नई दिल्ली, भारत: प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने मादक पदार्थों की तस्करी से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में 7.17 करोड़ रुपये मूल्य की अचल संपत्तियों को कुर्क किया है। यह मामला नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रॉपिक सब्सटेंसेस अधिनियम, 1985 (NDPS Act) के तहत दर्ज अपराधों से संबंधित है।
यह कार्रवाई ED के पणजी जोनल कार्यालय ने धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA) के तहत की गई जांच के बाद की। यह जांच नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB), गोवा द्वारा 7 मार्च 2021 को दर्ज शिकायत के आधार पर शुरू की गई थी। शिकायत उगोचुक्वु सोलोमन उबाबुको, इन्फिनिटी जॉन उर्फ डेविड उर्फ वैलेंटाइन एजेज़ी और प्रसाद प्रकाश वाल्के के खिलाफ एनडीपीएस अधिनियम के तहत दर्ज की गई थी।
The Enforcement Directorate attached immovable properties valued at Rs 7.17 crore in a case of money laundering arising out of narcotics trafficking offences under the Narcotic Drugs and Psychotropic Substances Act, 1985 (NDPS Act): ED
— ANI (@ANI) February 26, 2026
बड़ी मात्रा में कोकीन, चरस और गांजा सहित मादक पदार्थ बरामद
NCB ने गोवा के असगांव स्थित परिसरों से एलएसडी, कोकीन, चरस और गांजा सहित व्यावसायिक मात्रा में मादक पदार्थ बरामद किए थे। इसके बाद प्रसाद वाल्के के आवास पर की गई तलाशी में भी LSD बरामद हुई थी। ED के अनुसार, प्रसाद वाल्के को पहले वर्ष 2018 में NCB ने गिरफ्तार किया था और वर्ष 2023 में गोवा पुलिस की एंटी-नारकोटिक सेल ने एमडीएमए, एक्स्टेसी पाउडर और हाइड्रोपोनिक वीड की बरामदगी से जुड़े अलग-अलग एनडीपीएस मामलों में फिर से गिरफ्तार किया था। वह फिलहाल न्यायिक हिरासत में है।
कुर्क संपत्तियों में 3 मकान शामिल, जिन्हें ED ने ‘अपराध से प्राप्त आय’ माना
ED की जांच में सामने आया कि अवैध मादक पदार्थों की तस्करी से अर्जित धन को प्रसाद प्रकाश वाल्के और शीतल प्रसाद वाल्के के नाम पर खोले गए कई बैंक खातों में भारी नकद जमा के जरिए बैंकिंग प्रणाली में डाला गया। कुर्क की गई संपत्तियों में गोवा में स्थित एक तीन मंजिला आवासीय मकान और दो दो-मंजिला मकान शामिल हैं। ये संपत्तियां प्रसाद प्रकाश वाल्के और शीतल प्रसाद वाल्के के नाम पर हैं और इन्हें एनडीपीएस अधिनियम, 1985 के तहत अनुसूचित अपराधों से अर्जित ‘अपराध से प्राप्त आय’ (Proceeds of Crime) मानते हुए कुर्क किया गया है।
ED, मादक पदार्थों की तस्करी, मनी लॉन्ड्रिंग के खिलाफ कार्रवाई के लिए प्रतिबद्ध
ED ने कहा कि वह पीएमएलए और संबंधित कानूनों के प्रावधानों का उपयोग करते हुए मादक पदार्थों की तस्करी और मनी लॉन्ड्रिंग के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए प्रतिबद्ध है। ‘नशा मुक्त भारत अभियान’ के तहत ED ने कहा कि वह अवैध मादक पदार्थ तस्करी नेटवर्क को उनकी वित्तीय जड़ों पर प्रहार कर ध्वस्त करने के अपने संकल्प पर कायम है। अवैध कमाई को जब्त कर और उससे अर्जित संपत्तियों को कुर्क कर एजेंसी देश को नशामुक्त बनाने के राष्ट्रीय अभियान को मजबूती दे रही है।
ED द्वारा की गई यह कार्रवाई अवैध मादक पदार्थ व्यापार पर अंकुश लगाने और अपराध से प्राप्त आय का पता लगाने, पहचान करने और उसे कुर्क करने के ईडी के निरंतर प्रयासों का उदाहरण है, साथ ही यह एक कड़ा संदेश भी देती है।