नई दिल्ली: आम आदमी पार्टी (AAP) की दिल्ली इकाई के अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने रविवार को राष्ट्रीय राजधानी में गरीबों के लिए मिलने वाले सब्सिडी वाले चावल की कथित हेराफेरी को लेकर 22,000 करोड़ रुपये के घोटाले की योजना का आरोप लगाया। भारद्वाज ने दावा किया कि असम स्थित एक कॉरपोरेशन और दिल्ली सरकार की ओर से भारतीय खाद्य निगम (FCI) को भारी सब्सिडी वाले चावल की मांग को लेकर औपचारिक अनुरोध भेजा गया था।

उनके मुताबिक, दिल्ली में गरीबों के बीच वितरण के लिए हर सप्ताह 31,000 मीट्रिक टन चावल की मांग की गई थी। भारद्वाज ने आरोप लगाया कि प्रस्तावित व्यवस्था के जरिए बड़े पैमाने पर सब्सिडी वाले खाद्यान्न की हेराफेरी की योजना थी।

हर सप्ताह ₹143 करोड़ के घोटाले का आरोप

सौरभ भारद्वाज ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट के जरिए दावा किया कि इस कथित व्यवस्था से हर सप्ताह करीब 143 करोड़ रुपये के घोटाले की योजना थी और इसे तीन वर्षों तक चलाया जाना था। उन्होंने आरोप लगाया कि यह सब्सिडी वाला चावल दिल्ली के किसी गरीब व्यक्ति तक नहीं पहुंचा और कथित तौर पर इसे भारी मुनाफे पर हरियाणा की एक निजी कंपनी को बेच दिया गया।

AAP नेता के दावे के मुताबिक, यदि यह व्यवस्था तीन वर्षों तक चलती, तो कथित घोटाले की कुल राशि करीब 22,000 करोड़ रुपये होती। हालांकि, ये आरोप सौरभ भारद्वाज द्वारा लगाए गए हैं और दिए गए विवरण में किसी जांच एजेंसी या अदालत द्वारा इन आरोपों की पुष्टि का उल्लेख नहीं है।

मतदाता सूची को लेकर भी उठाए सवाल

इससे पहले गुरुवार को सौरभ भारद्वाज ने AAP नेताओं संजय झा और कुलदीप कुमार के साथ दिल्ली के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) अशोक कुमार से मुलाकात की थी। इस दौरान उन्होंने मतदाता सूची के चल रहे Special Intensive Revision (SIR) को लेकर चिंता जताई। भारद्वाज ने आरोप लगाया कि दिल्ली के गांवों और JJ क्लस्टरों में रहने वाले कई वास्तविक मतदाताओं को अभी तक Enumeration Forms नहीं मिले हैं। 

उन्होंने यह भी दावा किया कि कई पात्र मतदाताओं को गलत तरीके से ‘shifted’ यानी स्थानांतरित बताया जा रहा है, जिसके चलते उनके नाम मतदाता सूची से हटाए जा रहे हैं। AAP नेता ने इस प्रक्रिया में वास्तविक मतदाताओं के नाम सुरक्षित रखने और मतदाता सूची को लेकर पारदर्शिता सुनिश्चित करने की मांग उठाई।