Madhya Pradesh सरकार ने चर्चित त्विषा शर्मा मौत मामले की जांच Central Bureau of Investigation (CBI) से कराने की सिफारिश की है। मुख्यमंत्री Mohan Yadav सरकार ने इस संबंध में केंद्र सरकार को औपचारिक पत्र भेजा है।

मॉडल और अभिनेत्री रह चुकी Twisha Sharma 12 मई को भोपाल के कटारा हिल्स स्थित अपने ससुराल में मृत पाई गई थीं। उनकी मौत के बाद से यह मामला लगातार सुर्खियों में बना हुआ है।

परिवार ने ससुराल पक्ष पर दहेज उत्पीड़न और आत्महत्या के लिए उकसाने जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं, जबकि दूसरी ओर ससुराल पक्ष का दावा है कि त्विषा नशे की आदी थीं।

पति और सास के खिलाफ FIR दर्ज

मामले में पुलिस ने त्विषा के पति समर्थ सिंह और उनकी मां गिरिबाला सिंह के खिलाफ मामला दर्ज किया है। FIR भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं और दहेज निषेध कानून के तहत दर्ज की गई है।

पुलिस के अनुसार, समर्थ सिंह फिलहाल फरार हैं। उनकी गिरफ्तारी के लिए सूचना देने वाले को 30 हजार रुपये के इनाम की घोषणा भी की गई है।

सुरक्षा एजेंसियां लगातार उनकी तलाश में छापेमारी कर रही हैं।

हाई कोर्ट पहुंचा विवाद

त्विषा शर्मा की मौत के बाद मामला अब Madhya Pradesh High Court तक पहुंच गया है। दोनों परिवारों ने अदालत का रुख किया है।

त्विषा के परिवार की मांग है कि शव का दोबारा पोस्टमार्टम कराया जाए। परिवार के वकील का कहना है कि पहली पोस्टमार्टम रिपोर्ट में कई गंभीर खामियां हैं और मौत की परिस्थितियों को लेकर कई सवाल अभी भी अनुत्तरित हैं।

वहीं समर्थ सिंह ने अग्रिम जमानत के लिए अदालत में आवेदन दिया है।

पूर्व जज सास पर भी गंभीर आरोप

त्विषा शर्मा के परिवार ने उनकी सास और रिटायर्ड जज गिरिबाला सिंह पर भी गंभीर आरोप लगाए हैं। परिवार का दावा है कि घटना के बाद उन्होंने कई प्रभावशाली लोगों और न्यायपालिका से जुड़े व्यक्तियों को फोन किए थे।

परिजनों का आरोप है कि मामले को प्रभावित करने की कोशिश की गई। हालांकि इन आरोपों पर गिरिबाला सिंह की ओर से सार्वजनिक रूप से विस्तृत प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

सोशल मीडिया पर बढ़ी चर्चा

यह मामला सोशल मीडिया पर भी तेजी से चर्चा का विषय बना हुआ है। कई लोग निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं।

महिला अधिकार संगठनों और सामाजिक कार्यकर्ताओं का कहना है कि यदि दहेज उत्पीड़न के आरोप सही पाए जाते हैं, तो दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।

CBI जांच क्यों अहम मानी जा रही?

विशेषज्ञों का मानना है कि मामले में हाई-प्रोफाइल नामों के सामने आने और दोनों पक्षों के गंभीर आरोपों के कारण CBI जांच की मांग तेज हुई।

राज्य सरकार की ओर से CBI जांच की सिफारिश को इस मामले में पारदर्शिता बनाए रखने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है। अब अंतिम फैसला केंद्र सरकार की मंजूरी पर निर्भर करेगा।

जांच पर टिकी सबकी नजर

फिलहाल पुलिस और फॉरेंसिक टीम मामले से जुड़े सबूतों की जांच कर रही है। दूसरी पोस्टमार्टम की मांग और अग्रिम जमानत याचिका पर अदालत का फैसला भी इस केस की दिशा तय कर सकता है।

इस बीच त्विषा शर्मा की मौत ने एक बार फिर दहेज उत्पीड़न और महिलाओं की सुरक्षा को लेकर बहस तेज कर दी है।