नई दिल्ली: NEET पेपर लीक मामले को लेकर केंद्र सरकार के खिलाफ बढ़ते विरोध प्रदर्शनों के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को युवाओं के भविष्य को सर्वोच्च प्राथमिकता बताया। उन्होंने घोषणा की कि पेपर लीक में शामिल लोगों को तेजी से और कड़ी सजा दिलाने के लिए फास्ट-ट्रैक अदालतें स्थापित की जाएंगी।प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में कहा कि युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को इस दिशा में सभी जरूरी कदम उठाने के निर्देश दिए हैं।
प्रधानमंत्री ने लिखा, “हमारे युवाओं के कल्याण और भविष्य से ज्यादा महत्वपूर्ण कुछ भी नहीं है। हमने पेपर लीक में शामिल लोगों को तेज और कड़ी सजा सुनिश्चित करने के लिए फास्ट-ट्रैक अदालतें स्थापित करने का निर्णय लिया है। मैंने संबंधित अधिकारियों और विभागों को इस दिशा में सभी आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए हैं।” उन्होंने आगे कहा कि छात्रों के हितों की रक्षा के लिए सरकार लगातार कदम उठा रही है और युवाओं का भविष्य नुकसान पहुंचाने की कोशिश करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।
Nothing is more important than the welfare and future of our youth!We have decided to set up fast-track courts to ensure swift and stringent punishment for those involved in paper leaks. Have directed the concerned authorities and officials to take all necessary steps in this…
— Narendra Modi (@narendramodi) July 23, 2026
NEET पेपर लीक के खिलाफ दिल्ली समेत कई शहरों में प्रदर्शन
प्रधानमंत्री का यह बयान दिल्ली और अन्य शहरों में जारी विरोध प्रदर्शनों के बीच आया है। प्रदर्शनकारियों ने 20 जुलाई को ‘चलो संसद’ का आह्वान किया था। आंदोलन को खत्म करने के लिए प्रदर्शनकारियों ने सरकार के सामने तीन प्रमुख मांगें रखी हैं। CJP के प्रवक्ता सौरव दास के मुताबिक, पहली मांग शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा है। दूसरी मांग NEET पेपर लीक के कारण आत्महत्या करने वाले छात्रों के परिवारों को 1 करोड़ रुपये का मुआवजा देने की है।
तीसरी मांग शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज की गई कथित अनावश्यक FIR वापस लेने की है। प्रदर्शनकारी भविष्य में ऐसे किसी भी शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारी के खिलाफ FIR दर्ज न करने की सरकार से गारंटी भी चाहते हैं।
धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा 'गैर-परक्राम्य': CJP
सौरव दास ने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को “गैर-परक्राम्य” बताया। उन्होंने कहा कि मांग पूरी होने तक प्रदर्शन जारी रहेगा। उन्होंने कहा, “धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा गैर-परक्राम्य है। इसके बिना प्रदर्शन जारी रहेगा और जब तक जरूरत होगी, तब तक जारी रहेगा।”
सोनम वांगचुक से शांतिपूर्ण प्रदर्शन की अपील
सौरव दास ने कहा कि उन्होंने सोनम वांगचुक से कई बार बातचीत की है और इस बात पर सहमति बनी है कि प्रदर्शन शांतिपूर्ण रहना चाहिए। उन्होंने बताया कि वांगचुक ने भी प्रदर्शनकारियों से शांति बनाए रखने और प्रदर्शन को सही तरीके से संचालित करने की सार्वजनिक अपील की है।
दास ने आरोप लगाया कि पिछले कई आंदोलनों में असामाजिक तत्वों के जरिए शांतिपूर्ण प्रदर्शनों को भटकाने की कोशिश की गई, जिसके बाद शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों को ही दोषी ठहराया गया। उन्होंने कहा कि इस प्रदर्शन में ऐसा नहीं होना चाहिए।
पुलिस के 118 से ज्यादा जवान घायल: दिल्ली पुलिस
दिल्ली पुलिस के अनुसार, प्रदर्शन के दौरान हुई झड़पों में 118 से अधिक पुलिसकर्मी घायल हुए हैं। घायलों में विशेष आयुक्त, संयुक्त आयुक्त, अतिरिक्त आयुक्त, उपायुक्त, अतिरिक्त उपायुक्त और सहायक आयुक्त स्तर के वरिष्ठ अधिकारी भी शामिल हैं। कई महिला पुलिसकर्मियों के घायल होने की भी जानकारी दी गई है। वहीं, करीब 60 प्रदर्शनकारियों के घायल होने की भी सूचना है।
जेपी नड्डा बोले- पेपर लीक के मुद्दे का राजनीतिकरण नहीं होना चाहिए
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने बुधवार को कहा था कि पेपर लीक जैसे गंभीर मुद्दे का राजनीतिकरण नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि यह एक गंभीर समस्या है, जिस पर गहन चर्चा की जरूरत है।
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