नई दिल्ली: नेपाल के विदेश मंत्री शिशिर खनाल ने भारत के साथ लंबे समय से लंबित द्विपक्षीय मुद्दों के समाधान के लिए निष्क्रिय पड़े तंत्रों को फिर से सक्रिय करने की आवश्यकता पर जोर दिया है। साथ ही उन्होंने दोनों देशों के बीच उच्चस्तरीय राजनीतिक संवाद और यात्राओं को दोबारा शुरू करने की वकालत की है। यह बात उन्होंने भारत की अपनी तीन दिवसीय आधिकारिक यात्रा के समापन पर कही।
मीडिया से बातचीत में शिशिर खनाल ने कहा कि भारत और नेपाल के बीच कई द्विपक्षीय तंत्र लंबे समय से निष्क्रिय पड़े हैं, लेकिन दोनों देशों में सकारात्मक संवाद की इच्छा मौजूद है। उन्होंने बताया कि विदेश मंत्री एस. जयशंकर और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार के साथ हुई बैठकों में दोनों पक्षों ने सहमति जताई कि द्विपक्षीय मुद्दों के समाधान के लिए मौजूदा तंत्रों का प्रभावी उपयोग किया जाना चाहिए।
#WATCH | Delhi: Nepal's Foreign Minister Shisir Khanal says, "The boundary issues, these are very long, outstanding issues. So what we proposed is that even on the boundary issues, there are mechanisms that existed between the two countries, but many of these mechanisms have… pic.twitter.com/Obgi2S78s0
— ANI (@ANI) June 7, 2026
VIDEO | Delhi: Nepal's Foreign Minister Shisir Khanal says, "The meeting with the External Affairs Minister Jaishankar was extremely positive. We discussed a variety of issues that exist between Nepal and India, a spirit of collaboration and strengthening of our bilateral… pic.twitter.com/Wq3XgMeABK
— Press Trust of India (@PTI_News) June 7, 2026
सीमा से जुड़े मुद्दों पर मौजूदा तंत्रों का उपयोग किया जाए- शिशिर खनाल
शिशिर खनाल ने कहा, "सीमा से जुड़े मुद्दे लंबे समय से लंबित हैं। हमने सुझाव दिया है कि इन मुद्दों पर भी दोनों देशों के बीच पहले से मौजूद तंत्रों का उपयोग किया जाए। कई तंत्र निष्क्रिय हैं, हालांकि एक तंत्र अभी भी सक्रिय रूप से काम कर रहा है और हम उसके प्रयासों की सराहना करते हैं। दोनों पक्षों की भावना यही है कि बातचीत की मेज पर बैठकर मुद्दों पर चर्चा करने में कोई नुकसान नहीं है।"
उन्होंने भारत-नेपाल संबंधों को गतिशील बताते हुए उम्मीद जताई कि दिल्ली में हुई चर्चाओं के सकारात्मक परिणाम आने वाले महीनों में देखने को मिलेंगे।
VIDEO | Delhi: Nepal's Foreign Minister Shisir Khanal says, "We look at India with an open heart, clear eyes, and a single transparent agenda. The economic transformation of Nepal. When we look across the border, we see a rising India. An India that has fundamentally and… pic.twitter.com/DwqzjVrF8m
— Press Trust of India (@PTI_News) June 7, 2026
शिशिर खनाल के भारत दौरे के दो मुख्य उद्देश्य हैं
शिशिर खनाल ने बताया कि उनकी यात्रा के दो प्रमुख उद्देश्य थे। पहला, पिछले करीब दो वर्षों से रुकी हुई उच्चस्तरीय राजनीतिक यात्राओं को फिर से शुरू करना और दूसरा, प्रधानमंत्री बलेंद्र "बालेन" शाह के नेतृत्व वाली नई सरकार की प्राथमिकताओं से भारत को अवगत कराना।
उन्होंने कहा, "करीब दो वर्ष पहले दोनों देशों के बीच आखिरी उच्चस्तरीय यात्रा हुई थी। राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार, विदेश मंत्री और उनकी टीम के साथ हमारी बैठकें बेहद सकारात्मक और सार्थक रहीं। हमने कनेक्टिविटी, द्विपक्षीय संबंधों, ऊर्जा और बहुपक्षीय सहयोग समेत कई विषयों पर चर्चा की।
Delhi: Nepal's Foreign Minister Shishir Khanal says, "We look at India with an open heart, clear eyes and a single transparent agenda, the economic transformation of Nepal. When we look across the border, we see a rising India, an India that has fundamentally and beautifully… pic.twitter.com/DaAHXohwlG
— IANS (@ians_india) June 7, 2026
जनकपुर-अयोध्या रेल संपर्क परियोजना का विशेष उल्लेख
कनेक्टिविटी को महत्वपूर्ण बताते हुए उन्होंने जनकपुर-अयोध्या रेल संपर्क परियोजना का विशेष उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि नेपाल इस परियोजना को जल्द शुरू होते देखना चाहता है।
#WATCH | Delhi: Nepal's Foreign Minister Shisir Khanal says, "We hope to see Janakpur-Ayodhya rail connectivity very soon. That's something we discussed. We are very eager to see that resume from Janakpur and through that to other areas as well."On the expected visit by Nepal's… pic.twitter.com/z75yikVYNg
— ANI (@ANI) June 7, 2026
"हम उम्मीद करते हैं कि जनकपुर-अयोध्या रेल संपर्क जल्द शुरू होगा"
शिशिर खनाल ने कहा, "हम उम्मीद करते हैं कि जनकपुर-अयोध्या रेल संपर्क जल्द शुरू होगा। इस विषय पर हमारी विस्तृत चर्चा हुई है। हम चाहते हैं कि यह रेल सेवा जल्द शुरू हो और भविष्य में अन्य क्षेत्रों तक भी इसका विस्तार हो।" उन्होंने विश्वास जताया कि उनकी यह यात्रा भारत और नेपाल के बीच नियमित उच्चस्तरीय संवाद की नई शुरुआत साबित होगी।
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