नई दिल्ली, भारत: पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के कारण देश में तरलीकृत पेट्रोलियम गैस (LPG) और अन्य प्राकृतिक गैस की आपूर्ति प्रभावित होने के बीच कांग्रेस सांसद कार्ति चिदंबरम ने मंगलवार को कहा कि भारत को कई आपूर्ति श्रृंखलाएं विकसित करनी चाहिए, ताकि क्षेत्रीय संकट के “स्वाभाविक असर” से देश इतना प्रभावित न हो।
संसद के बाहर मीडिया से बातचीत में कार्ति चिदंबरम ने कहा कि यह मध्य-पूर्व में चल रहे संकट का स्वाभाविक परिणाम है। अमेरिका द्वारा ईरान पर किए गए उकसावे वाले हमले ने इस स्थिति को जन्म दिया है। हमें अन्य आपूर्ति स्रोत भी विकसित करने चाहिए। यह ऐसी चीज नहीं थी जिसे पहले से पूरी तरह भांपा जा सकता था, लेकिन आगे के लिए हमें कई सप्लाई चेन तैयार करनी होंगी, ताकि हम किसी एक भौगोलिक क्षेत्र पर निर्भर न रहें।
#WATCH | Delhi | On reports of commercial LPG shortage, Congress MP Karti Chidambaram says," It is a natural fallout of the crisis in the Middle East. It is the unprovoked attack by the US on Iran which has provoked this. We should also develop other supply chains. This is not… pic.twitter.com/7w5gPEt6i3
— ANI (@ANI) March 10, 2026
जब कार्ति चिदंबरम से पूछा गया कि क्या अमेरिका इस संकट को कम करने में मदद करेगा, तो उन्होंने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के कदमों को लेकर अनिश्चितता जताई। उन्होंने कहा, “कोई भी नहीं कह सकता कि ट्रंप क्या करेंगे। अमेरिका में संतुलन बनाने वाली ताकतें कमजोर हैं और दुनिया में भी उसका कोई प्रभावी प्रतिरोध नहीं है। स्थिति काफी अनिश्चित है।”
वहीं, कांग्रेस सांसद जेबी माथेर (Jebi Mather) ने गैस की कमी के लिए सीधे तौर पर केंद्र सरकार को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा कि युद्ध की स्थिति को देखते हुए इस तरह की समस्या का पहले से अनुमान लगाया जाना चाहिए था। उन्होंने कहा, “जब युद्ध चल रहा है तो हमें पहले ही अंदेशा होना चाहिए था कि यह समस्या सामने आएगी। चेन्नई, बेंगलुरु और पुणे के होटल संचालकों ने खुलकर कहा है कि उनके पास LPG नहीं है और उन्हें अपने होटल बंद करने पड़ रहे हैं। देश के अन्य हिस्सों में भी यही स्थिति है। हमारे पास कोई स्पष्ट योजना नहीं दिख रही, जिससे चिंता बढ़ रही है।”
#WATCH | Delhi | On reports of commercial LPG shortage, National Vice President of the LPG Association, Congress MP Jebi Mather says, "We should have foreseen that this problem will arise when a war is happening... Hoteliers of Chennai, Bengaluru and Pune have openly said that… pic.twitter.com/xeyg31Dvef
— ANI (@ANI) March 10, 2026
#WATCH | Congress MP Jebi Mather says," The West Asia crisis, the condition of Indians there is a concern for India...Where is our PM? Why is he so silent?...When Parliament is in session, there should be a discussionon all the issues..." pic.twitter.com/Ed1Egwh7BM
— ANI (@ANI) March 9, 2026
इस बीच कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने भी ईरान में जारी संघर्ष के कारण लोगों को हो रही परेशानियों का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि इससे एलपीजी की उपलब्धता कम हो रही है और उपभोक्ताओं के लिए कीमतें भी बढ़ रही हैं। थरूर ने कहा, “ईरान में चल रहे संघर्ष के कारण यह बहुत गंभीर समस्या बन गई है। गैस की उपलब्धता कम हो गई है और कीमतों में भी बढ़ोतरी हो रही है।”
Delhi: On the Middle East situation, Congress Leader Shashi Tharoor says, "We have to hear what he has to say, but we want a discussion on this issue. It's a very important issue, It's an issue where very frankly, The country is deeply affected our energy security is at peril oil… pic.twitter.com/uxiQS3MNNr
— IANS (@ians_india) March 9, 2026
आवश्यक वस्तु अधिनियम लागू
उधर, केंद्र सरकार ने मंगलवार को घरेलू रसोई गैस की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक वस्तु अधिनियम (Essential Commodities Act) लागू कर दिया। इसके तहत रिफाइनरियों और पेट्रोकेमिकल इकाइयों को LPG उत्पादन अधिकतम करने और प्रमुख हाइड्रोकार्बन स्रोतों को LPG पूल में भेजने का निर्देश दिया गया है। आदेश के मुताबिक कुछ क्षेत्रों को प्राकृतिक गैस की आपूर्ति प्राथमिकता के आधार पर दी जाएगी और परिचालन उपलब्धता के अनुसार उन्हें पिछले छह महीनों की औसत खपत के बराबर गैस उपलब्ध कराई जाएगी।
This order of the Government of India is for regulating the natural gas supply so that the highest priority is given to piped natural gas for homes and CNG for vehicles. https://t.co/xJZeEbdKqN
— ANI (@ANI) March 10, 2026
LPG की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए सरकार ने किए कई प्रावधान
साथ ही उर्वरक संयंत्रों को भी उनकी पिछले छह महीनों की औसत गैस खपत का 70 प्रतिशत तक गैस उपलब्ध कराने का प्रावधान किया गया है। इसके अलावा गैस विपणन कंपनियों को निर्देश दिया गया है कि राष्ट्रीय गैस ग्रिड से जुड़े चाय उद्योग, विनिर्माण इकाइयों और अन्य औद्योगिक उपभोक्ताओं को उनकी पिछली छह महीनों की औसत खपत के लगभग 80 प्रतिशत तक गैस आपूर्ति बनाए रखी जाए।
सरकार ने तेल रिफाइनिंग कंपनियों को यह भी निर्देश दिया है कि LNG आपूर्ति में बाधा के असर को कम करने के लिए रिफाइनरियों को गैस आवंटन घटाकर पिछले छह महीनों की औसत खपत के लगभग 65 प्रतिशत तक किया जाए, ताकि LPG की उपलब्धता सुनिश्चित की जा सके।