कोलकाता, पश्चिम बंगाल: पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनावों के कार्यक्रम की घोषणा से पहले, कोलकाता के मेयर और तृणमूल कांग्रेस के मंत्री फिरहाद हकीम ने रविवार को भवानीपुर विधानसभा क्षेत्रसे चुनाव प्रचार अभियान शुरू किया। यह सीट राज्य की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का निर्वाचन क्षेत्र है।
प्रचार के दौरान हाकिम ने आरोप लगाया कि यदि भारतीय जनता पार्टी (BJP) सत्ता में आती है तो वह राज्य में बंगाली समुदाय पर अत्याचार करेगी और राज्य के संसाधनों को लूटेगी। उन्होंने कहा कि आज बंगाल का अस्तित्व ही दांव पर लगा हुआ है।
Kolkata, West Bengal: Minister Firhad Hakim says, "They are from the BJP; they have come to commit atrocities. They are from the BJP; they have come to loot and plunder" pic.twitter.com/9hLN6KJonp
— IANS (@ians_india) March 15, 2026
आज बंगाल का अस्तित्व ही दांव पर लगा है- फिरहाद हकीम
हाकिम ने कहा कि BJP यहाँ अत्याचार करने के लिए आ रही है; यह राज्य को लूटने के लिए आ रही है। बंगालियों पर अत्याचार होगा। एक-एक कर हिसाब चुकता किया जाएगा। हम अपने लोगों से कहते हैं कि हमें एकजुट होकर खड़ा होना होगा, क्योंकि हमें बंगाल को फिर से जीतना है। हमें ममता दी को एक बार फिर मुख्यमंत्री बनाना होगा, क्योंकि आज बंगाल का अस्तित्व ही दांव पर लगा है।
विधानसभा की कुल 294 सीटों पर होगा मुकाबला
पश्चिम बंगाल में विधानसभा की कुल 294 सीटें हैं और मुख्य मुकाबला सत्तारूढ़ अखिल भारतीय तृणमूल कांग्रेस (TMC) और भारतीय जनता पार्टी (BJP) के बीच होने की संभावना है। ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली TMC वर्ष 2011 से राज्य की सत्ता में है।
पिछले विधानसभा चुनावों में TMC ही आगे रही
2016 पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में राज्य में 82.2% मतदान हुआ था। उस चुनाव में TMC ने 294 में से 211 सीटें जीतकर शानदार जीत हासिल की थी और उसे 45.6% वोट मिले थे।
वहीं भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस औरभारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (Marxist) को क्रमशः 44 और 26 सीटें मिली थीं, जिनका वोट शेयर 12.4% और 20.1% था। दूसरी ओर BJP को केवल 3 सीटें मिली थीं और उसे 10.3% वोट शेयर प्राप्त हुआ था।
2021 में BJP ने प्रदर्शन में सुधार किया
हालांकि, 2021 पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में राज्य में 84.7% के उच्च मतदान के बावजूद TMC ने सत्ता बरकरार रखी। हालांकि उसकी कुल सीटों की संख्या में थोड़ी कमी आई और उसने 48.5% वोट शेयर के साथ 213 सीटें जीतीं।
वहीं BJP के प्रदर्शन में बड़ा सुधार देखने को मिला। पार्टी ने 2016 में मिली 3 सीटों से बढ़कर 77 सीटें हासिल कीं और उसका वोट शेयर 38.5% रहा। दूसरी ओर कांग्रेस को बड़ा झटका लगा और वह केवल 1 सीट जीत पाई, जबकि उसका वोट शेयर 1.6% रहा।