नई दिल्ली: BRICS देशों द्वारा नई दिल्ली घोषणा 2026 को सर्वसम्मति से अपनाए जाने और अप्रैल 2025 के पहलगाम आतंकवादी हमले की कड़ी निंदा किए जाने से हमले में जान गंवाने वाले लोगों के परिवारों ने संतोष और भावनात्मक राहत व्यक्त की है।
BRICS घोषणा में आतंकवाद के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति का आह्वान किया गया है। साथ ही आतंकवाद के सीमा-पार नेटवर्क, आतंकवाद के वित्तपोषण और आतंकवादियों को सुरक्षित पनाह देने के खिलाफ वैश्विक स्तर पर ठोस कार्रवाई की जरूरत पर जोर दिया गया।
26 पीड़ित परिवारों की ओर से प्रधानमंत्री को धन्यवाद
पहलगाम हमले में अपने पति शुभम द्विवेदी को खोने वाली ऐश्वर्या द्विवेदी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार जताया। उन्होंने कहा कि भारत के भीतर से ही वैश्विक मंच पर आतंकवाद जैसे महत्वपूर्ण मुद्दे को उठाया जाना 26 पीड़ित परिवारों के लिए महत्वपूर्ण है।
उन्होंने कहा कि यह उनके 26 प्रियजनों के बलिदान के सम्मान के साथ-साथ आतंकवाद के खिलाफ सरकार की लगातार निर्णायक कार्रवाई का संकेत है। ऐश्वर्या ने BRICS में प्रमुख देशों के नेताओं द्वारा आतंकवाद के खिलाफ एकजुट होकर ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति का समर्थन किए जाने को एक शक्तिशाली उदाहरण बताया।
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— ANI Digital (@ani_digital) September 13, 2026
केवल प्रस्ताव पारित करना पर्याप्त नहीं: संजय द्विवेदी
हमले में अपने बेटे शुभम द्विवेदी को खोने वाले संजय द्विवेदी ने भी BRICS के रुख का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि इससे प्रभावित परिवारों को संतोष मिला है और आतंकवाद के खिलाफ भारत सरकार की लड़ाई को वैश्विक समर्थन मिल रहा है।
हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि केवल प्रस्ताव पारित करने से आतंकवाद समाप्त नहीं होगा। उनके मुताबिक, शक्तिशाली देशों को आतंकवाद के खिलाफ वास्तविक और प्रभावी कदम उठाने होंगे।
BRICS घोषणा में पहलगाम हमले की कड़ी निंदा
BRICS नेताओं ने 22 अप्रैल 2025 को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले की कड़े शब्दों में निंदा की। इस हमले में 26 लोगों की मौत हुई थी और कई अन्य घायल हुए थे।
घोषणा में BRICS ने आतंकवाद के सभी रूपों और अभिव्यक्तियों के खिलाफ लड़ाई की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। इसमें आतंकवादियों की सीमा-पार आवाजाही, आतंकवाद के वित्तपोषण और सुरक्षित ठिकानों जैसे मुद्दों को भी शामिल किया गया। BRICS ने आतंकवाद के खिलाफ दोहरे मानदंडों को खारिज करते हुए शून्य-सहिष्णुता का आह्वान किया।
वैश्विक मंच पर भारत की प्राथमिकता
नई दिल्ली घोषणा 2026 में आतंकवाद के मुद्दे का स्पष्ट उल्लेख भारत की सुरक्षा चिंताओं को वैश्विक मंच पर उठाने के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। BRICS का यह साझा रुख आतंकवाद के वित्तपोषण और सीमा-पार आतंकवादी नेटवर्क के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय सहयोग को मजबूत करने की दिशा में अहम संदेश देता है।
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