नई दिल्ली: भारत में अमरीका के राजदूत सर्जियो गोर (Sergio Gor) ने शुक्रवार को उद्योग जगत के प्रमुख प्रतिनिधियों और सरकारी अधिकारियों के साथ कई महत्वपूर्ण बैठकें कीं। इन बैठकों का उद्देश्य एडवांस मैन्युफैक्चरिंग, एयरोस्पेस, स्पेस टेक्नोलॉजी, क्रिटिकल मिनरल्स और पर्यावरण सहयोग जैसे क्षेत्रों में भारत और अमरीका के बीच रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करना था।
सर्जियो गोर ने Rolls-Royce North America के चेयरमैन एडम रिडल और Rolls-Royce India के ईवीपी ऋषि मुकुंदन से मुलाकात की। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर कहा कि दोनों देशों के बीच एडवांस मैन्युफैक्चरिंग, एयरोस्पेस और इनोवेशन के क्षेत्र में सहयोग को नई मजबूती मिल रही है। उन्होंने कहा कि दोनों देश मिलकर अधिक सुरक्षित और समृद्ध भविष्य की दिशा में काम कर रहे हैं।
Great meeting with @RollsRoyceNA Chairman Adam Riddle and @RollsRoyceIndia EVP Rishi Mukundan to discuss what their company is doing to strengthen U.S.-India collaboration in advanced manufacturing, aerospace, and innovation. Together, we are building a more secure and prosperous… pic.twitter.com/AVeOUexisB
— Ambassador Sergio Gor (@USAmbIndia) August 7, 2026
स्पेस और क्रिटिकल मिनरल्स पर चर्चा
अमेरिकी राजदूत ने अमेरिकी विदेश विभाग के Assistant Secretary Wesley R. Brooks के साथ भी बैठक की। इस दौरान स्पेस सेक्टर, क्रिटिकल मिनरल्स और पर्यावरणीय सहयोग को लेकर विस्तार से चर्चा हुई। दोनों पक्षों ने US-India Civil Space Joint Working Group की प्रगति की समीक्षा की और विज्ञान, प्रौद्योगिकी तथा नवाचार के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने की प्रतिबद्धता दोहराई।
क्रिटिकल मिनरल्स की रीसाइक्लिंग पर जोर
इसी दौरान US-India Business Council (USIBC) ने अपनी Critical Minerals Security Task Force के तहत Critical Minerals Recycling and Recovery विषय पर बिजनेस राउंडटेबल का आयोजन किया। बैठक में USIBC के मैनेजिंग डायरेक्टर राहुल शर्मा ने कहा कि क्रिटिकल मिनरल्स की चर्चा केवल खनन तक सीमित नहीं होनी चाहिए। पुरानी बैटरियों, मैग्नेट और इलेक्ट्रॉनिक कचरे से मूल्यवान खनिजों की रिकवरी और रीसाइक्लिंग दोनों देशों के लिए बड़ा अवसर साबित हो सकती है।
बैठक में कई महत्वपूर्ण विषयों पर भी हुई चर्चा
Wesley R. Brooks ने भी कहा कि खनन के अलावा रीसाइक्लिंग और रिकवरी भविष्य में क्रिटिकल मिनरल्स की उपलब्धता सुनिश्चित करने का प्रभावी विकल्प है। उन्होंने इस क्षेत्र में भारत और अमेरिका के बीच संयुक्त प्रयासों की आवश्यकता पर जोर दिया। बैठक में फीडस्टॉक उपलब्धता, रिकवरी तकनीक, ट्रेसबिलिटी, गुणवत्ता मानकों और सप्लाई चेन की चुनौतियों पर भी विस्तार से चर्चा हुई। दोनों देशों ने इन क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने और दीर्घकालिक रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करने की प्रतिबद्धता जताई।
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