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ताइवान के पास 5 चीनी युद्धपोत सक्रिय, MND ने की पुष्टि, क्षेत्र में बढ़ा तनाव

By: GTC News Desk  |  Edited By: Preeti Kamal  |  Updated at: March 04th 2026 05:53 PM

ताइवान के पास 5 चीनी युद्धपोत सक्रिय, MND ने की पुष्टि, क्षेत्र में बढ़ा तनाव
ताइवान के पास 5 चीनी युद्धपोत सक्रिय, MND ने की पुष्टि, क्षेत्र में बढ़ा तनाव

ताइपे, ताइवान: राष्ट्रीय रक्षा मंत्रालय (MND) ने बुधवार सुबह 6 बजे (स्थानीय समय) ताइवान के आसपास उसके क्षेत्रीय जलक्षेत्र में पांच चीनी नौसैनिक पोत और एक आधिकारिक जहाज़ की मौजूदगी का पता लगाया। ताइवान की रक्षा सेनाओं ने स्थिति पर नजर रखी और आवश्यक प्रतिक्रिया दी।

सोशल मीडिया X पर एक पोस्ट में MND ने बताया, “आज सुबह 6 बजे (UTC 8) तक ताइवान के आसपास 5 PLAN (People’s Liberation Army Navy) पोत और 1 आधिकारिक जहाज़ की गतिविधि का पता चला। हमने स्थिति की निगरानी की और जवाबी कार्रवाई की। इस समयावधि में ताइवान के आसपास कोई PLA विमान संचालित नहीं हुआ, इसलिए उड़ान पथ का चित्र उपलब्ध नहीं कराया गया है।”

इससे पहले मंगलवार को भी MND ने ताइवान के आसपास पांच चीनी नौसैनिक पोतों की मौजूदगी दर्ज की थी। एक अन्य पोस्ट में MND ने कहा, “आज सुबह 6 बजे (UTC 8) तक ताइवान के आसपास 5 PLAN पोत संचालित होते हुए पाए गए। ROC (Republic of China) सशस्त्र बलों ने स्थिति की निगरानी की और प्रतिक्रिया दी। इस समय के दौरान कोई PLA विमान नहीं पाया गया, इसलिए उड़ान पथ का चित्र उपलब्ध नहीं कराया गया है।”

 'ताइवान चीन का अभिन्न हिस्सा है'- बीजिंग

चीन का ताइवान पर दावा ऐतिहासिक, राजनीतिक और कानूनी तर्कों पर आधारित एक जटिल मुद्दा है। बीजिंग का कहना है कि ताइवान चीन का अभिन्न हिस्सा है, और यह दृष्टिकोण उसकी राष्ट्रीय नीति, घरेलू कानूनों तथा अंतरराष्ट्रीय बयानों में निहित है।

हालांकि, ताइवान अपनी अलग पहचान बनाए हुए है और अपनी सरकार, सेना और अर्थव्यवस्था के साथ स्वतंत्र रूप से कार्य करता है। ताइवान की स्थिति अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बहस का प्रमुख विषय बनी हुई है, जो संप्रभुता, आत्मनिर्णय और गैर-हस्तक्षेप जैसे सिद्धांतों की परीक्षा लेती है। यह जानकारी यूनाइटेड सर्विस इंस्टीट्यूशन ऑफ इंडिया के अनुसार है।

चीन-जापान युद्ध के बाद ताइवान जापान को सौंपा गया

चीन का ताइवान पर दावा 1683 में Qing Dynasty द्वारा मिंग वफादार कोक्सिंगा को हराने के बाद ताइवान के अधिग्रहण से जुड़ा है। हालांकि, उस समय ताइवान सीमित नियंत्रण वाला एक परिधीय क्षेत्र था।

1895 में प्रथम चीन-जापान युद्ध के बाद किंग राजवंश ने ताइवान को जापान को सौंप दिया, जिसके बाद ताइवान 50 वर्षों तक जापानी उपनिवेश रहा। द्वितीय विश्व युद्ध में जापान की हार के बाद ताइवान को चीनी नियंत्रण में वापस किया गया, लेकिन संप्रभुता का हस्तांतरण औपचारिक रूप से स्थापित नहीं हुआ। 1949 में चीनी गृहयुद्ध के परिणामस्वरूप मुख्यभूमि पर People's Republic of China (PRC) की स्थापना हुई, जबकि Republic of China (ROC) ताइवान में स्थापित हुई और पूरे चीन पर शासन का दावा करती रही। इससे मुख्यभूमि पर PRC और ताइवान पर ROC की संप्रभुता की दावेदारी बनी जिसे दोहरे संप्रभुता दावे की स्थिति भी कह सकते हैं।

ताइवान व्यवहारिक रूप से एक स्वतंत्र राष्ट्र की तरह कार्य करता है, लेकिन चीन के साथ संभावित सैन्य टकराव से बचने के लिए औपचारिक स्वतंत्रता की घोषणा से परहेज करता रहा है।