लखनऊ: उत्तर प्रदेश सरकार प्रदेशवासियों को सुरक्षित, शुद्ध और गुणवत्तापूर्ण खाद्य सामग्री उपलब्ध कराने के लिए लगातार अभियान चला रही है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मंशा के अनुरूप विश्व खाद्य सुरक्षा दिवस (7 जून 2026) पर खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (एफएसडीए) ने सुरक्षित खाद्य उपलब्ध कराने का संकल्प लिया था। इसी क्रम में पूरे प्रदेश में व्यापक अंतर्जनपदीय और जनपदीय प्रवर्तन अभियान चलाया गया, जिसके तहत मिलावटखोरों और खाद्य सुरक्षा नियमों का उल्लंघन करने वालों पर सख्त कार्रवाई की गई।

अभियान के दौरान प्रदेशभर में 3,537 निरीक्षण किए गए, 2,075 स्थानों पर छापेमारी हुई और 2,965 खाद्य नमूने जांच के लिए प्रयोगशालाओं में भेजे गए। कार्रवाई के दौरान लगभग 2,929.86 कुंतल खाद्य सामग्री (अनुमानित मूल्य 11.66 करोड़ रुपये) जब्त की गई, जबकि 551.71 कुंतल असुरक्षित एवं मिलावटी खाद्य सामग्री (करीब 63.17 लाख रुपये मूल्य) को मौके पर ही नष्ट करा दिया गया।

मसाले, दूध, घी, तेल और पेयजल पर विशेष फोकस:

एफएसडीए की आयुक्त डॉ. रोशन जैकब ने बताया कि अभियान का उद्देश्य केवल मिलावट करने वालों पर कार्रवाई करना नहीं था, बल्कि उपभोक्ताओं का भरोसा मजबूत करना और खाद्य कारोबारियों को गुणवत्ता मानकों का पालन करने के लिए प्रेरित करना भी था। इस दौरान खुले और पैक्ड मसाले, दूध एवं दुग्ध उत्पाद, पनीर, घी, खाद्य तेल, पैकेज्ड पेयजल, अचार, सॉस, जैम, जेली, मेयोनेज़ और चटनी जैसी विभिन्न श्रेणियों में विशेष जांच अभियान चलाया गया।

मिलावट के खिलाफ व्यापक कार्रवाई:

मसालों की जांच के दौरान 1,055 नमूने लिए गए। 419.7 क्विंटल मसाले (लगभग 67.78 लाख रुपये मूल्य) जब्त किए गए, जबकि 80.47 क्विंटल अनुपयोगी मसालों (करीब 15.17 लाख रुपये मूल्य) को नष्ट कराया गया।

अचार, सॉस, जैम, जेली, मेयोनेज़ और चटनी की श्रेणी में 801 नमूने लिए गए। जांच के दौरान 338.6 क्विंटल खाद्य सामग्री (27.77 लाख रुपये मूल्य) जब्त हुई तथा 259.28 क्विंटल असुरक्षित उत्पाद (17.56 लाख रुपये मूल्य) नष्ट किए गए।

दूध एवं दुग्ध उत्पादों पर सबसे बड़ा अभियान चलाया गया। 572 छापों के दौरान 885 नमूने एकत्र किए गए। जांच के दौरान 1,876.66 क्विंटल दूध एवं दुग्ध उत्पाद (लगभग 10.66 करोड़ रुपये मूल्य) जब्त किए गए, जबकि 211.96 क्विंटल मिलावटी और असुरक्षित उत्पाद (करीब 30.44 लाख रुपये मूल्य) नष्ट करा दिए गए।

पेयजल इकाइयों पर भी सख्त कार्रवाई:

पैकेज्ड पेयजल निर्माण इकाइयों पर 212 छापों के दौरान 224 नमूने लिए गए। जांच के बाद 56 इकाइयों को सुधार नोटिस जारी किए गए, 41 लाइसेंस निलंबित किए गए, 57 इकाइयों को सील किया गया और 37 इकाइयों का उत्पादन बंद कराया गया। साथ ही 293 किलोलीटर पैकेज्ड पेयजल (करीब 5.06 लाख रुपये मूल्य) जब्त किया गया।

प्रदेश की 520 पैकेज्ड ड्रिंकिंग वाटर एवं मिनरल वाटर इकाइयों की जांच में 397 नमूनों का परीक्षण किया गया, जिनमें 119 नमूने असुरक्षित और 194 अधोमानक पाए गए। इसके बाद संबंधित इकाइयों के लाइसेंस निलंबित करने और संबंधित ब्रांडों पर सुधार होने तक रोक लगाने की कार्रवाई की गई।

खाद्य तेल और घी के ब्रांड भी जांच के दायरे में:

खाद्य तेल की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए गठित 58 विशेष टीमों ने 64 निर्माण इकाइयों का निरीक्षण किया। 210 नमूने जांच के लिए लिए गए तथा लगभग 4,153 किलोलीटर खाद्य तेल (करीब 6.5 करोड़ रुपये मूल्य) जब्त किया गया। जांच में कई नमूने मानकों पर खरे नहीं उतरे, जिसके बाद 14 इकाइयों के विभिन्न ब्रांडों पर अस्थायी प्रतिबंध लगाया गया।

इसी तरह घी के कई नमूने भी असुरक्षित पाए गए। इसके बाद उत्तर प्रदेश की 6 तथा प्रदेश के बाहर की 5 निर्माण इकाइयों के कुल 11 ब्रांडों के निर्माण, भंडारण, वितरण और बिक्री पर सुधार होने तक रोक लगा दी गई।

छह जिलों में दर्ज हुई एफआईआर:

आयुक्त डॉ. रोशन जैकब ने बताया कि गंभीर अनियमितताओं के मामलों में शाहजहांपुर, मथुरा, अमरोहा, अलीगढ़, बदायूं और उन्नाव में छह एफआईआर दर्ज कराई गईं। इनमें नकली पनीर, नकली दूध और घी का निर्माण, सिंथेटिक रंगों का इस्तेमाल, प्रतिबंधित पदार्थों से खाद्य सामग्री तैयार करना, बिना लाइसेंस उत्पादन और सील तोड़कर दोबारा फैक्ट्री संचालित करने जैसे मामले सामने आए।

उन्होंने कहा कि अभियान के दौरान यह भी सुनिश्चित किया गया कि छोटे और खुदरा व्यापारियों का अनावश्यक उत्पीड़न न हो। कार्रवाई मुख्य रूप से संगठित रूप से मिलावट करने वाले और गंभीर खाद्य अपराधों में शामिल लोगों पर केंद्रित रही।

प्रमुख कार्रवाई वाले जिले:

- शाहजहांपुर में सिंथेटिक रंग से तैयार 400 किलोग्राम सौंफ जब्त की गई।

- मथुरा में सील तोड़कर बिना लाइसेंस डेयरी संचालन का मामला पकड़ा गया।

- अमरोहा में प्रतिबंधित पदार्थों से बटर बनाने और बड़ी मात्रा में व्हे पाउडर व स्क्रैप पाउडर बरामद हुआ।

- अलीगढ़ में नकली पनीर बनाने वाली फैक्ट्री पर कार्रवाई की गई।

- बदायूं में नकली दूध और घी तैयार करने का मामला सामने आया।

- उन्नाव में सील की गई सॉस फैक्ट्री को दोबारा संचालित करने पर एफआईआर दर्ज की गई।