नई दिल्ली, भारत: पूर्व राजनयिक के.पी. फैबियन ने सोमवार को कहा कि अमेरिका का रुख “बेहद दुर्भाग्यपूर्ण” है और यह अहंकार को दर्शाता है। मीडिया से बातचीत में फैबियन ने कहा कि ईरान की क्षमताओं को स्वीकार करना चाहिए, खासकर अमेरिकी विमानों को गिराने की उसकी क्षमता को।
उन्होंने कहा, “ईरान के इस्फहान के पास गहराई तक जाकर कार्रवाई करना एक बड़ी उपलब्धि थी, लेकिन हमें यह भी समझना होगा कि ईरान के पास मजबूत एयर डिफेंस या वायुसेना नहीं है। फिर भी ऐसा लगता है कि इस प्रक्रिया में ईरान ने एक-दो अमेरिकी ट्रांसपोर्ट विमान गिरा दिए।” के.पी. फैबियन ने कहा कि डोनाल्ड ट्रम्प पहले ही अपना संतुलन खो चुके हैं, जैसा कि उनकी भाषा से जाहिर होता है।
Former Diplomat KP Fabian says US comment on Hormuz "most unfortunate" Read @ANI Story | https://t.co/1L4tUu0MNM#StraitofHormuz #Fabian #US pic.twitter.com/FY4ZOAJId9
— ANI Digital (@ani_digital) April 6, 2026
ईरान, भारत के साथ अच्छे संबंध बनाए रखने को महत्व देता है
पूर्व राजनयिक ने अमेरिका के रुख की आलोचना करते हुए कहा कि यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है कि अमेरिका न सिर्फ आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल कर रहा है, बल्कि ‘वॉर सेक्रेटरी’ भी पवित्र सप्ताह के दौरान बाइबिल का हवाला दे रहे हैं। अमेरिका खुलकर कह रहा है कि उन्हें अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानून की परवाह नहीं है। बार-बार नागरिक ठिकानों पर हमला करने की बात करना यह दिखाता है कि उन्हें इन नियमों की कोई चिंता नहीं है। Pete Hegseth का ‘इन बेवकूफ नियमों की परवाह नहीं’ कहना अज्ञानता के साथ-साथ अहंकार भी दर्शाता है।
फैबियन ने यह भी कहा कि ईरान के विदेश मंत्री का भारत से संपर्क करना इस बात का संकेत है कि ईरान भारत के साथ अच्छे संबंध बनाए रखने को महत्व देता है। उन्होंने कहा, “भारत इस संघर्ष के समाधान प्रक्रिया का हिस्सा नहीं है, लेकिन BRICS के अध्यक्ष और ग्लोबल साउथ के नेता के रूप में ईरान चाहता है कि भारत अपनी आवाज उठाए, हालांकि भारत अब तक इससे बचता रहा है।”
Delhi: Former Indian Ambassador to Qatar, KP Fabian says, "...President Trump is telling the whole world that he has painted himself into a corner. Now that is the opinion of the Time magazine, opinion of New York Times and many others. After all let's look at the big picture.… pic.twitter.com/pw8QAPPtcu
— IANS (@ians_india) April 6, 2026
पूर्व राजनयिक ने अमेरिकी दावों पर उठाए सवाल
के.पी. फैबियन ने अमेरिकी दावे पर भी सवाल उठाए कि विमान को ईरान के हाथ लगने से रोकने के लिए उड़ाया गया। उन्होंने कहा कि हम यहां बैठकर इसकी पुष्टि नहीं कर सकते, लेकिन यह बयान बाद में आया है। शुरुआत में ईरान ने मलबा दिखाया था और तब कोई प्रतिक्रिया नहीं आई थी, इसलिए यह दावा बाद में जोड़ा गया लगता है।
इसके अलावा, उन्होंने कहा कि डोनाल्ड ट्रम्प लगातार अपनी समय-सीमा बदल रहे हैं, जिससे अनिश्चितता बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि यह दिखाता है कि उन्होंने खुद को एक मुश्किल स्थिति में डाल लिया है। चिंता इस बात की है कि इतने शक्तिशाली पद पर बैठे व्यक्ति की प्रतिक्रिया कैसी होगी—यह पूरी तरह तर्कसंगत नहीं भी हो सकती, जिससे जोखिम बढ़ जाता है।
Delhi: Former Indian Ambassador to Qatar, KP Fabian says, "...President Trump is telling the whole world that he has painted himself into a corner. Now that is the opinion of the Time magazine, opinion of New York Times and many others. After all let's look at the big picture.… pic.twitter.com/pw8QAPPtcu
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अमेरिका और ईरान के बीच संघर्ष खत्म होने की संभावना
इस बीच, अमेरिका और ईरान के बीच संघर्ष खत्म करने के लिए एक योजना सामने आई है, जो सोमवार से लागू हो सकती है और इसके तहत होर्मुज जलडमरूमध्य को खोला जा सकता है। रॉयटर्स के मुताबिक, इस ढांचे को पाकिस्तान ने तैयार किया है और इसे अमेरिका व ईरान के साथ साझा किया गया है, जिसमें पहले तत्काल युद्धविराम और फिर व्यापक समझौते की बात कही गई है।