नई दिल्ली, भारत: आम आदमी पार्टी (AAP) की वरिष्ठ नेता आतिशी ने शुक्रवार को दिल्ली आबकारी नीति मामले में अरविंद केजरीवाल को बरी किए जाने का जश्न मनाया और इसे उनकी “कट्टर ईमानदारी” का परिणाम बताया।
आतिशी ने भाजपा के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए साजिश और केंद्रीय एजेंसियों के दुरुपयोग का आरोप लगाया। उन्होंने कहा, “अरविंद केजरीवाल की ‘कट्टर ईमानदारी’ आज पूरे देश के सामने है... एक तरफ भाजपा की साजिश, सत्ता की भूख और केंद्रीय एजेंसियों का दुरुपयोग है; दूसरी तरफ अरविंद केजरीवाल और आम आदमी पार्टी की ईमानदारी है।”
#WATCH | Delhi | On Arvind Kejriwal's acquittal in excise policy case, AAP leader Atishi says, "Arvind Kejriwal's 'kattar imaandaari' is before the entire nation today...On one side, it is the BJP's conspiracy, hunger for power and misuse of central agencies; on the other side is… pic.twitter.com/9m0YGLewZh
— ANI (@ANI) February 28, 2026
600 पन्नों के आदेश में CBI की कड़ी आलोचना हुई
आप नेता आतिशी का यह बयान 27 फरवरी को राउज़ एवेन्यू कोर्ट द्वारा पूर्व दिल्ली मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, मनीष सिसोदिया और 21 अन्य लोगों को दिल्ली आबकारी नीति मामले में आरोपमुक्त किए जाने के बाद आया है। आरोप तय करने से इनकार करने के अदालत के फैसले को आम आदमी पार्टी ने अपने नेतृत्व की ईमानदारी की पूर्ण पुष्टि बताया है।
न्यायाधीश जितेंद्र सिंह द्वारा दिए गए 600 पन्नों के आदेश में केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) के मामले की कड़ी आलोचना की गई। अदालत ने कहा कि केजरीवाल की कथित “केंद्रीय साजिशकर्ता की भूमिका” को किसी ठोस साक्ष्य से साबित नहीं किया जा सका।
फैसले के बाद अरविंद केजरीवाल हुए भावुक
न्यायाधीश ने जांच को “पूर्व नियोजित और सुनियोजित अभ्यास” बताया, जिसमें बाद में एक कहानी के अनुरूप भूमिकाएं तय की गईं। अदालत ने कहा कि आरोप “न्यायिक जांच की कसौटी पर खरे नहीं उतरे” और मनीष सिसोदिया के खिलाफ किसी आपराधिक मंशा का पता नहीं चला।
फैसले के बाद भावुक हुए केजरीवाल की आंखों में आंसू आ गए। उन्होंने भाजपा को दिल्ली में ताजा चुनाव की चुनौती देते हुए कहा, “अगर भाजपा 10 से ज्यादा सीटें जीतती है, तो मैं राजनीति छोड़ दूंगा।” 17 महीने जेल में रहने के बाद रिहा हुए सिसोदिया ने इसे ऐतिहासिक दिन बताया और कहा कि उनकी सरकार को गिराने की साजिश को न्यायपालिका ने विफल कर दिया है।
दिल्ली भाजपा अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा ने कहा कि यह बरी होना निर्दोषता के कारण नहीं, बल्कि साक्ष्यों की कमी के कारण हुआ है, और यह भी बताया कि CBI ने इस आदेश के खिलाफ उच्च न्यायालय में पहले ही अपील कर दी है।
State President Shri @Virend_Sachdeva's reaction on AAP Leaders’ Merriment after court decision. pic.twitter.com/dxdnJ8RMQP
— BJP Delhi (@BJP4Delhi) February 27, 2026
क्या था पूरा मामला ?
यह मामला आम आदमी पार्टी सरकार द्वारा 2021-22 में लागू की गई दिल्ली आबकारी नीति में कथित भ्रष्टाचार के आरोपों से जुड़ा है। CBI ने आरोप लगाया था कि इस नीति को कुछ निजी शराब लाइसेंसधारकों को लाभ पहुंचाने के लिए तैयार किया गया, जिसमें कथित रूप से लाइसेंस शुल्क में कमी और लाभ मार्जिन तय किए गए, जिससे कथित तौर पर कमीशन और दिल्ली सरकार को वित्तीय नुकसान हुआ।
CBI ने अगस्त 2022 में दिल्ली के उपराज्यपाल वीके सक्सेना की शिकायत के बाद एफआईआर दर्ज की थी। एजेंसी के अनुसार, नीति निर्माण के चरण में ही कथित आपराधिक साजिश रची गई थी और निविदा प्रक्रिया के बाद चुनिंदा संस्थाओं को लाभ पहुंचाने के लिए जानबूझकर खामियां डाली गई थीं।