नई दिल्ली: NEET-UG पेपर लीक मामले में राउज एवेन्यू कोर्ट ने सोमवार को मनीषा संजय हवलदार को 6 दिन की सीबीआई हिरासत में भेज दिया। मनीषा हवलदार को महाराष्ट्र के पुणे से गिरफ्तार किया गया था। वह फिजिक्स एक्सपर्ट और ट्रांसलेटर बताई जा रही हैं।

केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने आरोप लगाया कि मनीषा हवलदार ने अन्य आरोपियों के साथ मिलकर साजिश रची और अवैध तरीके से नीट-यूजी परीक्षा का पेपर अपने पास रखा तथा पैसों के बदले उसे वितरित किया।

6 दिन की सीबीआई हिरासत में भेजने का आदेश

विशेष सीबीआई जज अजय गुप्ता ने सीबीआई की दलीलें सुनने और रिमांड आवेदन पर विचार करने के बाद मनीषा हवलदार को 6 दिन की सीबीआई हिरासत में भेजने का आदेश दिया। अदालत ने सीबीआई को 30 मई को उन्हें फिर से पेश करने का निर्देश दिया। साथ ही कोर्ट ने डॉक्टर द्वारा बताई गई दवाइयां लेने की अनुमति भी दी।

मामले में बड़ी साजिश की जांच के लिए हिरासत की मांग

जांच अधिकारी डिप्टी एसपी पवन कुमार कौशिक ने मनीषा हवलदार को अदालत में पेश करते हुए 6 दिन की पुलिस हिरासत की मांग की। उन्हें 3 दिन की ट्रांजिट रिमांड के बाद कोर्ट में पेश किया गया था। सीबीआई की ओर से वरिष्ठ लोक अभियोजक नीतू सिंह और वी.के. पाठक ने अदालत में पक्ष रखा और मामले में बड़ी साजिश की जांच के लिए हिरासत की मांग की।

मनीषा हवलदार को एनटीए द्वारा नियुक्त किया गया था

सीबीआई ने बताया कि मनीषा हवलदार को एनटीए द्वारा फिजिक्स ट्रांसलेटर के रूप में नियुक्त किया गया था। एजेंसी का आरोप है कि उन्होंने अन्य आरोपियों के साथ मिलकर नीट-यूजी प्रश्नपत्र को अवैध रूप से सुरक्षित रखा और आर्थिक लाभ के लिए उसे प्रसारित किया।

मनीषा के अधिवक्ता ने पुलिस हिरासत का किया विरोध

वहीं, मनीषा हवलदार की ओर से अधिवक्ता अखिलेश रेक्सवाल ने रिमांड का विरोध करते हुए कहा कि उनकी मुवक्किल को 22 मई को गिरफ्तार किया गया था और उन्होंने जांच में पूरा सहयोग किया है। उन्होंने अदालत से पुलिस हिरासत देने के बजाय न्यायिक हिरासत में भेजने की मांग की।