तेहरान, ईरान: ईरान के अधिकारी बीता हेमाती (Bita Hemmati) नाम की एक महिला प्रदर्शनकारी को फांसी देने की तैयारी कर रहे हैं। माना जा रहा है कि जनवरी में भड़के देशव्यापी विरोध प्रदर्शनों के बाद मौत की सजा पाने वाली वह पहली महिला हैं। इन प्रदर्शनों के दौरान करीब 1,600 लोगों को मौत की सजा सुनाए जाने की खबर है। हेमाती पर विस्फोटक और हथियारों के इस्तेमाल से लेकर “राष्ट्रीय सुरक्षा को बाधित करने” तक कई गंभीर आरोप लगाए गए हैं।
मानवाधिकार संगठनों का कहना है कि ऐसे मामलों में अक्सर पारदर्शिता और उचित कानूनी प्रक्रिया की कमी होती है। जनवरी में शुरू हुए ये प्रदर्शन तेजी से कई शहरों में फैल गए थे। इसके बाद सरकारी सुरक्षा एजेंसियों ने कड़ी कार्रवाई की, जिसमें बड़े पैमाने पर गिरफ्तारियां, जल्दबाजी में मुकदमे और बढ़ती संख्या में मौत की सजाएं शामिल हैं।
Four individuals detained during the January 2026 protests in Iran have been sentenced to death by Branch 26 of the Tehran Revolutionary Court, presided over by Judge Iman Afshari, along with additional prison terms and asset confiscation. Mohammadreza Majidi-Asl, Bita Hemmati,… pic.twitter.com/HL4AptWlJi
— Center for Human Rights in Iran (@ICHRI) April 13, 2026
कौन हैं बीता हेमाती?
विपक्षी संगठन नेशनल काउंसिल ऑफ रेजिस्टेंस ऑफ ईरान (NCRI) के एक प्रेस बयान के अनुसार, बीता हेमाती पर कई आरोप लगाए गए हैं, जिनमें विस्फोटक और हथियारों का इस्तेमाल, कंक्रीट के टुकड़े फेंकना, विरोध प्रदर्शनों में शामिल होना और राष्ट्रीय सुरक्षा को नुकसान पहुंचाना शामिल है।
उनके पति मोहम्मदरेज़ा माजिद असल (34) और उनके अपार्टमेंट में रहने वाले दो अन्य लोग—बेहरूज़ और कुरोश ज़मानिनेझाद—को भी एक त्वरित सुनवाई के बाद मौत की सजा सुनाई गई और उनकी संपत्ति जब्त कर ली गई।
Four Iranian protestors detained in connection with the nationwide uprising in January have been sentenced to death, the US-based rights group the Human Rights Activists News Agency (HRANA) reported.According to the report, Mohammadreza Majidi-Asl, Bita Hemmati, Behrouz… pic.twitter.com/7xoAf3FFhC
— Iran International English (@IranIntl_En) April 13, 2026
हेमाती के रिश्तेदार को 6 साल की जेल
एक अन्य आरोपी, हेमाती के रिश्तेदार अमीर हेमाती को 'राष्ट्रीय सुरक्षा के खिलाफ साजिश' और 'सरकार के खिलाफ प्रचार' के आरोप में करीब छह साल की जेल की सजा दी गई है। अमरीका स्थित ह्यूमन राइट्स एक्टिविस्ट्स न्यूज एजेंसी के अनुसार, इन सभी पर “अमरीका और अन्य विरोधी समूहों के लिए काम करने” का भी आरोप लगाया गया है।
इन सभी को राजधानी तेहरान से गिरफ्तार किया गया था, जहां सरकार के खिलाफ सबसे बड़े प्रदर्शन हुए थे। ईरान में ये देशव्यापी विरोध प्रदर्शन दिसंबर 2025 के अंत में तेहरान में दुकानदारों और व्यापारियों की हड़ताल से शुरू हुए थे, जो बाद में सड़कों पर उतरकर पूरे देश में फैल गए।
🇮🇷‼️ | Bita Hemmati se ha convertido en la primera mujer condenada a la horca en relación con las movilizaciones antigubernamentales que estallaron en enero, un caso que se suma a la cifra estimada de 1.600 sentencias de muerte dictadas por la República Islámica en el último año. pic.twitter.com/WOlK3PA3AP
— UHN Plus (@UHN_Plus) April 15, 2026