बिजनौर: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को बिजनौर और चांदपुर विधानसभा क्षेत्रों में 1,003 करोड़ रुपये से अधिक लागत वाली 76 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया। इस दौरान उन्होंने विभिन्न सरकारी योजनाओं के लाभार्थियों को चेक, स्वीकृति पत्र और नियुक्ति पत्र भी वितरित किए। कार्यक्रम स्थल पर लगी प्रदर्शनी का अवलोकन करने के साथ मुख्यमंत्री ने खिलाड़ियों को सम्मानित भी किया।

सभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले प्रदेश की सरकारें बिजनौर की उपेक्षा करती थीं, जबकि आज यह जिला तेजी से विकास की नई पहचान बना रहा है। उन्होंने कहा कि जिले में सड़क, रेलवे, मेडिकल कॉलेज जैसी आधारभूत सुविधाओं का विस्तार हुआ है और गन्ना किसानों को समय पर भुगतान सुनिश्चित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि अब विकास की दिशा जनता द्वारा चुने गए जनप्रतिनिधियों की सक्रिय भागीदारी से तय हो रही है।

'हमें जिन्ना नहीं, गन्ना पसंद है':

मुख्यमंत्री ने कहा कि कुछ राजनीतिक दल समाज को बांटने की राजनीति करते हैं, जबकि उनकी सरकार किसानों और विकास की राजनीति में विश्वास रखती है। उन्होंने कहा कि सरकार ने गन्ना किसानों के हित में कई फैसले लिए हैं और प्रदेश को दंगा, माफिया और अपराध की संस्कृति से बाहर निकालने का काम किया है।

उन्होंने कहा कि पहले कानून-व्यवस्था की स्थिति कमजोर होने के कारण धार्मिक आयोजनों पर रोक लगानी पड़ती थी, लेकिन अब कांवड़ यात्रा, रामनवमी, श्रीकृष्ण जन्माष्टमी और दुर्गा पूजा जैसे पर्व शांतिपूर्ण वातावरण में आयोजित हो रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि आज प्रदेश में बेटियां, व्यापारी और किसान पहले की तुलना में अधिक सुरक्षित माहौल में अपना कार्य कर रहे हैं।

नर्सिंग कॉलेज से बेटियों को मिलेगा नया अवसर:

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में डबल इंजन सरकार ने बिजनौर के विकास को नई गति दी है। उन्होंने बताया कि गंगा एक्सप्रेसवे को बिजनौर के रास्ते हरिद्वार तक जोड़ने की दिशा में भी कार्य किया जाएगा।

उन्होंने कहा कि मेडिकल कॉलेज के बाद जिले में नर्सिंग कॉलेज की भी आधारशिला रखी जा चुकी है। इससे स्थानीय छात्राओं को नर्सिंग शिक्षा के लिए दूसरे शहरों का रुख नहीं करना पड़ेगा। उन्होंने नर्सिंग क्षेत्र में रोजगार की व्यापक संभावनाओं का भी उल्लेख किया।

अपराध से विकास की ओर बढ़ा बिजनौर:

मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2017 से पहले गन्ना किसानों को लंबे समय तक भुगतान का इंतजार करना पड़ता था, नई गन्ना प्रजातियों का विस्तार नहीं हो रहा था और अपराध के कारण आमजन भय के माहौल में जीवन जीने को मजबूर थे।

उन्होंने कहा कि अब प्रदेश सरकार की प्राथमिकता कानून-व्यवस्था को मजबूत करना और विकास कार्यों को गति देना है। उनके अनुसार वर्तमान समय में बिजनौर अपराध और माफिया की छवि से निकलकर विकास की दिशा में आगे बढ़ रहा है।

समाज को बांटने वाली राजनीति से सतर्क रहने की अपील:

मुख्यमंत्री ने कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों पर निशाना साधते हुए कहा कि समाज को जाति और वर्ग के आधार पर विभाजित करने की कोशिशें लोकतंत्र के लिए उचित नहीं हैं। उन्होंने बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर और योगेंद्र नाथ मंडल का उल्लेख करते हुए सामाजिक समरसता और राष्ट्रीय एकता पर बल दिया।

उन्होंने कहा कि सरकार किसानों की कर्जमाफी, दुर्घटना बीमा, गरीबों के लिए आवास और अन्य कल्याणकारी योजनाओं के माध्यम से समाज के अंतिम व्यक्ति तक लाभ पहुंचाने का प्रयास कर रही है।

डीबीटी से सीधे खातों में पहुंच रहा लाभ:

मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले सरकारी योजनाओं की राशि बीच में ही भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ जाती थी, जबकि अब डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (डीबीटी) व्यवस्था के माध्यम से धनराशि सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में भेजी जा रही है।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, विभिन्न पेंशन योजनाओं और अन्य कल्याणकारी कार्यक्रमों का लाभ पारदर्शी तरीके से लोगों तक पहुंच रहा है। राशन वितरण प्रणाली भी डिजिटल निगरानी के दायरे में है, जिससे अनियमितताओं पर तत्काल कार्रवाई की जा रही है।

विकास कार्यों के लिए धन की कमी नहीं:

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार के पास विकास योजनाओं के लिए पर्याप्त संसाधन उपलब्ध हैं। उन्होंने जनप्रतिनिधियों से स्थानीय जरूरतों के अनुसार सड़क, पुल और फ्लाईओवर जैसी परियोजनाओं के प्रस्ताव भेजने का आग्रह किया और भरोसा दिलाया कि आवश्यक परियोजनाओं को स्वीकृति देकर शीघ्र कार्य शुरू कराया जाएगा।

उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य गांवों को बेहतर सड़क संपर्क, किसानों को समृद्धि और युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराना है। साथ ही पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया के माध्यम से युवाओं को सरकारी सेवाओं में अवसर दिए जा रहे हैं तथा स्वरोजगार को भी बढ़ावा दिया जा रहा है।

कार्यक्रम में विभिन्न योजनाओं के तहत कई लाभार्थियों को नियुक्ति पत्र, स्वीकृति पत्र, वित्तीय सहायता, आवास, उद्यमिता, कृषि, पेंशन और अन्य योजनाओं से संबंधित लाभ वितरित किए गए। समारोह में मंत्री कपिल देव अग्रवाल, सांसद चंदन चौहान, विधान परिषद सदस्य डॉ. हरी सिंह ढिल्लों, अशोक कटारिया सहित कई जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी उपस्थित रहे।