नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रविवार को 18वें BRICS शिखर सम्मेलन के दूसरे दिन की कार्यवाही में शामिल होने के लिए नई दिल्ली स्थित भारत मंडपम पहुंचे। भारत की अध्यक्षता में आयोजित दो दिवसीय शिखर सम्मेलन का आज अंतिम दिन है।
दूसरे दिन BRICS नेता “Resilience, Innovation, Cooperation and Sustainability: Shaping the Future for Inclusive Global Growth” विषय पर खुले सत्र में चर्चा करेंगे। यह सत्र भारत मंडपम के समिट हॉल में आयोजित किया जाएगा।
चार प्रमुख स्तंभों पर होगा मंथन
खुले सत्र में BRICS देशों के नेता समूह के केंद्रीय विषय के चार प्रमुख स्तंभों—लचीलापन, नवाचार, सहयोग और स्थिरता—पर विचार-विमर्श करेंगे। चर्चा का उद्देश्य सदस्य देशों के बीच सहयोग को मजबूत करना और ऐसा वैश्विक विकास सुनिश्चित करने के रास्ते तलाशना है, जिसमें विकासशील देशों की प्राथमिकताओं और आकांक्षाओं को भी पर्याप्त स्थान मिले।
भारत की 2026 BRICS अध्यक्षता की थीम “Building for Resilience, Innovation, Cooperation and Sustainability” है। अध्यक्षता के दौरान आर्थिक, तकनीकी, सामाजिक और पर्यावरणीय क्षेत्रों में सहयोग को मजबूत करने पर जोर दिया जा रहा है।
#WATCH | BRICS Summit 2026 | Delhi: Prime Minister Narendra Modi poses for a Family Photo with world leaders at Bharat Mandapam on Day 2 of the BRICS Summit. (Source: DD News) pic.twitter.com/JW0iAqFIJb
— ANI (@ANI) September 13, 2026
कई देशों के नेताओं से मिलेंगे PM मोदी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रविवार को BRICS Summit से इतर कई देशों के नेताओं के साथ द्विपक्षीय बैठकें भी करेंगे। प्रधानमंत्री की मुलाकात दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति सिरिल रामाफोसा (Cyril Ramaphosa) से होगी। दक्षिण अफ्रीका BRICS का प्रमुख सदस्य है। रामाफोसा ने शनिवार को ‘Inclusive Global Governance & Strengthening Multilateralism’ सत्र में हिस्सा लिया था और नई दिल्ली में आयोजित ‘भारत इनोवेट्स’ प्रदर्शनी का भी दौरा किया।
इसके अलावा प्रधानमंत्री मोदी मिस्र के राष्ट्रपति अब्देल फतह अल-सिसी (Abdel Fattah El-Sisi), कजाकिस्तान के राष्ट्रपति कासिम-जोमार्ट तोकायेव (Kassym-Jomart Tokayev) और फिलीपींस के राष्ट्रपति फर्डिनेंड आर. मार्कोस जूनियर (Ferdinand R. Marcos Jr.) से भी मुलाकात करेंगे।
अफ्रीकी और एशियाई देशों के साथ द्विपक्षीय संबंधों को मिलेगी मजबूती
प्रधानमंत्री मोदी की बुरुंडी के राष्ट्रपति एवरिस्ते नदायिशिमिये (Evariste Ndayishimiye), युगांडा की उपराष्ट्रपति जेसिका अलुपो (Jessica Alupo) और नाइजीरिया के उपराष्ट्रपति काशिम शेट्टिमा (Kashim Shettima) के साथ भी बैठकें प्रस्तावित हैं। इन बैठकों के जरिए भारत अफ्रीकी और एशियाई देशों के साथ अपने द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत करने पर जोर देगा।
शनिवार को अपनाई गई नई दिल्ली घोषणा
BRICS शिखर सम्मेलन के पहले दिन शनिवार को सदस्य देशों ने सर्वसम्मति से नई दिल्ली घोषणा 2026 को अपनाया था। प्रधानमंत्री मोदी ने घोषणा को ऐसे BRICS का प्रतिबिंब बताया था जिसकी पहुंच व्यापक और उद्देश्य अधिक मजबूत है। उन्होंने कहा था कि घोषणा में नवाचार, स्थिरता और लोगों के बीच संबंधों पर जोर दिया गया है। प्रधानमंत्री ने BRICS देशों और उनके नेताओं का घोषणा को अपनाने के लिए आभार भी व्यक्त किया।
पश्चिम एशिया और वैश्विक व्यापार पर भी रुख
नई दिल्ली घोषणा में पश्चिम एशिया में जारी तनाव पर गहरी चिंता जताई गई और सभी पक्षों से अधिकतम संयम बरतने तथा ऐसी कार्रवाइयों से बचने का आह्वान किया गया, जिससे स्थिति और बिगड़ सकती है। घोषणा में इजरायल-फिलिस्तीन संघर्ष के स्थायी समाधान के लिए दो-राज्य समाधान के प्रति समर्थन दोहराया गया। फिलिस्तीन के लिए अंतरराष्ट्रीय संस्थागत समर्थन बढ़ाने और गाजा में मानवीय सहायता सुनिश्चित करने की इजरायल की कानूनी जिम्मेदारी पर भी जोर दिया गया।
BRICS देशों ने एकतरफा आर्थिक प्रतिबंधों को तत्काल समाप्त करने की मांग की और बढ़ती संरक्षणवादी नीतियों पर चिंता जताई। घोषणा में मनमाने शुल्क बढ़ाने और पर्यावरण के नाम पर लगाए जाने वाले व्यापार अवरोधों से वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाओं तथा विकासशील देशों पर पड़ने वाले प्रभाव को लेकर भी चिंता व्यक्त की गई।
वैश्विक मंच पर BRICS की भूमिका
भारत की BRICS अध्यक्षता 1 जनवरी 2026 से शुरू हुई है। इसके तहत समूह के कामकाज में मानवीय और विकास-केंद्रित दृष्टिकोण को प्रमुखता दी जा रही है। दूसरे दिन की चर्चाओं और प्रधानमंत्री मोदी की द्विपक्षीय बैठकों से भारत के लिए वैश्विक आर्थिक सहयोग, बहुपक्षीय व्यवस्था में सुधार और विकासशील देशों से जुड़े मुद्दों पर अपनी भूमिका को और मजबूत करने का अवसर मिलेगा।
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