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Strait of Hormuz पर ईरान का बड़ा ऐलान, अमेरिका-इज़रायल और पश्चिमी देशों के जहाज़ों के लिए रास्ता बंद...

By: GTC News Desk  |  Edited By: Preeti Kamal  |  Updated at: March 06th 2026 03:16 PM

Strait of Hormuz पर ईरान का बड़ा ऐलान, अमेरिका-इज़रायल और पश्चिमी देशों के जहाज़ों के लिए रास्ता बंद...
Strait of Hormuz पर ईरान का बड़ा ऐलान, अमेरिका-इज़रायल और पश्चिमी देशों के जहाज़ों के लिए रास्ता बंद...

GTC Bharat: ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने घोषणा की है कि होर्मुज़ जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) अब अमेरिका, इज़रायल, यूरोप और उनके पश्चिमी सहयोगियों से जुड़े जहाज़ों के लिए बंद कर दिया गया है। यह बयान ईरान के सरकारी प्रसारक Islamic Republic of Iran Broadcasting (IRIB) के माध्यम से जारी किया गया। यह घोषणा दुनिया के सबसे व्यस्त समुद्री मार्गों में से एक पर कई दिनों से जारी अनिश्चितता के बाद की गई है।

IRGC के अनुसार यह फैसला युद्धकाल में अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत ईरान के अधिकारों के अनुरूप है। बल ने चेतावनी दी कि अमेरिका, इज़रायल, यूरोप और उनके समर्थकों से जुड़े जहाज़ अगर इस जलमार्ग से गुजरने की कोशिश करेंगे तो उन्हें सैन्य कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा। IRGC ने IRIB के हवाले से कहा, “हम पहले भी कह चुके हैं कि अंतरराष्ट्रीय कानून और प्रस्तावों के आधार पर युद्ध के समय इस्लामिक गणराज्य ईरान को Strait of Hormuz से गुजरने वाले मार्ग को नियंत्रित करने का अधिकार है।”

Strait of Hormuz तब से लगभग निष्क्रिय स्थिति में है जब अमेरिका और इज़रायल ने शनिवार को ईरान के खिलाफ संयुक्त सैन्य अभियान शुरू किया। इस टकराव के बाद वैश्विक तेल कीमतों में तेज़ उछाल आया है और विश्व अर्थव्यवस्था पर इसके असर को लेकर चिंता बढ़ गई है।

अमेरिका-इज़राइल बनाम ईरान लड़ाई पर भारत के पूर्व R&AW चीफ़ विक्रम सूद ने कहा, "यह कहना मुश्किल है  कि इस लड़ाई पर विराम लगने में कितना समय लगेगा, लेकिन मुझे लगता है कि यह अमेरिकियों की सोच से ज़्यादा समय तक चलेगा क्योंकि वे एक छोटे, तेज़ हमले और बाहर निकलने की उम्मीद कर रहे थे। लेकिन, ईरानी एक अलग खेल, खेल रहे हैं... वे अमेरिका के साथियों को मार रहे हैं, जिससे उनके बीच अमेरिका के ख़िलाफ़ बेचैनी पैदा हो रही है... याद रखें, ईरानी मरने को तैयार हैं, लेकिन अमेरिकी मरने को तैयार नहीं हैं...”

केवल चीन के झंडे वाले जहाज़ों को अनुमति है

इस सप्ताह की शुरुआत में ईरान ने संकेत दिया था कि वह केवल चीन के झंडे वाले जहाज़ों को जलडमरूमध्य से गुजरने की अनुमति देगा। तेहरान ने इसे संघर्ष के दौरान बीजिंग के रुख के प्रति आभार का संकेत बताया। यह फैसला इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि Strait of Hormuz फारस की खाड़ी के बंदरगाहों के लिए समुद्र तक पहुंच का एकमात्र मार्ग है।

ताज़ा संघर्ष शुरू होने के बाद से ईरान इस मार्ग पर नियंत्रण बनाए हुए है, जिससे वैश्विक सप्लाई चेन पर अतिरिक्त दबाव पड़ रहा है। कई शिपिंग कंपनियों और जहाज़ संचालकों ने खाड़ी क्षेत्र में जारी सैन्य गतिविधियों के चलते इस रास्ते से गुजरना फिलहाल रोक दिया है। दुनिया के समुद्री मार्ग से होने वाले तेल व्यापार का लगभग 20 प्रतिशत हिस्सा Strait of Hormuz से होकर गुजरता है, इसलिए यह वैश्विक ऊर्जा बाज़ार के लिए बेहद अहम मार्ग है।

'Strait of Hormuz' क्षेत्रीय व्यापार के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण

भौगोलिक रूप से फारस की खाड़ी एक बंद खाड़ी जैसा क्षेत्र है, जिसके किनारे कुवैत, इराक और ईरान स्थित हैं। इसके बावजूद Strait of Hormuz क्षेत्रीय व्यापार के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण बना हुआ है। यही मार्ग जेबेल अली पोर्ट (Jebel Ali Port) तक, जो दुबई में स्थित दुनिया का दसवां सबसे बड़ा कंटेनर टर्मिनल है वहां तक समुद्री पहुंच प्रदान करता है। यह बंदरगाह दर्जनों देशों के लिए प्रमुख वितरण केंद्र के रूप में काम करता है। इतिहास में कभी भी Strait of Hormuz पूरी तरह से वाणिज्यिक जहाज़ों के लिए बंद नहीं हुआ। यहां तक कि ईरान-इराक युद्ध (1980–1988) के दौरान भी, जब तेल टैंकरों पर अक्सर हमले होते थे, तब भी व्यापारी जहाज़ों का आवागमन जारी रहा था।

कई तेल टैंकर कुवैत और दुबई के तट के पास लंगर डाले हुए हैं

रियल-टाइम शिप ट्रैकिंग प्लेटफॉर्म समुद्री यातायात के आंकड़ों के अनुसार, कई जहाज़ जलडमरूमध्य के बाहर इंतजार कर रहे हैं। कई तेल टैंकर कुवैत के पास और दुबई के तट के पास लंगर डाले हुए हैं, जबकि ईरान के अपने व्यापारी जहाज़ बंदर अब्बास बंदरगाह के पास Strait of Hormuz के पूर्वी हिस्से में खड़े हैं। इसके अलावा, कई जहाज़ Hormuz चैनल के प्रवेश द्वार के बाहर भी जमा हैं और आगे की स्थिति का इंतजार कर रहे हैं।

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