9वां संस्करण और रिकॉर्ड भागीदारी
इस वर्ष 'परीक्षा पे चर्चा' ने भागीदारी के मामले में पिछले सभी रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, 2026 के इस संस्करण के लिए देश भर से 4.5 करोड़ से अधिक छात्रों, शिक्षकों और अभिभावकों ने पंजीकरण कराया। यह कार्यक्रम 6 फरवरी को सुबह 10:00 बजे से लाइव प्रसारित किया गया। कार्यक्रम के दौरान पीएम मोदी ने न केवल दिल्ली के प्रगति मैदान (भारत मंडपम) से छात्रों को संबोधित किया, बल्कि पहली बार 'मल्टी-लोकेशन फॉर्मेट' के जरिए देवमोगरा, कोयंबटूर, रायपुर और गुवाहाटी जैसे शहरों के छात्रों से भी सीधे बातचीत की। इस विकेंद्रीकृत दृष्टिकोण ने कार्यक्रम को अधिक समावेशी और प्रभावशाली बनाया।
एआई (AI) और आधुनिक चुनौतियों पर मार्गदर्शन
पीएम मोदी ने इस बार के संवाद में आधुनिक तकनीक, विशेषकर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के उपयोग पर विशेष जोर दिया। उन्होंने छात्रों को सलाह दी कि वे एआई से डरे नहीं, बल्कि इसे अपनी क्षमता बढ़ाने के लिए एक 'उपकरण' की तरह इस्तेमाल करें। प्रधानमंत्री ने कहा, "एआई को अपना मास्टर न बनने दें, बल्कि इसका उपयोग अपनी जिज्ञासा और सीखने की प्रक्रिया को बेहतर बनाने के लिए करें।" इसके अलावा, उन्होंने छात्रों को 'एग्जाम वॉरियर' बनने की प्रेरणा देते हुए रटने के बजाय सीखने पर ध्यान केंद्रित करने और समय प्रबंधन (Time Management) के गुर सिखाए। उन्होंने 'सोशल मीडिया' और 'गेमिंग' जैसे विकर्षणों को संतुलित करने के व्यावहारिक सुझाव भी साझा किए।
परीक्षाओं को उत्सव बनाने की अपील
प्रधानमंत्री ने अभिभावकों और शिक्षकों से भी अपील की कि वे बच्चों पर अंकों का अनावश्यक दबाव न डालें। उन्होंने अपनी पुस्तक 'एग्जाम वॉरियर्स' के सूत्रों का जिक्र करते हुए कहा कि परीक्षाएं जीवन का केवल एक हिस्सा हैं, पूरा जीवन नहीं। कार्यक्रम के अंत में उन्होंने छात्रों को अपनी हॉबी और शारीरिक स्वास्थ्य पर ध्यान देने की सलाह दी। इस अवसर पर देश के विभिन्न हिस्सों से आए छात्रों ने अपनी कलाकृतियां और नवाचार भी प्रदर्शित किए। 'परीक्षा पे चर्चा 2026' ने एक बार फिर यह संदेश दिया कि आत्मविश्वास और सही मानसिक स्थिति ही किसी भी परीक्षा में सफलता की असली कुंजी है।