नई दिल्ली, भारत: अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने सोमवार को कहा कि इजरायल और लेबनान के बीच लगातार बातचीत जारी है। उन्होंने हिज्बुल्लाह पर निशाना साधते हुए उसे ईरान का “प्रॉक्सी संगठन” बताया और कहा कि वह लेबनान के लोगों को नुकसान पहुंचा रहा है।
राष्ट्रीय राजधानी में पत्रकारों से बातचीत के दौरान रुबियो ने कहा कि लेबनान और इजरायल के बीच अलग से बातचीत चल रही है।उन्होंने कहा, “लेबनान को लेकर हम अलग से काम कर रहे हैं। 45 दिनों का युद्धविराम लागू है। लेबनान सरकार और इजरायल के बीच साप्ताहिक बैठकों के साथ रोजाना बातचीत भी जारी है। समस्या लेबनान और इजरायल नहीं हैं, असली समस्या हिज्बुल्लाह है।”
हिज्बुल्लाह ने लेबनान सरकार को गिराने की बात कही
रुबियो ने हिज्बुल्लाह के हालिया बयान का जिक्र करते हुए कहा कि संगठन ने लेबनान सरकार को गिराने की बात कही है। उन्होंने कहा, “कल रात ही हिज्बुल्लाह ने लेबनान सरकार को उखाड़ फेंकने की बात कही। इससे साफ पता चलता है कि हम किससे निपट रहे हैं। यह पूरी तरह ईरान का प्रॉक्सी है। जब तक हिज्बुल्लाह हथियारबंद रहेगा, लेबनान में शांति स्थापित करना मुश्किल होगा, क्योंकि वह वहां के लोगों को ही पीड़ित बना रहा है।”
#WATCH | Delhi: On Iran, US Secretary of State Marco Rubio says, "The President is not going to make a bad deal. No one has been more serious about the threat of a nuclear Iran than President Trump has been. And so I'm very confident that we should all be very confident that… https://t.co/RJikpNJ1dG pic.twitter.com/DwNzkk3XG8
— ANI (@ANI) May 25, 2026
हिज्बुल्लाह की कार्रवाई का जवाब देना इजरायल का अधिकार
अमेरिकी विदेश मंत्री ने कहा कि वॉशिंगटन लगातार लेबनान और इजरायल दोनों सरकारों के संपर्क में है। उन्होंने कहा कि यदि हिज्बुल्लाह इजरायल पर मिसाइल दागता है, तो इजरायल को आत्मरक्षा का पूरा अधिकार है। उन्होंने कहा, “अगर हिज्बुल्लाह मिसाइल हमले करेगा या करने की कोशिश करेगा, तो इजरायल को जवाब देने और उसे रोकने का पूरा अधिकार है।”
हिज्बुल्लाह के खिलाफ इजरायल लड़ रहा है युद्ध, अमेरिका नहीं
इस बीच, ‘जेरूसलम पोस्ट’ की रिपोर्ट के अनुसार, ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने हिज्बुल्लाह प्रमुख नईम कासिम को समर्थन और फंडिंग जारी रखने का भरोसा दिया है। रिपोर्ट के मुताबिक, अराघची ने टेलीग्राम पर संदेश जारी कर कहा कि ईरान उन संगठनों का समर्थन आखिरी समय तक करता रहेगा, जो अपने अधिकारों और आजादी के लिए संघर्ष कर रहे हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि लेबनान में युद्धविराम किसी भी संभावित समझौते की अहम शर्त है, हालांकि हिज्बुल्लाह के खिलाफ युद्ध इजरायल लड़ रहा है, अमेरिका नहीं।
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