मुंबई, महाराष्ट्र: सोमवार को देश के शेयर बाजारों की शुरुआत भारी गिरावट के साथ हुई। कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल और वैश्विक बाजारों में भारी बिकवाली के कारण दोनों प्रमुख सूचकांक शुरुआती कारोबार में तेज गिरावट के साथ खुले। Nifty, 50 23,868.05 पर खुला, जो 582.40 अंक या 2.38 प्रतिशत की गिरावट दर्शाता है। वहीं, BSE Sensex 77,056.75 पर खुला, जो 1,862.15 अंक या 2.36 प्रतिशत की गिरावट को दर्शाता है। यह सभी सेक्टरों में भारी बिकवाली के दबाव को दिखाता है।
घरेलू शेयर बाजारों में यह तेज गिरावट उस समय आई है जब कच्चे तेल की कीमतें सोमवार को लगभग 25 प्रतिशत बढ़कर 116 अमेरिकी डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गईं। एशिया में जारी संघर्ष के कारण यह उछाल आया है, जिससे महंगाई और आर्थिक वृद्धि को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं।
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— ANI Digital (@ani_digital) March 9, 2026
कच्चे तेल की कीमतों का असर भारतीय अर्थव्यवस्था पर पड़ेगा
बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि कच्चे तेल की कीमतों में यह बढ़ोतरी भारतीय अर्थव्यवस्था पर बड़ा असर डाल सकती है, क्योंकि भारत अपनी जरूरत का 85 प्रतिशत से अधिक कच्चा तेल आयात करता है। बैंकिंग और मार्केट एक्सपर्ट अजय बग्गा ने कहा, “भारतीय बाजारों में भारी गिरावट दिख रही है, जिसका संकेत गिफ्ट निफ्टी में भी दिख रहा है। तेल की कीमतों में उछाल का असर भारत के जीडीपी, चालू खाता घाटा और महंगाई पर बड़ा पड़ेगा, क्योंकि भारत अपनी 85 प्रतिशत से अधिक तेल जरूरतें आयात से पूरी करता है।”
India’s rupee has weakened to a record low despite central bank intervention as the currency comes under renewed pressure from soaring oil prices.The rupee declined 0.6 per cent to Rs92.34 a dollar on Monday, even as the Reserve Bank of India attempted to stem those falls with…
— Ajay Bagga (@Ajay_Bagga) March 9, 2026
एक्सपर्ट अजय बग्गा ने कहा कि तेल की कीमतों में बढ़ोतरी के कारण देश में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में भी बढ़ोतरी की संभावना है। इसके उन्होंने आगे कहा कि हमें खुदरा पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी की उम्मीद है। पिछले हफ्ते ही घरेलू और वाणिज्यिक दोनों उपभोक्ताओं के लिए एलपीजी की कीमतें बढ़ाई गई थीं। जेट एविएशन फ्यूल की कीमतें भी बढ़ेंगी। उनके अनुसार, बढ़ती तेल कीमतों के कारण कई सेक्टरों पर दबाव बढ़ सकता है। उन्होंने कहा कि पेंट, एविएशन, ऑटो, टायर, केमिकल्स और तेल से जुड़े डाउनस्ट्रीम उद्योगों में और गिरावट देखने को मिल सकती है। हालांकि, आज बाजार में लिक्विडिटी दबाव के कारण जो भी बिक सकता है, वह बिकेगा, इसलिए गोल्ड और सिल्वर जैसे सेक्टरों में भी गिरावट संभव है।
Global stock market sell-off deepens as oil soarsA global slump in stock markets deepened on Monday as surging oil prices created panic among investors fearful of a protracted war in the Middle East disrupting energy supplies.Futures tracking the S&P 500 and Stoxx Europe 600…
— Ajay Bagga (@Ajay_Bagga) March 9, 2026
PSU बैंक, मीडिया और फाइनेंशियल सर्विसेज सेक्टर में सबसे ज्यादा दबाव
सेक्टरवार देखें तो NSE के कई इंडेक्स में भारी बिकवाली देखी गई। PSU बैंक, मीडिया और फाइनेंशियल सर्विसेज सेक्टर में सबसे ज्यादा दबाव रहा। Nifty Auto लगभग 2.9 प्रतिशत गिर गया, जबकि Nifty Media 2.36 प्रतिशत नीचे आ गया। पीएसयू बैंक इंडेक्स 4 प्रतिशत गिरा, जबकि Nifty IT 1.29 प्रतिशत, Nifty FMCG 1.38 प्रतिशत और कंज्यूमर ड्यूरेबल्स इंडेक्स करीब 2 प्रतिशत टूट गया।
निफ्टी 50 के लिए पिछला सप्ताह कमजोर रहा- सुनील गुर्जर, सेबी-पंजीकृत विश्लेषक
सुनील गुर्जर, जोकि सेबी-पंजीकृत विश्लेषक और Alphamojo Financial Services के संस्थापक हैं, उन्होंने कहा कि निफ्टी 50 के लिए पिछला सप्ताह कमजोर रहा। इंडेक्स ने महत्वपूर्ण 200-EMA को भी तोड़ दिया है, जबकि bearish EMA crossover ट्रेंड में कमजोरी का संकेत देता है। यह गिरावट मुख्य रूप से एफआईआई की भारी बिकवाली, कमजोर होते रुपये और वैश्विक युद्ध जैसी परिस्थितियों के कारण आई है, जिससे बाजार की धारणा प्रभावित हुई है। उन्होंने कहा कि अगर निफ्टी 24,646 के ऊपर स्थायी रूप से निकलता है तो बाजार में तेजी का संकेत मिल सकता है, जबकि मौजूदा सपोर्ट के नीचे जाने पर गिरावट और बढ़ सकती है। उनके अनुसार अगला मजबूत सपोर्ट स्तर 23,850 है।
SHARE MARKETS TODAY!South Korea: -7.7% Japan: -6.4%Vietnam: -6.9%Philippines: -5.3%Taiwan: -5.1%Indonesia: -3.5%Australia: -3.4%India: -3%Singapore: -2.8%Hong Kong: -2.5%Malaysia: -2.2%China: -1.1%
— Sunil Gurjar, CFTe (@sunilgurjar01) March 9, 2026
अमेरिकी बाजार भी पिछले सप्ताह दबाव में बंद हुए थे
भारतीय बाजारों में यह गिरावट एशियाई बाजारों में आई भारी गिरावट के बीच भी देखी जा रही है। Nikkei 225 लगभग 7 प्रतिशत गिरकर 52,010 के स्तर पर आ गया, जबकि KOSPI 7.43 प्रतिशत गिरकर 5,169 के स्तर पर पहुंच गया। अन्य एशियाई बाजारों में भी गिरावट देखी गई। सिंगापुर का Straits Times Index 2.65 प्रतिशत गिरकर 4,720 पर पहुंच गया, जबकि हांगकांग का Hang Seng Index 2.46 प्रतिशत से अधिक गिरकर 25,095 के स्तर पर आ गया। वहीं ताइवान का Taiwan Weighted Index 5.77 प्रतिशत गिरकर 31,767 पर पहुंच गया।
इस बीच, अमेरिकी बाजार भी पिछले सप्ताह दबाव में बंद हुए थे। शुक्रवार को S&P 500 1.33 प्रतिशत गिरकर 6,740 के स्तर पर बंद हुआ, जबकि Nasdaq Composite 1.53 प्रतिशत गिरकर 22,400 के स्तर पर आ गया।