नई दिल्ली, भारत: भारतीय जनता पार्टी (BJP) के राष्ट्रीय प्रवक्ता शहज़ाद पूनावाला ने बुधवार को केंद्रीय मंत्रिमंडल के केरल का नाम बदलकर ‘केरलम’ करने के फैसले का स्वागत किया और कहा कि यह भारतीय विरासत के सम्मान को दर्शाता है। साथ ही उन्होंने विपक्ष पर ऐसे बदलावों का विरोध करने के लिए “गुलाम मानसिकता” रखने का आरोप लगाया। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि नरेंद्र मोदी की सरकार ने सत्ता में आने के बाद से भारतीय विरासत के सम्मान को विभिन्न नाम परिवर्तन पहलों के जरिए स्पष्ट रूप से प्रदर्शित किया है।
भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि जब से पीएम मोदी की सरकार सत्ता में आई है, तब से यह स्पष्ट हो गया है कि हम अपनी भारतीय विरासत का पूरा सम्मान करते हैं। कुछ लोग अब भी विदेशी और गुलाम मानसिकता से ग्रस्त हैं। अगर केरल का नाम केरलम किया जाता है तो वे विरोध करते हैं, अगर राजपथ का नाम बदलकर कर्तव्यपथ किया जाता है तो वे विरोध करते हैं। उन्होंने विरोध करने वालों पर तंज कसते हुए कहा, “वे गुलामी और विदेशी मानसिकता के आदी हो चुके हैं।”
#WATCH | Delhi | On Union Cabinet approves proposal to rename Kerala as ‘Keralam’, BJP National Spokesperson Shehzad Poonawalla says, "...Respecting these public sentiments, the Union Cabinet has decided that the name of Kerala will be changed to Keralam... We have seen that ever… pic.twitter.com/xUYlXEZmxi
— ANI (@ANI) February 25, 2026
कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने उठाए सवाल
केंद्रीय मंत्रिमंडल द्वारा केरल का नाम ‘केरलम’ करने की मंजूरी नरेंद्र मोदी सरकार की अन्य नाम परिवर्तन पहलों के बाद आई है, जिनमें नई दिल्ली में राजपथ का नाम बदलकर कर्तव्य पथ करना भी शामिल है। इस निर्णय पर राजनीतिक हलकों में मिली-जुली प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं। जहां कुछ नेताओं ने इस फैसले का स्वागत किया, वहीं कुछ ने इसकी आलोचना भी की है। भाजपा नेता वेल्लमवेल्ली मुरलीधरन ने इस कदम की सराहना करते हुए कहा कि यह मलयालम भाषा के महत्व को दर्शाता है और पूरा राज्य इस ऐतिहासिक फैसले के लिए आभार व्यक्त करना चाहेगा।
वहीं, कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने इस कदम पर सवाल उठाते हुए कहा कि मलयालम में केरल पहले से ही ‘केरलम’ कहा जाता है। उन्होंने सरकार की आलोचना करते हुए कहा कि नाम बदलने पर ध्यान देने के बजाय राज्य को विकास परियोजनाएं दी जानी चाहिए।
Thanks for this enlightening analysis @Rajmalhotrachd ! So both state and central governments have chosen the 11th century formulation of “Keralam” over the version of far greater antiquity (“Kerala”). They have done so to privilege the Malayalam word. Long live linguistic… https://t.co/g2b8vWg5X0
— Shashi Tharoor (@ShashiTharoor) February 25, 2026
ममता बनर्जी ने पश्चिम बंगाल का नाम ‘बांग्ला’ करने के बात कही
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने केरल को बधाई देते हुए केंद्र को याद दिलाया कि पश्चिम बंगाल का नाम ‘बांग्ला’ करने का प्रस्ताव वर्षों से लंबित है। उन्होंने भाजपा पर “बांग्ला-विरोधी” होने का आरोप लगाया। ऐसे नाम परिवर्तन केंद्र सरकार के भारतीय सांस्कृतिक और भाषाई पहचान को पुनर्स्थापित करने के प्रयासों का हिस्सा रहे हैं, हालांकि विपक्षी दल अक्सर इन्हें ठोस शासन के बजाय प्रतीकात्मक कदम बताते हुए आलोचना करते रहे हैं।
Smt. @MamataOfficial warmly congratulated the people of Kerala on the Union Cabinet’s approval to rename their state ‘Keralam’. At the same time, she reminded the Centre that a similar proposal to rename West Bengal as ‘Bangla’ has been lying buried for years.Every election… pic.twitter.com/ut43s4P5LG
— All India Trinamool Congress (@AITCofficial) February 24, 2026