नई दिल्ली: मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विपक्षी दल संसद के दोनों सदनों में महाभियोग प्रस्ताव का नोटिस लाने की तैयारी कर रहे हैं। कांग्रेस ने इस मुद्दे पर अन्य विपक्षी दलों से संपर्क किया है। कांग्रेस सूत्रों के मुताबिक, नोटिस अगले दो सप्ताह के भीतर संसद में पेश किया जा सकता है।प्रस्तावित कदम चुनाव आयोग के कामकाज और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर चल रहे राजनीतिक विवाद के बीच सामने आया है।हाल में इंडियन एक्सप्रेस की एक रिपोर्ट में गोवा के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) द्वारा चुनाव आयोग के अधिकारियों को भेजे गए पत्रों का उल्लेख किया गया।
रिपोर्ट के अनुसार, गोवा के सीईओ ने सात दिनों के भीतर आठ बार कुछ सुविधाओं तक पहुंच के लिए दिल्ली में संबंधित अधिकारियों से संपर्क किया था। एक अन्य रिपोर्ट में दावा किया गया कि चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने पिछले 10 महीनों में एसआईआर से जुड़े फैसलों और आदेशों को लेकर कम से कम 14 बार आपत्ति दर्ज की थी। इन रिपोर्टों के बाद चुनाव आयोग के आंतरिक कामकाज और एसआईआर प्रक्रिया को लेकर राजनीतिक बहस तेज हुई है।
Opposition parties to move impeachment motion notice against CEC Gyanesh Kumar in Parliament: SourcesRead @ANI Story | https://t.co/ytjPy8Azu6#CEC #GyaneshKumar #Parliament pic.twitter.com/GwQFlG15gK
— ANI Digital (@ani_digital) September 24, 2026
महुआ मोइत्रा ने पुलिस में शिकायत दी
इसी बीच तृणमूल कांग्रेस (TMC) सांसद महुआ मोइत्रा ने गुरुवार को दिल्ली के पार्लियामेंट स्ट्रीट पुलिस स्टेशन में सीईसी ज्ञानेश कुमार के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने शिकायत में प्रक्रियागत उल्लंघन, एकतरफा निर्णय लेने और मतदाता सूची में कथित हेरफेर जैसे आरोप लगाए हैं। ये आरोप उनके हैं और इनकी स्वतंत्र पुष्टि होना बाकी है। मोइत्रा ने मुख्य चुनाव आयुक्त और अन्य चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति, सेवा शर्तों और कार्यकाल से संबंधित 2023 के कानून में दिए गए कानूनी संरक्षण पर भी सवाल उठाए। उन्होंने दावा किया कि यह संरक्षण चुनाव आयोग के बहुसदस्यीय निकाय के रूप में सामूहिक रूप से काम करने की स्थिति से जुड़ा है।
कांग्रेस ने भी चुनाव आयोग पर उठाए सवाल
कांग्रेस सांसद रणदीप सिंह सुरजेवाला ने एसआईआर प्रक्रिया को लेकर चुनाव आयोग पर गंभीर आरोप लगाए और इसे रोकने तथा सीईसी ज्ञानेश कुमार को हटाने की मांग की। उन्होंने मतदाता सूचियों में बड़े पैमाने पर नाम हटाए जाने के आंकड़े भी बताए। हालांकि, ये आंकड़े कांग्रेस की ओर से लगाए गए आरोपों का हिस्सा हैं। चुनाव आयोग ने अपने कामकाज को लेकर उठाए गए व्यापक आरोपों पर असहमति जताई है और कहा है कि उसके फैसले सर्वसम्मति से लिए गए। कांग्रेस नेता प्रमोद तिवारी ने भी चुनाव आयोग के हालिया फैसलों पर सवाल उठाते हुए कहा कि आरोपों का जवाब चुनाव आयोग या मुख्य चुनाव आयुक्त की ओर से आना चाहिए।
INDIA bloc parties have agreed to move a fresh removal motion against Chief Election Commissioner Gyanesh Kumar on Congress’s initiative. The notice may be submitted next week, incorporating recent revelations. A similar notice was filed in the Rajya Sabha on April 24 with the… pic.twitter.com/a3otjYCIRS
— IANS (@ians_india) September 24, 2026
पहले भी हटाने के नोटिस की कोशिश
मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, विपक्ष इससे पहले भी सीईसी ज्ञानेश कुमार को हटाने के लिए महाभियोग नोटिस देने की कोशिश कर चुका है। हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, 12 मार्च और 24 अप्रैल 2026 को ऐसे नोटिस दिए गए थे; इनमें से पहले नोटिस को राज्यसभा सभापति और लोकसभा अध्यक्ष ने खारिज कर दिया था, जबकि दूसरे नोटिस की स्थिति अलग रही। अब प्रस्तावित नया नोटिस चुनाव आयोग के भीतर कथित असहमति और एसआईआर से जुड़े हालिया विवादों को आधार बना सकता है। फिलहाल यह विपक्षी दलों की प्रस्तावित कार्रवाई है और संसद में नोटिस दाखिल होने तथा आगे की संवैधानिक प्रक्रिया के बाद ही इसकी औपचारिक स्थिति स्पष्ट होगी।
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