नई दिल्ली: 23 विपक्षी दलों के नेताओं की महत्वपूर्ण INDI गठबंधन बैठक में तमिलनाडु के मुख्यमंत्री जोसेफ विजय की पार्टी तमिलगा वेत्री कझगम (TVK) को आमंत्रित नहीं किए जाने से राजनीतिक हलकों में कई सवाल खड़े हो गए। खासकर इसलिए क्योंकि तमिलनाडु में सरकार गठन के लिए TVK को कांग्रेस का समर्थन प्राप्त है। ऐसे में यह सवाल उठना जरुरी हो जाता है कि आख़िर क्या कारण है जो INDI गठबंधन में मुख्यमंत्री विजय की उपस्थिति दर्ज नहीं हुई।

एक बड़ा सवाल यह भी है कि क्या ऐसा भी हो सकता है कि यह निर्णय ख़ुद विजय का ही हो, क्योंकि सूबे की कमान संभालने में उन्हें अभी बहुत वक़्त नहीं हुआ है, और फिलहाल उनका पूरा फोकस ख़ुद को राजनैतिक रूप से स्थापित करने पर हो। आइये परत दर परत इस विषय को विस्तार से समझते हैं और यह जानने का प्रयास करते हैं कि INDI गठबंधन में शामिल होने का निमंत्रण TVK पार्टी को क्यों नहीं मिला ?

1. संसद में प्रतिनिधित्व नहीं

TVK को बैठक में आमंत्रित न किए जाने का सबसे बड़ा कारण उसका संसद में प्रतिनिधित्व न होना माना जा रहा है। INDI गठबंधन की इस बैठक में मुख्य रूप से वही दल शामिल हुए जिनके सांसद लोकसभा या राज्यसभा में मौजूद हैं।

हालांकि TVK ने 2026 के तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में बहुमत हासिल कर सरकार बनाई, लेकिन पार्टी ने अभी तक कोई लोकसभा चुनाव नहीं लड़ा है। इसलिए उसके पास लोकसभा या राज्यसभा में एक भी सांसद नहीं है। यही वजह है कि उसे विपक्षी गठबंधन के राष्ट्रीय स्तर के निर्णयों में शामिल नहीं किया गया।

2. INDI गठबंधन की औपचारिक सदस्य नहीं

कांग्रेस और TVK के बीच तमिलनाडु में राजनीतिक सहयोग जरूर है, लेकिन TVK ने कभी औपचारिक रूप से INDI गठबंधन की सदस्यता नहीं ली है। ऐसे में कांग्रेस का सहयोगी होना, INDI गठबंधन का सदस्य होने के बराबर नहीं माना जाता।

3. कांग्रेस-डीएमके विवाद भी बड़ी वजह

TVK की अनुपस्थिति ऐसे समय में हुई है जब तमिलनाडु की राजनीति में बड़ा बदलाव देखने को मिला है। विधानसभा चुनाव के बाद कांग्रेस ने वर्षों पुराना गठबंधन छोड़कर जोसेफ विजय के नेतृत्व वाली टीवीके को समर्थन दिया।

इस फैसले से नाराज DMK ने कांग्रेस पर राजनीतिक विश्वासघात का आरोप लगाया। कांग्रेस के इस कदम के बाद डीएमके ने INDI गठबंधन से दूरी बना ली और 8 जून की बैठक में भी हिस्सा नहीं लिया। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यदि TVK को बैठक में बुलाया जाता तो इससे विपक्षी गठबंधन के भीतर मौजूद मतभेद और अधिक उजागर हो सकते थे।

4. क्या भविष्य में INDI गठबंधन में शामिल होगी टीवीके?

फिलहाल TVK की गैरमौजूदगी को INDI गठबंधन और पार्टी के बीच तनाव के रूप में नहीं देखा जा रहा है। बल्कि यह उसकी अलग राजनीतिक स्थिति को दर्शाता है। जोसेफ विजय लगातार TVK को एक स्वतंत्र राजनीतिक ताकत के रूप में स्थापित करने की कोशिश कर रहे हैं। कांग्रेस के समर्थन से सरकार चलाने के बावजूद उन्होंने राष्ट्रीय गठबंधनों से एक निश्चित दूरी बनाए रखी है। ऐसे में भविष्य में INDI गठबंधन में औपचारिक रूप से शामिल होने या अलग राह अपनाने का फैसला पूरी तरह राजनीतिक परिस्थितियों पर निर्भर करेगा।