चंडीगढ़: पंजाब के कपूरथला जिले की भुलत्थ विधानसभा सीट से कांग्रेस विधायक सुखपाल सिंह खैरा के खिलाफ एक महिला नेता से जुड़े कथित आपत्तिजनक सोशल मीडिया पोस्ट और वीडियो के मामले में FIR दर्ज की गई है। पुलिस ने यह कार्रवाई आम आदमी पार्टी (AAP) से जुड़े एक नेता की शिकायत के आधार पर की है।
पुलिस के अनुसार, शिकायत में सोशल मीडिया पर महिला नेता के चरित्र, व्यवहार और प्रतिष्ठा को लेकर कथित आपत्तिजनक टिप्पणियों का आरोप लगाया गया है। मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की कई धाराओं के साथ सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 67 के तहत केस दर्ज किया गया है।
हालांकि, FIR में लगाए गए आरोप अभी जांच के दायरे में हैं। किसी भी आरोप की पुष्टि जांच और न्यायिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही होगी।
किन धाराओं में दर्ज हुआ मामला?
पुलिस ने सुखपाल सिंह खैरा के खिलाफ BNS की धारा 75(1)(iv), 75(3), 79, 351 और 61 के अलावा IT Act की धारा 67 के तहत मामला दर्ज किया है।
पुलिस का कहना है कि शिकायत में जिन सोशल मीडिया पोस्ट और टिप्पणियों का उल्लेख किया गया है, उनमें संबंधित महिला नेता की प्रतिष्ठा और निजी जीवन को लेकर कथित तौर पर आपत्तिजनक बातें कही गई थीं।
अब जांच एजेंसियां उन पोस्ट, वीडियो और अन्य डिजिटल सामग्री को खंगालेंगी, जिनके आधार पर शिकायत दर्ज हुई है। जांच का एक अहम हिस्सा यह भी होगा कि संबंधित सामग्री किसने पोस्ट की, उसका संदर्भ क्या था और उसमें लगाए गए आरोपों या टिप्पणियों का कोई दस्तावेजी आधार था या नहीं।
X को भी भेजा गया था पुलिस का नोटिस
मामले में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X की भूमिका भी सामने आई है। पंजाब पुलिस के स्टेट साइबर क्राइम कोऑर्डिनेशन सेंटर से 27 सितंबर को प्लेटफॉर्म को एक ई-मेल भेजे जाने की जानकारी सामने आई थी।
पुलिस ने संबंधित सोशल मीडिया पोस्ट को हटाने या उसकी पहुंच सीमित करने के साथ-साथ डिजिटल रिकॉर्ड सुरक्षित रखने को कहा था। नोटिस में खैरा और दो अन्य सोशल मीडिया अकाउंट से जुड़े कंटेंट का उल्लेख किया गया था।
पुलिस की ओर से यह भी कहा गया था कि संबंधित पोस्ट में महिला नेता के चरित्र और प्रतिष्ठा को लेकर कथित आपत्तिजनक एवं आधारहीन टिप्पणियां की गई थीं। पुलिस ने इन सामग्री से जुड़ी शिकायत के आधार पर कानूनी प्रक्रिया आगे बढ़ाई है।
सरकारी आवास से शुरू हुआ था विवाद
मामले की शुरुआत सितंबर के आखिरी सप्ताह में एक अलग राजनीतिक विवाद से हुई थी। सुखपाल सिंह खैरा ने चंडीगढ़ के सेक्टर-39 स्थित एक सरकारी आवास को लेकर सवाल उठाए थे।
खैरा ने आरोप लगाया था कि आम आदमी पार्टी के पंजाब प्रभारी मनीष सिसोदिया से जुड़े लोगों की ओर से ऐसे सरकारी आवास का इस्तेमाल किया जा रहा है, जो कथित तौर पर पंजाब सरकार के एक मंत्री को आवंटित था।
इसी मुद्दे पर सोशल मीडिया पर हुई बहस के दौरान AAP की महिला नेता गायत्री बिश्नोई का नाम भी सामने आया। बिश्नोई ने खैरा की टिप्पणियों पर आपत्ति जताते हुए आरोप लगाया था कि उनके चरित्र और प्रतिष्ठा को निशाना बनाया गया।
महिला नेता का कहना था कि वह अपने पिता के इलाज के दौरान परिवार की अनुमति से संबंधित आवास में रह रही थीं। इसके बाद दोनों पक्षों की ओर से आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हुआ।
खैरा ने कार्रवाई को बताया राजनीतिक
कांग्रेस विधायक सुखपाल सिंह खैरा ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए इसे राजनीतिक बदले की कार्रवाई बताया है। उनका आरोप है कि पंजाब की AAP सरकार उनकी राजनीतिक आवाज को दबाने का प्रयास कर रही है।
दूसरी ओर, पुलिस का कहना है कि FIR शिकायत और उपलब्ध सामग्री के आधार पर दर्ज की गई है। अब मामले की जांच के दौरान सोशल मीडिया पोस्ट, वीडियो, डिजिटल रिकॉर्ड और शिकायत से जुड़े अन्य तथ्यों की पड़ताल की जाएगी।
आगे क्या होगा?
FIR दर्ज होने के बाद पुलिस डिजिटल साक्ष्यों की जांच करेगी। इसमें संबंधित सोशल मीडिया अकाउंट, पोस्ट, वीडियो और उनके प्रसार से जुड़े रिकॉर्ड शामिल हो सकते हैं।
जांच के दौरान पुलिस यह भी तय करेगी कि शिकायत में लगाए गए आरोपों से संबंधित धाराओं के तहत आवश्यक कानूनी तत्व पूरे होते हैं या नहीं। जांच के निष्कर्ष के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई तय की जाएगी।
फिलहाल यह मामला राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप के साथ-साथ कानूनी जांच का विषय बन गया है। FIR में दर्ज आरोपों को अदालत में साबित किया जाना बाकी है।
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