकर्ताओं को तैयार करने की रणनीतियों पर चर्चा हुई।
A lively and interactive session with students of the YTS program at @PlakshaUniv .From navigating career challenges and building essential life skills to understanding leadership, purpose, and personal growth, the discussion was both stimulating and insightful. Their… pic.twitter.com/yqHvkpcLti
— LG Delhi (@LtGovDelhi) June 6, 2026
380 से अधिक स्कूली विद्यार्थियों को किया संबोधित
दौरे का मुख्य आकर्षण प्लाक्षा यूनिवर्सिटी के समर प्रोग्राम वाईटीएस (YTS ) में शामिल 380 से अधिक स्कूली विद्यार्थियों को संबोधित करना रहा। फायरसाइड चैट के दौरान संधू ने भारतीय विदेश सेवा में अपने तीन दशक से अधिक के अनुभव साझा किए और विद्यार्थियों को कड़ी मेहनत, जिज्ञासा बनाए रखने तथा हर क्षेत्र में उत्कृष्टता हासिल करने के लिए प्रेरित किया।
उन्होंने कहा कि विभिन्न संस्कृतियों, विचारों और अनुभवों का संपर्क किसी भी व्यक्ति के समग्र विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। देश के अलग-अलग हिस्सों से आए विद्यार्थियों की विविधता का उल्लेख करते हुए उन्होंने इसे सीखने और आगे बढ़ने का अनूठा अवसर बताया।

उपराज्यपाल ने भविष्य की चुनौतियों से निपटने का दिया संदेश
उपराज्यपाल ने प्लाक्षा यूनिवर्सिटी द्वारा पारंपरिक शिक्षा की सीमाओं को तोड़ने के प्रयासों की सराहना की और विद्यार्थियों को बहु-विषयक सोच अपनाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि भविष्य की जटिल चुनौतियों का समाधान केवल एक विषय तक सीमित रहकर नहीं किया जा सकता।
उन्होंने विद्यार्थियों को डिग्री से आगे बढ़कर अपनी रुचियों के अनुरूप कौशल विकसित करने, कम्फर्ट ज़ोन से बाहर निकलने और वास्तविक दुनिया के अनुभव हासिल करने की सलाह दी। अपने संबोधन के अंत में संधू ने कहा कि सच्चा नेतृत्व टीमवर्क, संवेदनशीलता और जवाबदेही से विकसित होता है। उन्होंने युवाओं से भारत का गौरव बढ़ाने और वैश्विक मंच पर सकारात्मक प्रभाव छोड़ने का आह्वान किया।
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