वॉशिंगटन डीसी, अमेरिका: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शनिवार को टैरिफ पर सुप्रीम कोर्ट के हालिया फैसले की आलोचना करते हुए कहा कि इससे अमेरिका को “सैकड़ों अरब डॉलर” का नुकसान हो सकता है। उन्होंने मामले में पुनर्विचार (Rehearing) की संभावना भी जताई।
अमेरिकी राष्ट्रपति ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म Truth Social पर एक पोस्ट में कहा, “संयुक्त राज्य अमेरिका के सुप्रीम कोर्ट का टैरिफ से संबंधित हालिया फैसला सैकड़ों अरब डॉलर उन देशों और कंपनियों को वापस करने की अनुमति दे सकता है, जो वर्षों से अमेरिका का ‘फायदा उठाते’ रहे हैं और अब इस फैसले के अनुसार वे ऐसा और भी अधिक स्तर पर जारी रख सकते हैं। मुझे यकीन है कि सुप्रीम कोर्ट का ऐसा इरादा नहीं रहा होगा!
Donald J. Trump Truth Social Post 04:11 PM EST 02.27.26 pic.twitter.com/SQGT6zcC8a
— Commentary Donald J. Trump Posts From Truth Social (@TrumpDailyPosts) February 27, 2026
सुप्रीम कोर्ट ने ट्रंप के टैरिफ को ग़लत ठहराया था
यह समझ से परे है कि जिन देशों और कंपनियों ने दशकों तक हमारा फायदा उठाया और अरबों डॉलर प्राप्त किए, जिन्हें उन्हें नहीं मिलना चाहिए था, वे अब इस बेहद निराशाजनक फैसले के कारण एक अभूतपूर्व ‘विंडफॉल’ (अप्रत्याशित लाभ) के हकदार हो सकते हैं। क्या इस मामले में पुनः सुनवाई या पुनः निर्णय संभव है???”
Donald J. Trump Truth Social Post 04:11 PM EST 02.27.26The recent Decision of the United States Supreme Court concerning TARIFFS could allow for Hundreds of Billions of Dollars to be returned to Countries and Companies that have been “ripping off” the United States of America…
— Commentary Donald J. Trump Posts From Truth Social (@TrumpDailyPosts) February 27, 2026
उनका यह बयान उस फैसले के बाद आया है, जिसमें पिछले सप्ताह अमेरिका के सुप्रीम कोर्ट ने ट्रंप के व्यापक टैरिफ उपायों के अधिकांश हिस्सों के खिलाफ निर्णय दिया था। इसके बाद ट्रंप ने सभी देशों पर 10 प्रतिशत का वैश्विक टैरिफ “लगभग तुरंत” लागू करने का आदेश हस्ताक्षरित किया।
Trump raises alarm over Supreme Court Tariffs ruling; asks if rehearing is possibleRead @ANI Story | https://t.co/UIvZHGssRO #DonaldTrump #USPresident #USAtariffs pic.twitter.com/hiWmwXyGsy
— ANI Digital (@ani_digital) February 28, 2026
अमेरिकी अदालत ने 6-3 के बहुमत से सुनाया था फैसला
अदालत ने 6-3 के बहुमत से फैसला सुनाते हुए कहा कि प्रशासन ने 1977 के अंतर्राष्ट्रीय आपातकालीन आर्थिक शक्तियां अधिनियम (IEEPA) का उपयोग कर व्यापक आयात शुल्क लगाने में अपने अधिकार क्षेत्र का अतिक्रमण किया है। अदालत ने स्पष्ट किया कि कर लगाने की शक्ति मुख्य रूप से कांग्रेस के पास है।
फैसले के बाद ट्रंप ने 1974 के ट्रेड एक्ट-1974 की धारा 122 के तहत सभी देशों पर 10 प्रतिशत का वैश्विक टैरिफ लागू करने की घोषणा की, जिसका वर्णन उन्होंने बैलेंस ऑफ पेमेंट्स घाटे से निपटने के लिए 150 दिनों तक (अधिकतम 15 प्रतिशत तक) लागू किए जाने वाले अस्थायी आयात अधिभार के रूप में किया था।
ट्रंप का टैरिफ झटका: SCOTUS के फैसले का भारत और पंजाब की मिट्टी पर क्या होगा असर?#Scotus #Trumptariff #India #America #TradeDeals #Punjabfarmers #PunjabiNews https://t.co/pkJo9Azhi3
— GTC NEWS (@gtcnewsonline) February 21, 2026
बाद में उन्होंने इसे “पूरी तरह अनुमत और कानूनी रूप से परखा हुआ” बताते हुए 15 प्रतिशत स्तर तक और बढ़ा दिया, जो तत्काल प्रभाव से लागू हो गया था।
Truth Social पर एक अन्य पोस्ट में ट्रंप ने कहा कि यह कदम सुप्रीम कोर्ट के “बेतुके, खराब तरीके से लिखे गए और असाधारण रूप से अमेरिका-विरोधी फैसले” के जवाब में उठाया गया है। साथ ही उन्होंने कहा कि आने वाले महीनों में उनका प्रशासन नए, कानूनी रूप से स्वीकार्य टैरिफ तय करेगा ताकि “अमेरिका को फिर से महान बनाया जा सके।”