प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्पष्ट किया है कि भारत विज्ञान और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि देश के युवा वैज्ञानिक और इनोवेटर्स नए-नए आविष्कार कर रहे हैं, जिससे भारत की वैश्विक पहचान मजबूत हो रही है। पीएम मोदी के अनुसार, वह दिन दूर नहीं जब पूरी दुनिया भारत की तकनीकी क्रांति का लोहा मानेगी। सरकार द्वारा रिसर्च और इनोवेशन को बढ़ावा देने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। अंतरिक्ष, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और डिजिटल इंडिया जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में भारत की शानदार उपलब्धियां इसका स्पष्ट प्रमाण हैं और यह प्रगति जारी रहेगी।
भारत की वैज्ञानिक छलांग: 'दुनिया देखेगी हमारी ताकत'
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल ही में अपने एक संबोधन में विज्ञान और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में भारत की बढ़ती ताकत का उल्लेख किया। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि 21वीं सदी का नया भारत अब पुरानी तकनीकों पर निर्भर नहीं है, बल्कि वह स्वयं नई तकनीकों का निर्माता बन रहा है।
अंतरिक्ष से लेकर एआई तक भारत का दबदबा
पीएम मोदी ने भारत की उपलब्धियों का जिक्र करते हुए चंद्रयान और गगनयान जैसे मिशनों की सफलता और तैयारियों को रेखांकित किया। अंतरिक्ष क्षेत्र में इसरो (ISRO) की उपलब्धियों ने पूरी दुनिया का ध्यान भारत की ओर खींचा है। इसके साथ ही, डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर (UPI) और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के क्षेत्र में भारत तेजी से आगे बढ़ रहा है। आज दुनिया के कई विकसित देश भी भारत की डिजिटल भुगतान प्रणाली को अपना रहे हैं।
युवाओं और स्टार्टअप्स पर भरोसा
प्रधानमंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि इस तकनीकी क्रांति के पीछे सबसे बड़ी ताकत देश के युवा और उनके द्वारा शुरू किए गए स्टार्टअप्स हैं। भारत आज दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा स्टार्टअप इकोसिस्टम बन चुका है। सरकार की 'मेक इन इंडिया' और 'आत्मनिर्भर भारत' जैसी पहलों ने युवाओं को रिसर्च और डेवलपमेंट (R&D) में आगे आने के लिए प्रेरित किया है।