वॉशिंगटन डीसी: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ जारी संघर्ष को लेकर अपने आगामी कदमों पर कोई स्पष्ट जानकारी देने से इनकार किया, लेकिन दावा किया कि स्थिति “बहुत अच्छी तरह आगे बढ़ रही है।” उन्होंने कहा कि ईरान मुश्किल स्थिति में है और संघर्ष ज्यादा लंबा नहीं चलेगा।

व्हाइट हाउस से मरीन वन के जरिए रवाना होने से पहले पत्रकारों से बातचीत में ट्रंप से ईरान को लेकर उनकी अगली रणनीति के बारे में सवाल किया गया। ट्रंप ने कहा कि अगर वह अपनी योजना का खुलासा कर देंगे तो यह बड़ी खबर बन जाएगी। उन्होंने कहा कि मौजूदा स्थिति उनके अनुसार अच्छी तरह आगे बढ़ रही है, जबकि ईरान की स्थिति ठीक नहीं है। हालांकि, उन्होंने प्रशासन के संभावित अगले कदमों या किसी निश्चित समयसीमा की जानकारी नहीं दी।

ईरान संकट खत्म होते ही तेल की कीमतें घटने का दावा

ट्रंप ने वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति को लेकर भी बात की। उन्होंने कहा कि ईरान की स्थिति खत्म होने के बाद जल्द ही बड़ी मात्रा में तेल उपलब्ध होगा और कच्चे तेल की कीमतें पहले के स्तर पर लौट सकती हैं। उन्होंने संकेत दिया कि कीमतें पहले से भी नीचे जा सकती हैं। हालांकि, ट्रंप ने यह स्पष्ट नहीं किया कि ईरान से जुड़ी स्थिति किस समय और किन परिस्थितियों में समाप्त होगी।

यूरोप से डीजल बाजार में उतारने की अपील

अमेरिकी राष्ट्रपति ने यूरोप से वैश्विक बाजार में अतिरिक्त डीजल उपलब्ध कराने की अपनी अपील का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि यूरोप के पास पर्याप्त डीजल है और वह बाजार में अतिरिक्त ईंधन उपलब्ध कराकर वैश्विक स्तर पर महत्वपूर्ण योगदान दे सकता है। ट्रंप ने यह भी स्पष्ट किया कि अमेरिका डीजल निर्यात पर प्रतिबंध लगाने की योजना नहीं बना रहा है।

डीजल निर्यात प्रतिबंध पर ट्रंप ने दी सफाई

अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा कि डीजल निर्यात पर प्रतिबंध वास्तव में गंभीर विकल्प के तौर पर विचाराधीन नहीं था। उन्होंने यूरोपीय देशों की भूमिका की सराहना करते हुए कहा कि वे डीजल का इस्तेमाल कई अन्य क्षेत्रों की तुलना में अधिक करते हैं और इसके बावजूद अतिरिक्त आपूर्ति बाजार में ला सकते हैं। ट्रंप ने यूरोपीय देशों के साथ अमेरिका के अच्छे संबंधों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि उनकी अपील पर यूरोप ने सकारात्मक प्रतिक्रिया दी क्योंकि वहां पर्याप्त डीजल उपलब्ध है।

ईरान की स्थिति पर नहीं दी विस्तृत जानकारी

ट्रंप ने यह नहीं बताया कि ईरान को लेकर अमेरिका की अगली कार्रवाई क्या होगी और न ही उन्होंने संघर्ष खत्म होने की कोई निश्चित तारीख बताई। उन्होंने केवल इतना कहा कि ईरान से जुड़ा मौजूदा संकट ज्यादा लंबा नहीं चलेगा और इसके बाद तेल की कीमतों में गिरावट आ सकती है।