नई दिल्ली: IIT दिल्ली में 31 वर्षीय छात्र रिशिकेश कुमार की मौत को लेकर जारी विरोध प्रदर्शन के बीच संस्थान के निदेशक रंगन बनर्जी ने प्रदर्शन कर रहे छात्रों को अनुशासनात्मक कार्रवाई की चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि कैंपस के शांतिपूर्ण कामकाज में बाधा डालने वाले लोगों के खिलाफ संस्थान कार्रवाई करेगा। निदेशक ने छात्रों को भेजे ईमेल में कहा कि संस्थान के आवासीय क्षेत्रों, कक्षाओं, शैक्षणिक गतिविधियों और अन्य कामकाज को बाधित करने की अनुमति नहीं दी जा सकती।

रंगन बनर्जी ने कहा कि 27 अगस्त की रात स्थिति काफी गंभीर हो गई, जब प्रदर्शनकारियों का एक समूह संस्थान के आवासीय क्षेत्र तक पहुंच गया। उनके मुताबिक, रात करीब 10:30 बजे से 12:30 बजे के बीच प्रदर्शनकारियों ने फैकल्टी आवासों के सामने प्रदर्शन किया। निदेशक ने आरोप लगाया कि प्रदर्शन के दौरान कुछ नारों में “अप्रिय, अपमानजनक और धमकी भरी भाषा” का इस्तेमाल किया गया। उन्होंने कहा कि इस तरह का व्यवहार फैकल्टी सदस्यों और उनके परिवारों की सुरक्षा, निजता और शांतिपूर्ण वातावरण को प्रभावित करता है। ईमेल में उन्होंने स्पष्ट किया कि कैंपस के शांतिपूर्ण संचालन में बाधा डालने वाले व्यक्तियों के खिलाफ संस्थान अनुशासनात्मक कार्रवाई करेगा।

छात्रों की तीन प्रमुख मांगें

वहीं, प्रदर्शनकारी छात्रों ने निदेशक के ईमेल के जवाब में जारी बयान में कहा कि उनकी मूल मांगों में कोई बदलाव नहीं आया है। छात्रों के अनुसार उनकी तीन प्रमुख मांगें हैं—

  • जांच
  • मुआवजा
  • जिम्मेदार लोगों का इस्तीफा
पुलिस पर भी छात्रों ने लगाए आरोप

छात्रों का कहना है कि वे अपने साथी छात्र की मौत की निष्पक्ष और स्वतंत्र जांच चाहते हैं तथा उसके परिवार को उचित मुआवजा दिए जाने की मांग कर रहे हैं। प्रदर्शनकारी छात्रों ने आरोप लगाया कि 26 अगस्त को सादे कपड़ों में दिल्ली पुलिस के कुछ कर्मी संस्थान के परिसर में आए और एक बैठक के दौरान छात्रों की रिकॉर्डिंग की। छात्रों ने दावा किया कि यह निदेशक की उस कथित आश्वस्ति के विपरीत है, जिसमें कहा गया था कि प्रदर्शन कर रहे छात्रों के खिलाफ प्रशासन या दिल्ली पुलिस की ओर से कोई कार्रवाई नहीं की जाएगी। हालांकि, छात्रों के इन आरोपों पर पुलिस या संस्थान की ओर से इस रिपोर्ट में कोई स्वतंत्र विस्तृत प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

‘बाहरी लोगों के उकसावे’ के आरोप को किया खारिज

प्रदर्शनकारी छात्रों ने आंदोलन के पीछे बाहरी लोगों या किसी बाहरी संगठन के होने के आरोपों को भी खारिज किया है। उन्होंने कहा कि आंदोलन में शामिल छात्रों का कोई राजनीतिक जुड़ाव नहीं है, उनका कोई छिपा हुआ एजेंडा नहीं है और इस आंदोलन का कोई एकल नेतृत्व भी नहीं है। छात्रों ने इसे सामूहिक और स्वाभाविक आंदोलन बताया है।

22 अगस्त को हुई थी छात्र की मौत

IIT दिल्ली में विरोध प्रदर्शन 31 वर्षीय MSc. Physics छात्र रिशिकेश कुमार की 22 अगस्त को हुई मौत के बाद शुरू हुआ। छात्रों के अनुसार, रिशिकेश की मौत के मामले में स्वतंत्र जांच की जरूरत है। इसके अलावा प्रदर्शनकारी उनके परिवार के लिए मुआवजे और मामले में जिम्मेदारी तय किए जाने की मांग कर रहे हैं। पिछले कई दिनों से संस्थान परिसर में विरोध प्रदर्शन जारी है। प्रशासन की अनुशासनात्मक कार्रवाई की चेतावनी के बाद अब छात्रों और IIT दिल्ली प्रबंधन के बीच गतिरोध और बढ़ने की संभावना है।