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ईरान का बड़ा बयान: पड़ोसी देशों पर नहीं होंगे और हमले, सरेंडर से किया साफ इनकार...

By: GTC News Desk  |  Edited By: Preeti Kamal  |  Updated at: March 07th 2026 04:03 PM

ईरान का बड़ा बयान: पड़ोसी देशों पर नहीं होंगे और हमले, सरेंडर से किया साफ इनकार...
ईरान का बड़ा बयान: पड़ोसी देशों पर नहीं होंगे और हमले, सरेंडर से किया साफ इनकार...

तेहरान, ईरान: पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के सातवें दिन ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेज़ेश्कियन ने पड़ोसी देशों को लेकर नरम रुख दिखाया है। उन्होंने कहा कि देश ने पड़ोसी देशों पर आगे कोई हमला नहीं करने का फैसला किया है, हालांकि यदि किसी पड़ोसी देश से ईरान पर हमला होता है तो जवाबी कार्रवाई की जाएगी। 

एक टेलीविज़न संबोधन में पेज़ेश्कियन ने कहा, “मैं पड़ोसी देशों से माफी मांगता हूं। हमारा किसी भी देश पर हमला करने या उन्हें नुकसान पहुंचाने का इरादा नहीं है। नेतृत्व परिषद ने फैसला किया है कि अब पड़ोसी देशों पर कोई मिसाइल हमला नहीं किया जाएगा, जब तक कि वहां से ईरान पर हमला न हो।” हालांकि, राष्ट्रपति ने यह भी स्पष्ट कर दिया कि ईरान आत्मसमर्पण नहीं करेगा। 

ईरान आत्मसमर्पण नहीं करेगा- राष्ट्रपति मसूद पेज़ेश्कियन

राष्ट्रपति मसूद ने कहा कि जो लोग ईरान से बिना शर्त सरेंडर की उम्मीद कर रहे हैं, वे “इस सपने को अपनी कब्र तक ले जाएंगे।” यह बयान उस समय आया है जब डोनाल्ड ट्रंप ने कहा था कि ईरान के साथ किसी भी समझौते से पहले उसे “बिना शर्त आत्मसमर्पण” करना होगा। ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म Truth Social पर पोस्ट करते हुए कहा था कि ईरान के साथ किसी भी समझौते की शर्त यही होगी कि वहां की मौजूदा नेतृत्व व्यवस्था पूरी तरह झुक जाए।

 सैन्य कार्रवाई अभी भी जारी है

इस बीच, क्षेत्र में सैन्य टकराव जारी है। इज़राइल रक्षा बल (IDF) के अनुसार, इजराइल ने शुक्रवार रात तेहरान और मध्य ईरान में कई सैन्य ठिकानों पर हवाई हमले किए, जिनमें एक भूमिगत बैलिस्टिक मिसाइल फैक्ट्री और सैन्य अकादमी भी शामिल थी। इन हमलों में 80 से अधिक लड़ाकू विमानों ने करीब 230 बम गिराए।

वहीं ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर (IRGC) ने दावा किया कि उसने “ऑपरेशन ट्रू प्रॉमिस-4” के तहत नई पीढ़ी की मिसाइल प्रणालियों से क्षेत्र में अमेरिकी ठिकानों और अन्य लक्ष्यों पर हमले किए हैं। कुल मिलाकर, पश्चिम एशिया में जारी इस संघर्ष के बीच ईरान का यह बयान तनाव कम करने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि क्षेत्र में सैन्य कार्रवाई अभी भी जारी है।