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बांग्लादेश की कमान संभालते ही एक्शन में पीएम तारिक रहमान; अल्पसंख्यकों को सुरक्षा का भरोसा

By: GTC News Desk  |  Edited By: GTC Bharat  |  Updated at: February 19th 2026 07:30 PM

बांग्लादेश की कमान संभालते ही एक्शन में पीएम तारिक रहमान; अल्पसंख्यकों को सुरक्षा का भरोसा
बांग्लादेश की कमान संभालते ही एक्शन में पीएम तारिक रहमान; अल्पसंख्यकों को सुरक्षा का भरोसा

बांग्लादेश में महीनों से चली आ रही राजनीतिक अस्थिरता और सत्ता परिवर्तन के नाटकीय घटनाक्रम के बाद, तारिक रहमान ने प्रधानमंत्री के रूप में देश की कमान संभाल ली है। पदभार ग्रहण करते ही उन्होंने शासन व्यवस्था में बड़े बदलाव के संकेत दिए हैं। उनकी सरकार ने सबसे पहले देश में कानून-व्यवस्था की बहाली और सरकारी संस्थानों में व्याप्त भ्रष्टाचार को मिटाने पर जोर दिया है। रहमान ने स्पष्ट किया है कि उनकी प्राथमिकता एक ऐसा बांग्लादेश बनाने की है, जहाँ लोकतंत्र की जड़ें मजबूत हों और जनता की आवाज़ को सर्वोच्च स्थान मिले। उन्होंने प्रशासन को सख्त निर्देश दिए हैं कि आम नागरिक के दैनिक जीवन में आने वाली बाधाओं को तुरंत दूर किया जाए और अराजक तत्वों पर बिना किसी देरी के कानूनी कार्रवाई की जाए।

अल्पसंख्यक समुदायों के साथ पिछले कुछ समय में हुई हिंसा और भेदभाव की घटनाओं को देखते हुए, प्रधानमंत्री तारिक रहमान ने एक बड़ा भावनात्मक और सुरक्षात्मक कदम उठाया है। उन्होंने देश के हिंदू, बौद्ध और ईसाई समुदायों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक की और उन्हें 'पूर्ण सुरक्षा' का स्पष्ट आश्वासन दिया। रहमान ने कड़े लहजे में कहा कि नए बांग्लादेश में किसी भी नागरिक के साथ धर्म या जाति के आधार पर भेदभाव नहीं होने दिया जाएगा। उन्होंने घोषणा की है कि अल्पसंख्यक क्षेत्रों में विशेष सुरक्षा बलों की तैनाती की जाएगी और मंदिर व गिरजाघरों की सुरक्षा के लिए एक समर्पित टास्क फोर्स का गठन होगा। प्रधानमंत्री का यह बयान न केवल देश के भीतर भरोसे की बहाली के लिए महत्वपूर्ण है, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी बांग्लादेश की छवि को सुधारने की एक ठोस कोशिश मानी जा रही है।

आर्थिक मोर्चे पर, तारिक रहमान ने विदेशी निवेश को आकर्षित करने और मुद्रास्फीति को नियंत्रित करने के लिए विशेषज्ञों की एक टीम गठित की है। उन्होंने पड़ोसी देशों के साथ द्विपक्षीय संबंधों को पुनर्जीवित करने पर जोर दिया है, विशेष रूप से भारत के साथ कनेक्टिविटी और व्यापार समझौतों को नई दिशा देने की बात कही है। रहमान ने युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि आने वाले महीनों में रोजगार के नए अवसर सृजित करना उनकी सबसे बड़ी चुनौती और जिम्मेदारी होगी। उन्होंने सार्वजनिक रूप से भ्रष्टाचार के प्रति 'जीरो टॉलरेंस' की नीति अपनाई है और पूर्ववर्ती सरकारों के विवादित फैसलों की समीक्षा के आदेश दिए हैं। तारिक रहमान का यह शुरुआती 'एक्शन मोड' यह दर्शाता है कि वे न केवल सत्ता के हस्तांतरण को स्थिरता देना चाहते हैं, बल्कि बांग्लादेश को एक आधुनिक और समावेशी राष्ट्र के रूप में विश्व पटल पर स्थापित करने के लिए तत्पर हैं।