बीजिंग, चीन: चीन ने ईरान द्वारा मोजतबा खामेनेई को देश का नया सुप्रीम लीडर नियुक्त किए जाने पर सावधानीपूर्ण प्रतिक्रिया दी है। चीन ने इस घटनाक्रम को ईरान का आंतरिक मामला बताते हुए उसकी संप्रभुता के सम्मान की अपील की है। यह जानकारी चाइना डेली की रिपोर्ट में दी गई है। सोमवार को बीजिंग में नियमित प्रेस ब्रीफिंग के दौरान चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता गुओ जियाकुन ने कहा कि चीन ने ईरान में नेतृत्व परिवर्तन से जुड़ी मीडिया रिपोर्टों पर ध्यान दिया है। उन्होंने जोर देकर कहा कि ईरान के शीर्ष नेतृत्व से जुड़ा फैसला देश के अंदर ही और उसके कानूनी ढांचे के अनुसार लिया गया है।
चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा, “यह फैसला ईरान की ओर से उसके संविधान के आधार पर लिया गया है।” उन्होंने आगे कहा कि बीजिंग अन्य देशों के आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप नहीं करता और उसका मानना है कि ईरान की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता का सम्मान किया जाना चाहिए। चीनी अधिकारियों के अनुसार, ईरान के भीतर नेतृत्व में बदलाव देश की राजनीतिक और धार्मिक संस्थाओं के अधिकार क्षेत्र में आता है और इस पर बाहरी दबाव या हस्तक्षेप नहीं होना चाहिए।
#FMsays Foreign Ministry spokesman Guo Jiakun said on Monday that it is a decision made by #Iran based on its own constitution after Iran has named Mojtaba Khamenei as its new supreme leader. pic.twitter.com/YJMiDQdvQd
— China Daily (@ChinaDaily) March 9, 2026
ईरान की असेंबली ऑफ एक्सपर्ट्स, जो सुप्रीम लीडर का चयन करने वाली धार्मिक संस्था है, उसने रविवार को मोजतबा खामेनेई की नियुक्ति की घोषणा की। 56 वर्षीय धर्मगुरु पूर्व सुप्रीम लीडर अली खामेनेई के बेटे हैं, जिनकी हाल ही में ईरान, अमेरिका और इज़रायल के बीच बढ़ते क्षेत्रीय संघर्ष के दौरान हुए सैन्य हमलों में मौत हो गई थी।
यह नेतृत्व परिवर्तन ईरान की राजनीतिक व्यवस्था में एक महत्वपूर्ण क्षण माना जा रहा है, क्योंकि मोजतबा खामेनेई इस्लामिक रिपब्लिक के तीसरे सुप्रीम लीडर बन गए हैं। चीन का यह बयान ऐसे समय आया है जब मध्य पूर्व में तनाव बढ़ता जा रहा है और इज़रायल ने कथित तौर पर चेतावनी दी है कि वह दिवंगत ईरानी नेता के किसी भी उत्तराधिकारी को निशाना बना सकता है। इन धमकियों पर प्रतिक्रिया देते हुए गुओ ने कहा कि चीन ऐसे किसी भी कदम का विरोध करता है जो क्षेत्र को और अस्थिर कर सकता है।
चीनी विदेश मंत्रालय के अनुसार, “चीन किसी भी बहाने से दूसरे देशों के आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप का विरोध करता है और ईरान की संप्रभुता, सुरक्षा और क्षेत्रीय अखंडता का सम्मान किया जाना चाहिए।” बीजिंग और तेहरान के बीच लंबे समय से कूटनीतिक संबंध बने हुए हैं और चीन क्षेत्रीय संघर्षों में अक्सर संवाद और संयम की अपील करता रहा है। चीन की ताजा टिप्पणी उसकी लंबे समय से चली आ रही गैर-हस्तक्षेप नीति को दर्शाती है, साथ ही ईरान में नेतृत्व परिवर्तन को स्वीकार भी करती है।
#FMsays Foreign Ministry spokesman Guo Jiakun said China strongly condemned the attack on the United Nations Interim Force in #Lebanon. He added that any deliberate attack against #UN peacekeeping personnel seriously violates international humanitarian law and UN Security Council… pic.twitter.com/5Vkr1jb0CX
— China Daily (@ChinaDaily) March 9, 2026
मोजतबा खामेनेई की नियुक्ति ऐसे समय में हुई है जब पूरे मध्य पूर्व में भू-राजनीतिक तनाव और अनिश्चितता बढ़ी हुई है। चीन ने इस फैसले के राजनीतिक प्रभावों पर कोई अतिरिक्त टिप्पणी नहीं की है और अपने बयान को इसी तक सीमित रखा है कि यह मामला ईरान का आंतरिक विषय है।