नई दिल्ली, भारत: वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) ने NCR राज्यों और दिल्ली राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र की सरकार (GNCTD)को क्षेत्र-विशिष्ट वायु प्रदूषण स्रोतों से निपटने के लिए लक्षित सूचना, शिक्षा और संचार (IEC) अभियान शुरू करने का निर्देश देते हुए एक रूपरेखा जारी की है।
इस कदम का उद्देश्य दिल्ली-एनसीआर में प्रदूषण नियंत्रण रणनीति के एक मुख्य स्तंभ के रूप में निरंतर जनभागीदारी को संस्थागत बनाना है, ताकि मौसमी उपायों की बजाय वर्षभर व्यवहार परिवर्तन और जागरूकता पर ध्यान केंद्रित किया जा सके।
Commission for Air Quality Management (CAQM) in NCR and adjoining areas issues a framework for targeted Information, Education and Communication (IEC) activities by NCR States and GNCTD for abatement of air pollution.@CAQM_Official #DelhiNCR pic.twitter.com/T9T0voOztA
— DD News (@DDNewslive) March 3, 2026
जागरूकता अभियान प्रमुख स्रोतों पर केंद्रित हों
अपने ताज़ा परामर्श में आयोग ने कहा, “आयोग सभी एनसीआर राज्यों और GNCTD को सलाह देता है कि वे क्षेत्र की संबंधित एजेंसियों को प्रमुख प्रदूषण स्रोतों के अनुरूप लक्षित IEC अभियान की योजना बनाने, लागू करने और तेज़ करने के निर्देश दें।” आयोग ने जोर दिया कि जागरूकता अभियान वाहन उत्सर्जन, निर्माण धूल, बायोमास जलाना और औद्योगिक प्रदूषण जैसे प्रमुख स्रोतों पर केंद्रित हों।
नवाचारी जनसंपर्क मॉडल को अपनाने पर ज़ोर दिया गया
CAQM ने कहा कि IEC गतिविधियों में बहु-चैनल दृष्टिकोण अपनाया जाए, जिसमें प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया, सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म तथा सामुदायिक स्तर के कार्यक्रम शामिल हों। व्यापक भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशनों (RWAs), किसान समूहों, परिवहन यूनियनों, बाज़ार संघों और अन्य हितधारकों के साथ संवाद की विशेष सिफारिश की गई है। राज्यों को प्रभाव अधिकतम करने के लिए नवाचारी जनसंपर्क मॉडल अपनाने के लिए भी प्रोत्साहित किया गया है।
कार्ययोजना तैयार करने के दिए गए निर्देश
आयोग ने कहा, “NCR राज्य और GNCTD उपरोक्त रूपरेखा के अनुसार विस्तृत राज्य-स्तरीय IEC कार्ययोजना तैयार करें और IEC गतिविधियों के समन्वय के लिए राज्य स्तर पर एक नोडल विभाग/एजेंसी नामित करें।” इसके अलावा, 2026 के लिए वार्षिक कार्ययोजना प्रस्तुत करने वाली सभी नगर निगमों और विकास प्राधिकरणों को भी अपने-अपने क्षेत्राधिकार में वर्षभर क्रियान्वयन हेतु समर्पित IEC कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं।
SC ने खराब वायु गुणवत्ता संकट पर लगाई थी फटकार
यह निर्देश उस समय आया है जब एक सप्ताह पहले सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली के लगातार खराब वायु गुणवत्ता संकट पर अधिकारियों को फटकार लगाई थी। मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ ने GNCTD को CAQM की सिफारिशों को लागू करने के लिए विस्तृत कार्ययोजना दाखिल करने का निर्देश दिया। अदालत ने पर्यावरण और ऊर्जा मंत्रालय को भी दिल्ली-एनसीआर से सभी कोयला-आधारित उद्योगों को बाहर स्थानांतरित करने का प्रस्ताव देने, प्रभावित इकाइयों की पहचान करने और वैकल्पिक ईंधन स्रोत सुझाने को कहा।
पड़ोसी राज्य, दिल्ली, उत्तर प्रदेश, हरियाणा और राजस्थान को निर्देश दिया गया है कि वे कोयला-आधारित उद्योगों सहित हितधारकों से सुझाव आमंत्रित करने के लिए सार्वजनिक नोटिस जारी करें और उन्हें कार्रवाई रिपोर्ट में शामिल करें।