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योगी सरकार की अभ्युदय योजना: अब मुफ्त में करें IAS-PCS की तैयारी

By: GTC News Desk  |  Edited By: GTC Bharat  |  Updated at: February 20th 2026 12:24 PM

योगी सरकार की अभ्युदय योजना: अब मुफ्त में करें IAS-PCS की तैयारी
योगी सरकार की अभ्युदय योजना: अब मुफ्त में करें IAS-PCS की तैयारी

योजना का मुख्य उद्देश्य और लाभ

मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना का प्राथमिक लक्ष्य उन प्रतिभावान छात्रों को मंच प्रदान करना है, जो भारी-भरकम फीस के कारण निजी कोचिंग संस्थानों में दाखिला नहीं ले पाते। इस योजना के तहत छात्रों को न केवल अनुभवी शिक्षकों का मार्गदर्शन मिलता है, बल्कि IAS और IPS अधिकारियों द्वारा सीधी मेंटरशिप भी दी जाती है। छात्र ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यमों से शिक्षा प्राप्त कर सकते हैं। इसके अलावा, छात्रों को मुफ्त स्टडी मटेरियल, डिजिटल लाइब्रेरी की सुविधा और नियमित रूप से डाउट-क्लियरिंग सत्र भी उपलब्ध कराए जाते हैं, ताकि उनकी तैयारी में कोई बाधा न आए।

पात्रता और आवेदन की प्रक्रिया

इस योजना का लाभ उठाने के लिए आवेदक को उत्तर प्रदेश का स्थायी निवासी होना चाहिए। मुख्य रूप से अनुसूचित जाति (SC), अनुसूचित जनजाति (ST), अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) और सामान्य वर्ग के आर्थिक रूप से कमजोर (EWS) छात्र इसके लिए पात्र हैं। आवेदन करने के लिए छात्रों को आधिकारिक पोर्टल abhyuday.up.gov.in पर जाकर पंजीकरण करना होता है। पंजीकरण के बाद, एक चयन परीक्षा (Entrance Exam) आयोजित की जाती है, जिसके आधार पर मेधावी छात्रों का चयन कोचिंग के लिए किया जाता है। 2025-26 सत्र के लिए कई जनपदों में कक्षाएं शुरू हो चुकी हैं और समय-समय पर नए बैच के लिए आवेदन मांगे जाते हैं।

सफलता की नई इबारत और प्रशासनिक सहयोग

अभ्युदय योजना की सबसे बड़ी विशेषता इसका प्रशासनिक ढांचा है। प्रत्येक मंडल स्तर पर इस योजना की निगरानी मंडलायुक्त (Divisional Commissioner) की अध्यक्षता में की जाती है। हाल के वर्षों में, इस योजना से पढ़े हुए कई छात्रों ने UPPSC और अन्य परीक्षाओं में शीर्ष रैंक हासिल कर इसकी सार्थकता सिद्ध की है। सरकार अब इस मॉडल को और अधिक हाई-टेक बना रही है, जिसमें वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए विशेषज्ञ लेक्चर और रीयल-टाइम क्विज़ शामिल किए जा रहे हैं। यदि आप भी सिविल सेवा या मेडिकल-इंजीनियरिंग में अपना करियर बनाना चाहते हैं, तो यह योजना आपके सपनों को उड़ान देने का सबसे सशक्त माध्यम है।