नई दिल्ली: ईरान के खार्ग द्वीप (Kharg Island) पर हाल में हुए अमेरिकी सैन्य हमले का वैश्विक तेल आपूर्ति पर असर सीमित रहने की संभावना है। निवेश बैंक JPMorgan की एक रिपोर्ट के अनुसार, इस हमले से तेल निर्यात में यदि कोई व्यवधान होता भी है तो वह संभवतः अस्थायी और एहतियाती प्रकृति का होगा। JPMorgan की रिपोर्ट के अनुसार, यदि लोडिंग टर्मिनल, पाइपलाइन और भंडारण टैंक जैसे प्रमुख ढांचे सुरक्षित रहते हैं, तो ईरान प्रतिदिन लगभग 15 से 17 लाख बैरल कच्चे तेल का निर्यात जारी रख सकता है। रिपोर्ट में कहा गया है, “किसी भी प्रकार का व्यवधान अस्थायी और एहतियाती हो सकता है, न कि आपूर्ति का स्थायी नुकसान।”
रिपोर्ट के अनुसार, शुरुआती जानकारी से संकेत मिलता है कि अमेरिकी हमले में मुख्य रूप से सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया गया और तेल से जुड़े बुनियादी ढांचे को नुकसान नहीं पहुंचाया गया। ऐसे में फिलहाल ईरान से तेल निर्यात जारी रह सकता है।
ट्रंप ने दी आगे कार्रवाई की चेतावनी
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शुक्रवार को घोषणा की कि अमेरिकी बलों ने खार्ग द्वीप पर कई सैन्य ठिकानों पर भारी हमले किए हैं। उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि यदि ईरान हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) से गुजरने वाले जहाजों में हस्तक्षेप जारी रखता है, तो उसके ऊर्जा संसाधनों को भी निशाना बनाया जा सकता है।
ईरान के तेल निर्यात का मुख्य केंद्र
खार्ग द्वीप ईरान के तेल निर्यात तंत्र का सबसे महत्वपूर्ण केंद्र माना जाता है। यह छोटा द्वीप फारस की खाड़ी के उत्तरी हिस्से में स्थित है और यहां से देश के प्रमुख तेल क्षेत्रों से कच्चा तेल इकट्ठा कर दुनिया के बाजारों में भेजा जाता है। गहरे पानी के करीब स्थित होने के कारण यहां बड़े तेल टैंकर आसानी से लोडिंग कर सकते हैं, जबकि ईरान के कई तटीय इलाकों में पानी उथला होने से ऐसा करना मुश्किल होता है।
JP Morgan stated that Iran's oil exports would stall and output halve if the U.S. and Israel were to seize its port on Kharg Island.More Here → https://t.co/a95quDReIT pic.twitter.com/G3EJ4kjciO
— PiQ Newswire (@PiQNewswire) March 9, 2026
बड़े पैमाने पर भंडारण क्षमता
जेपीमॉर्गन की रिपोर्ट में अनुमान लगाया गया है कि खार्ग द्वीप पर लगभग 3 करोड़ बैरल तेल भंडारण क्षमता है। फिलहाल यहां करीब 1.8 करोड़ बैरल कच्चा तेल मौजूद है, जो सामान्य परिस्थितियों में लगभग 10–12 दिनों के निर्यात के बराबर है।
रिपोर्ट के अनुसार, “खार्ग द्वीप को लंबे समय से एक संवेदनशील बिंदु माना जाता रहा है, लेकिन बड़े भू-राजनीतिक और आर्थिक जोखिमों के कारण आधुनिक संघर्षों में इसे सीधे निशाना बहुत कम बनाया गया है।” विश्लेषकों का मानना है कि यदि खार्ग द्वीप के तेल ढांचे को सीधे निशाना बनाया जाता है तो इससे ईरान के अधिकांश कच्चे तेल निर्यात पर तुरंत रोक लग सकती है और जवाबी कार्रवाई के तौर पर हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य या क्षेत्रीय ऊर्जा ढांचों पर हमले की आशंका बढ़ सकती है।
खाड़ी क्षेत्र के अन्य ऊर्जा केंद्र भी संवेदनशील
रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि फारस की खाड़ी क्षेत्र में कई महत्वपूर्ण ऊर्जा केंद्र संभावित जोखिम में हैं, जिनमें सऊदी अरब का Ras Tanura निर्यात टर्मिनल, Abqaiq प्रोसेसिंग हब और संयुक्त अरब अमीरात का Fujairah तेल हब शामिल हैं। JPMorgan के अनुसार, यदि खार्ग द्वीप निष्क्रिय हो जाता है तो भंडारण क्षमता खत्म होने और वैकल्पिक निर्यात मार्गों की कमी के कारण ईरान के दक्षिण-पश्चिमी तेल क्षेत्रों में उत्पादन तेजी से प्रभावित हो सकता है।