तेहरान, ईरान: पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के सातवें दिन ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेज़ेश्कियन ने पड़ोसी देशों को लेकर नरम रुख दिखाया है। उन्होंने कहा कि देश ने पड़ोसी देशों पर आगे कोई हमला नहीं करने का फैसला किया है, हालांकि यदि किसी पड़ोसी देश से ईरान पर हमला होता है तो जवाबी कार्रवाई की जाएगी।
एक टेलीविज़न संबोधन में पेज़ेश्कियन ने कहा, “मैं पड़ोसी देशों से माफी मांगता हूं। हमारा किसी भी देश पर हमला करने या उन्हें नुकसान पहुंचाने का इरादा नहीं है। नेतृत्व परिषद ने फैसला किया है कि अब पड़ोसी देशों पर कोई मिसाइल हमला नहीं किया जाएगा, जब तक कि वहां से ईरान पर हमला न हो।” हालांकि, राष्ट्रपति ने यह भी स्पष्ट कर दिया कि ईरान आत्मसमर्पण नहीं करेगा।
#BreakingNews | Iran’s President Masoud Pezeshkian apologised to neighbouring countries for recent attacks amid the escalating regional conflict, saying #Tehran had no intention of invading other nations even as hostilities with Israel and the United States intensified.#Iran… ICCSmYs">pic.twitter.com/X5IICcSmYs
— DD News (@DDNewslive) March 7, 2026
ईरान आत्मसमर्पण नहीं करेगा- राष्ट्रपति मसूद पेज़ेश्कियन
राष्ट्रपति मसूद ने कहा कि जो लोग ईरान से बिना शर्त सरेंडर की उम्मीद कर रहे हैं, वे “इस सपने को अपनी कब्र तक ले जाएंगे।” यह बयान उस समय आया है जब डोनाल्ड ट्रंप ने कहा था कि ईरान के साथ किसी भी समझौते से पहले उसे “बिना शर्त आत्मसमर्पण” करना होगा। ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म Truth Social पर पोस्ट करते हुए कहा था कि ईरान के साथ किसी भी समझौते की शर्त यही होगी कि वहां की मौजूदा नेतृत्व व्यवस्था पूरी तरह झुक जाए।
'We're destroying more of Iran's missiles and drone capability every single hour, knocking them out like nobody thought was possible,' President Trump said, asserting that Iran is reaching out to the US about making a deal, but 'a little bit late' pic.twitter.com/T1a5fUeD2B
— Reuters (@Reuters) March 6, 2026
सैन्य कार्रवाई अभी भी जारी है
इस बीच, क्षेत्र में सैन्य टकराव जारी है। इज़राइल रक्षा बल (IDF) के अनुसार, इजराइल ने शुक्रवार रात तेहरान और मध्य ईरान में कई सैन्य ठिकानों पर हवाई हमले किए, जिनमें एक भूमिगत बैलिस्टिक मिसाइल फैक्ट्री और सैन्य अकादमी भी शामिल थी। इन हमलों में 80 से अधिक लड़ाकू विमानों ने करीब 230 बम गिराए।
वहीं ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर (IRGC) ने दावा किया कि उसने “ऑपरेशन ट्रू प्रॉमिस-4” के तहत नई पीढ़ी की मिसाइल प्रणालियों से क्षेत्र में अमेरिकी ठिकानों और अन्य लक्ष्यों पर हमले किए हैं। कुल मिलाकर, पश्चिम एशिया में जारी इस संघर्ष के बीच ईरान का यह बयान तनाव कम करने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि क्षेत्र में सैन्य कार्रवाई अभी भी जारी है।