नई दिल्ली, भारत: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लोकसभा और राज्यसभा में सभी दलों के फ्लोर लीडर्स को पत्र लिखकर महिला आरक्षण विधेयक के क्रियान्वयन के लिए समर्थन मांगा। उन्होंने कहा कि यह क्षण किसी एक दल या व्यक्ति से ऊपर है।
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने पत्र में लिखा, “विस्तृत विचार-विमर्श के बाद हम इस निष्कर्ष पर पहुंचे हैं कि अब समय आ गया है कि ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ को पूरे देश में उसके वास्तविक स्वरूप में लागू किया जाए। यह आवश्यक है कि 2029 के लोकसभा और विधानसभा चुनाव महिला आरक्षण के साथ आयोजित किए जाएं।”
PM writes a letter to Floor Leaders of all parties in Lok Sabha and Rajya Sabha on Nari Shakti Vandan Adhiniyam, requesting them for their support."From the 16th of April, a historic discussion related to the Nari Shakti Vandan Adhiniyam is set to take place in… pic.twitter.com/00W7DHASrH
— ANI (@ANI) April 12, 2026
प्रधानमंत्री ने सभी दलों से की समर्थन की अपील
प्रधानमंत्री ने सभी राजनीतिक दलों से अपील की कि वे महिला सशक्तिकरण और आने वाली पीढ़ियों के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाएं और इस विधेयक के कार्यान्वयन का समर्थन करें। पत्र में उन्होंने संसद में इस विषय पर चर्चा का स्वागत करते हुए कहा कि यह भारतीय राजनीति में महिलाओं के लिए एक बड़ी उपलब्धि होगी।
उन्होंने पत्र में लिखा, “मैं यह पत्र इसलिए लिख रहा हूं ताकि हम सभी एकजुट होकर इस संशोधन को पारित करें। संसद में अधिक से अधिक सांसदों को इस विषय पर अपने विचार रखने चाहिए। यह किसी एक दल या व्यक्ति से ऊपर का क्षण है। यह महिलाओं और हमारी आने वाली पीढ़ियों के प्रति जिम्मेदारी दिखाने का अवसर है।”
नारी शक्ति के लिए यह एक बड़ी उपलब्धि
प्रधानमंत्री ने कहा कि सभी राजनीतिक दल लंबे समय से राजनीति में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने की इच्छा रखते हैं, और अब उस आकांक्षा को साकार करने का सही समय है। उन्होंने आगे कहा, “यह देश की नारी शक्ति और 140 करोड़ भारतीयों के लिए एक बड़ी उपलब्धि होगी। मुझे पूरा विश्वास है कि हम सभी मिलकर संसद में इस ऐतिहासिक कार्य को पूरा करेंगे।”
समाज तभी प्रगति करेगा जब महिलाएं आएंगी
प्रधानमंत्री मोदी ने जोर देकर कहा कि कोई भी समाज तभी प्रगति करता है जब महिलाओं को आगे बढ़ने के अवसर मिलते हैं, और यह विधेयक विकसित भारत के सपने को साकार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।