नई दिल्ली: भारत में इज़राइल के राजदूत रूवेन अज़ार (Reuven Azar) ने इज़राइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू की मौत से जुड़ी सोशल मीडिया अफवाहों को खारिज करते हुए कहा है कि वह “पूरी तरह जीवित” हैं और उनका हालिया वीडियो असली है। राजदूत ने वायरल हो रही उन खबरों का खंडन किया जिनमें प्रधानमंत्री के स्वास्थ्य और स्थिति को लेकर सवाल उठाए जा रहे थे। उन्होंने साफ किया कि हाल ही में कैफे में दिखाया गया नेतन्याहू का वीडियो वास्तविक है और इसे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की मदद से नहीं बनाया गया है।
उन्होंने कहा, “प्रधानमंत्री नेतन्याहू जीवित हैं। मैं उनसे इज़राइल में कई बार व्यक्तिगत रूप से मिल चुका हूं। कैफे वाला यह वीडियो AI से बनाया गया नहीं है। सोशल मीडिया पर काफी गलत जानकारी फैलाई जा रही है।”
"Very much alive": Israel's Envoy to India refutes Netanyahu death rumours, confirms cafe video is not AIRead @ANI Story I https://t.co/O804hEU3VY#Netanyahu #BenjaminNetanyahu #ReuvenAzar #Israel pic.twitter.com/QvQjP9N26F
— ANI Digital (@ani_digital) March 16, 2026
सोशल मीडिया पर फैली थीं अफवाहें
हाल के दिनों में सोशल मीडिया पर कई पोस्ट वायरल हुए, जिनमें दावा किया गया कि नेतन्याहू का हालिया सार्वजनिक संबोधन AI से तैयार किया गया था। कुछ पोस्ट में तो यहां तक कहा गया कि उनकी मृत्यु हो चुकी है। इन दावों के चलते कई प्लेटफॉर्म पर वीडियो की वास्तविकता को लेकर बहस छिड़ गई।
कैफे वाला वीडियो बना चर्चा का विषय
विवाद तब और बढ़ गया जब नेतन्याहू ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पहले ट्विटर) पर एक छोटा वीडियो साझा किया। इस वीडियो में वह एक कैफे में आराम से कॉफी पीते नजर आ रहे हैं। वीडियो में प्रधानमंत्री ने कुछ क्षणों के लिए हाथ उठाकर पांच उंगलियां भी दिखाईं। कई पर्यवेक्षकों का मानना है कि यह इशारा उन आरोपों के जवाब में किया गया था, जिनमें कहा जा रहा था कि उनके पहले वाले वीडियो में AI की गड़बड़ी के कारण छह उंगलियां दिखाई दे रही थीं।
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— Benjamin Netanyahu - בנימין נתניהו (@netanyahu) March 15, 2026
‘डीपफेक’ के आरोपों को बताया निराधार
विवाद की शुरुआत तब हुई जब कुछ आलोचकों ने नेतन्याहू के पहले के वीडियो में कथित दृश्य असंगतियों की ओर इशारा करते हुए कहा कि इसमें डीपफेक तकनीक का इस्तेमाल हो सकता है। हालांकि, इज़राइली राजनयिक अधिकारियों ने इन आरोपों को पूरी तरह निराधार बताया है। राजदूत रियुवेन अजार ने दोहराया कि कैफे वाला वीडियो स्पष्ट रूप से दिखाता है कि प्रधानमंत्री जीवित हैं और किसी तरह की AI छेड़छाड़ की बातें पूरी तरह बेबुनियाद हैं।