कच्छ, गुजरात: भारतीय LPG कैरियर शिवालिक, जो लगभग 40,000 मीट्रिक टन लिक्विफाइड पेट्रोलियम गैस (LPG) लेकर आ रहा था, सोमवार शाम गुजरात के मुंद्रा बंदरगाह पहुंच गया। यह जहाज देर रात/ आज सुबह सुरक्षित रूप से होर्मुज़ जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को पार करने के बाद मुंद्रा पोर्ट पहुंचा।
'Strait of Hormuz' दुनिया के सबसे व्यस्त ऊर्जा व्यापार मार्गों में से एक माना जाता है। मध्य-पूर्व से निकलने वाले तेल और गैस के बड़े हिस्से की ढुलाई इसी रास्ते से होती है। ऐसे में इस मार्ग से गुजरकर LPG टैंकर का सुरक्षित भारत पहुंचना ऊर्जा आपूर्ति के लिए सकारात्मक संकेत माना जा रहा है।
#WATCH | Gujarat: LPG tanker Shivalik, which crossed the Strait of Hormuz, reaches Mundra Port. pic.twitter.com/tVXvWunqba
— ANI (@ANI) March 16, 2026
पोर्ट पर प्राथमिकता के साथ होगी अनलोडिंग
इससे पहले नई दिल्ली में पश्चिम एशिया के हालिया घटनाक्रमों पर आयोजित अंतर-मंत्रालयी ब्रीफिंग में राजेश कुमार सिन्हा, बंदरगाह, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्रालय में विशेष सचिव हैं, उन्होंने बताया कि टैंकर ‘शिवालिक’ के कार्गो को उतारने में कोई देरी न हो, इसके लिए पोर्ट पर जरूरी दस्तावेजी प्रक्रिया और प्राथमिकता के आधार पर बर्थिंग की व्यवस्था की गई है। उन्होंने यह भी बताया कि LPG लेकर आ रहा एक और भारतीय जहाज नंदा देवी मंगलवार को भारत पहुंचेगा।
Delhi: Special Secretary of the Ministry of Ports, Shipping & Waterways, Rajesh Kumar Sinha says, "As I mentioned yesterday, out of the 24 Indian-flagged vessels in the Persian Gulf west of the Strait of Hormuz, two vessels—Shivalik and Nanda Devi—are Indian-flagged vessels.… pic.twitter.com/SCTKH2bdf4
— IANS (@ians_india) March 14, 2026
भारत की ओर आ रहा एक और तेल टैंकर
इसके अलावा भारतीय ध्वज वाला जहाज Jag Laadki, जो संयुक्त अरब अमीरात से लगभग 81,000 टन मुरबन कच्चा तेल लेकर रवाना हुआ है, सुरक्षित रूप से भारत की ओर बढ़ रहा है। अधिकारियों के अनुसार फारस की खाड़ी क्षेत्र में मौजूद सभी भारतीय नाविक सुरक्षित हैं और पिछले 24 घंटों में किसी भी तरह की घटना की सूचना नहीं मिली है। फिलहाल फारस की खाड़ी में 22 भारतीय ध्वज वाले जहाज मौजूद हैं, जिन पर कुल 611 भारतीय नाविक तैनात हैं।
Indian vessel 'Jag Laadki' sails safely after Fujairah oil terminal attackRead @ANI Story | https://t.co/0hFaWUO9c2#India #Fujairah #JagLaadki #oilterminalattack #crudeoil pic.twitter.com/qiOvI19V8p
— ANI Digital (@ani_digital) March 15, 2026
'Strait of Hormuz' खोलने के लिए भारत की कूटनीतिक कोशिश
इस बीच, विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा कि भारत समुद्री यातायात फिर से सामान्य करने के लिए ईरान के साथ सीधे संवाद को सबसे प्रभावी तरीका मानता है। ब्रिटेन के अखबार Financial Times को दिए इंटरव्यू में उन्होंने कहा कि भारत इस महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग को फिर से पूरी तरह खोलने के लिए तेहरान के साथ बातचीत कर रहा है। यह मार्ग वैश्विक तेल व्यापार के करीब 20 प्रतिशत हिस्से को संभालता है।
विदेश मंत्री ने कहा कि भारत का मानना है कि ईरान के साथ समन्वय और संवाद के जरिए समाधान निकालना अधिक प्रभावी है और इस दिशा में बातचीत से कुछ सकारात्मक परिणाम भी मिल रहे हैं। हालांकि उन्होंने यह स्पष्ट किया कि अभी सभी भारतीय जहाजों के लिए कोई स्थायी व्यवस्था नहीं बनी है और फिलहाल जहाजों का आवागमन मामले-दर-मामले (case-by-case) आधार पर किया जा रहा है।
BREAKING: India's FM Subrahmanyam Jaishankar says in an interview with the Financial Times that talks with Iran are helping restore shipping through the Strait of Hormuz, highlighting diplomacy over military action.🔴 LIVE updates: https://t.co/47znXrOuUL pic.twitter.com/EkAwPv1Ju4
— Al Jazeera English (@AJEnglish) March 15, 2026
ईरान का बयान
ईरान के विदेश मंत्री Abbas Araghchi ने कहा कि 'Strait of Hormuz' खुला है, लेकिन उन देशों के लिए नहीं जो ईरान के खिलाफ आक्रामक कार्रवाई में शामिल हैं। वहीं ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता Esmaeil Baghaei ने कहा कि क्षेत्र में असुरक्षा के कारण जहाजों की आवाजाही विशेष शर्तों के तहत होगी। उन्होंने कहा कि इस मार्ग की सुरक्षा ईरान की सशस्त्र सेनाओं के नियंत्रण में है।
Iran's Foreign Ministry Spox. Esmaeil Baghaei:Iran does not seek to make the Strait of Hormuz insecure, but ships must coordinate with the Iranian Navy when passing through to ensure maritime security. pic.twitter.com/0i7jx46M28
— Clash Report (@clashreport) March 12, 2026
पश्चिम एशिया में जारी तनाव
उधर पश्चिम एशिया में संघर्ष तीसरे सप्ताह में प्रवेश कर चुका है। अमेरिका और इज़राइल की ओर से ईरान पर हमले जारी हैं, जबकि ईरान की ओर से जवाबी कार्रवाई भी की जा रही है, जिससे कई इज़राइली शहरों में नुकसान की खबरें सामने आई हैं।