वॉशिंगटन डीसी, अमरीका: अमरीका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा है कि तेहरान कूटनीतिक बातचीत करेगा, और चेतावनी दी कि अगर उसने सहयोग नहीं किया तो उसे “ऐसी समस्याओं का सामना करना पड़ेगा जैसा पहले कभी नहीं हुआ।” कंजरवेटिव रेडियो कार्यक्रम The John Fredericks Show से फोन पर बातचीत में ट्रंप ने नए समझौते की जरूरत पर जोर दिया। उन्होंने कहा, “वे बातचीत करेंगे और अगर नहीं करेंगे तो उन्हें गंभीर परिणाम भुगतने होंगे।”
उन्होंने ईरान की सैन्य क्षमताओं पर अपनी प्रशासन की प्राथमिकता स्पष्ट करते हुए कहा, “उम्मीद है कि वे एक निष्पक्ष समझौता करेंगे और अपने देश का पुनर्निर्माण करेंगे, लेकिन अगर वे ऐसा करेंगे, तो उनके पास परमाणु हथियार नहीं होंगे।”
'ईरान को परमाणु हथियार बनाने से रोकना जरूरी'
डोनाल्ड ट्रंप ने जोर देते हुए कहा कि ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने से रोकना वैश्विक आवश्यकता है। उन्होंने कहा, “उन्हें परमाणु हथियार तक कोई पहुंच नहीं होगी। हम इसे होने नहीं देंगे, क्योंकि यह दुनिया के विनाश का कारण बन सकता है।”
The John Fredericks Show April 21, 2026 https://t.co/E4XCcqnPyN
— John Fredericks (@jfradioshow) April 20, 2026
अपने प्रशासन द्वारा उठाए गए सैन्य कदमों का बचाव करते हुए ट्रंप ने कहा, “हमारे पास ईरान के मामले में कोई विकल्प नहीं था, हमें यह करना पड़ा।” उन्होंने यह भी दावा किया कि उनकी टीम ने “बेहतरीन काम किया है और हम इसे खत्म करके रहेंगे।”
समझौता न होने पर ईरान के पावर प्लांट्स होंगे निशाने पर
ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म Truth Social पर भी इस संघर्ष का बचाव किया और 50 मिनट में चार पोस्ट किए। इस दौरान उन्होंने चेतावनी दी कि यदि समझौता नहीं हुआ तो ईरान के पावर प्लांट्स को निशाना बनाया जा सकता है। उन्होंने Operation Midnight Hammer का जिक्र करते हुए कहा कि इससे ईरान के परमाणु ठिकानों को “पूरी तरह नष्ट” कर दिया गया।
𝗗𝗼𝗻𝗮𝗹𝗱 𝗝. 𝗧𝗿𝘂𝗺𝗽 𝗧𝗿𝘂𝘁𝗵 𝗦𝗼𝗰𝗶𝗮𝗹 𝗣𝗼𝘀𝘁 𝟭𝟭:𝟬𝟰 𝗣𝗠 𝗘𝗦𝗧 𝟬𝟰.𝟮𝟬.𝟮𝟲Operation Midnight Hammer was a complete and total obliteration of the Nuclear Dust sites in Iran. Therefore, digging it out will be a long and difficult process. Fake News CNN, and…
— Commentary Donald J. Trump Posts From Truth Social (@TrumpDailyPosts) April 21, 2026
ट्रंप के बयान पर ईरानी संसद के स्पीकर ने दी प्रतिक्रिया
ट्रंप के बयानों पर तेहरान की ओर से तीखी प्रतिक्रिया आई है। ईरानी संसद के स्पीकर Mohammad Ghalibaf ने आरोप लगाया कि अमेरिका बातचीत को “समर्पण की मेज” में बदलने की कोशिश कर रहा है। उन्होंने कहा, “हम धमकियों के साये में बातचीत स्वीकार नहीं करते और हमने पिछले दो हफ्तों में युद्ध के मैदान में नए कदम उठाने की तैयारी की है।”
Iran's Parliament Speaker Mohammad Ghalibaf says Tehran will not negotiate under "shadow of threats", warns of new battlefield "cards" if talks with US fail Follow our live coverage👇https://t.co/engl6Ithuv pic.twitter.com/oWuUirnSTE
— TRT World (@trtworld) April 20, 2026
तनाव के बावजूद कूटनीतिक हलचल के संकेत
तनाव बढ़ने के बावजूद कूटनीतिक हलचल के संकेत भी मिल रहे हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, ईरान के नए सर्वोच्च नेता Mojtaba Khamenei ने बातचीत के लिए टीम को इस्लामाबाद भेजने की मंजूरी दे दी है। यह कदम बुधवार को होने वाली उच्च-स्तरीय वार्ता के लिए संभावित रास्ता खोल सकता है, जबकि युद्धविराम की समयसीमा से पहले दोनों देश एक-दूसरे को लगातार चेतावनी दे रहे हैं।
JD Vance is expected to depart for Islamabad by Tuesday morning for talks with Iran over a potential deal to end the war.Vance will arrive in Pakistan with the ceasefire on the verge expiring.Source: Axios pic.twitter.com/zQwgwb6xuI
— Clash Report (@clashreport) April 21, 2026
🚨The Wall Street Journal, citing “knowledgeable sources”: Tehran has informed regional mediators that it will send a negotiating team to Islamabad today.
— The Middle East (@A_M_R_M1) April 21, 2026