रिलीज के 48 घंटों के भीतर बड़ी कार्रवाई
दिलजीत दोसांझ स्टारर यह फिल्म 3 जुलाई 2026 को ZEE5 पर बिना किसी बड़े प्रचार के डिजिटल रूप से रिलीज की गई थी। दर्शकों ने इसे हाथों-हाथ लिया और सोशल मीडिया पर दिलजीत के अभिनय की जमकर तारीफ होने लगी। लेकिन 5 जुलाई 2026 की शाम होते-होते, भारतीय दर्शकों के लिए यह फिल्म प्लेटफॉर्म से गायब हो गई।
'पंजाब 95' से 'सतलुज' तक का सफर और विवाद
यह फिल्म मशहूर मानवाधिकार कार्यकर्ता जसवंत सिंह खालड़ा (Jaswant Singh Khalra) के जीवन पर आधारित है। फिल्म का सफर शुरुआत से ही संघर्षपूर्ण रहा है: सेंसर बोर्ड की आपत्तियां: फिल्म को 2022 में ही सर्टिफिकेशन के लिए भेजा गया था, लेकिन सेंट्रल बोर्ड ऑफ फिल्म सर्टिफिकेशन (CBFC) ने इसमें 127 कट्स की मांग की थी।
3 साल का इंतजार: लगभग तीन साल तक फिल्म सर्टिफिकेशन की प्रक्रिया में फंसी रही।
नाम में बदलाव: विवादों से बचने के लिए इसका नाम 'पंजाब 95' से बदलकर 'सतलुज' रखा गया।
इंटरनेशनल प्रीमियर रद्द: इस फिल्म को 2023 में टोरंटो इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल (TIFF) में प्रदर्शित किया जाना था, लेकिन भारतीय अधिकारियों की आपत्तियों के बाद इसकी स्क्रीनिंग रद्द कर दी गई थी।
ZEE5 का आधिकारिक बयान: "हम फिल्म के साथ खड़े हैं"
फिल्म को हटाने के बाद ZEE5 ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X और इंस्टाग्राम पर एक आधिकारिक बयान जारी किया है। प्लेटफॉर्म ने कहा कि 'सतलुज' को मिले जबरदस्त रिस्पॉन्स के लिए वे दर्शकों के आभारी हैं।
ZEE5 ने स्पष्ट किया: "हम 'सतलुज' और इसके क्रिएटिव विजन के साथ मजबूती से खड़े हैं। मौजूदा घटनाक्रमों को देखते हुए, फिल्म अगले आदेश तक भारत में अनुपलब्ध रहेगी। हम इस फिल्म को वापस लाने के लिए हर संभव कानूनी और प्रक्रियात्मक रास्तों (Legal and Procedural Avenues) को तलाश रहे हैं।"
प्लेटफॉर्म ने यह भी दोहराया कि वे कलात्मक ईमानदारी और उद्देश्यपूर्ण कहानियों को दिखाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। हालांकि, फिल्म को हटाने के पीछे के सटीक कारणों का अभी खुलासा नहीं किया गया है।
क्यों खास है यह फिल्म?
'सतलुज' केवल एक मनोरंजन का साधन नहीं है, बल्कि यह पंजाब के इतिहास के एक संवेदनशील दौर को उजागर करती है। फिल्म में दिलजीत दोसांझ के साथ कवलजीत सिंह, अर्जुन रामपाल, सुविंदर विक्की और गीतिका विद्या ओहल्यान ने मुख्य भूमिकाएं निभाई हैं।
दिलजीत ने जसवंत सिंह खालड़ा का किरदार निभाने के लिए काफी मेहनत की थी। जसवंत सिंह खालड़ा ने पंजाब में लापता हुए हजारों युवाओं के मामले को दुनिया के सामने लाने में अहम भूमिका निभाई थी। फिल्म के प्रति संवेदनशीलता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि खालड़ा की पत्नी ने भी फिल्म को देखकर अपनी संतुष्टि जताई थी।
भविष्य में क्या होगा?
फिल्म का इस तरह हटना फिल्म जगत के लिए एक नई चुनौती है। यह फिल्म भारत में कभी भी सिनेमाघरों में रिलीज नहीं हो पाई थी और अब ओटीटी पर भी इसे मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है।
प्रशंसक अब सोशल मीडिया पर #BringBackSatluj जैसे हैशटैग चलाकर अपना विरोध दर्ज करा रहे हैं। क्या कानूनी प्रक्रिया के बाद दिलजीत की यह बेहतरीन अदाकारी वापस स्क्रीन पर लौटेगी? यह देखना दिलचस्प होगा।
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