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पश्चिम एशिया संघर्ष से बढ़े कच्चे तेल के दाम, एशिया की अर्थव्यवस्था पर असर संभव: Morgan Stanley

By: GTC Bharat Desk  |  Edited By: Preeti Kamal  |  Updated at: March 15th 2026 02:26 PM

पश्चिम एशिया संघर्ष से बढ़े कच्चे तेल के दाम, एशिया की अर्थव्यवस्था पर असर संभव: Morgan Stanley
पश्चिम एशिया संघर्ष से बढ़े कच्चे तेल के दाम, एशिया की अर्थव्यवस्था पर असर संभव: Morgan Stanley

नई दिल्ली, भारत: पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष के बीच वैश्विक कच्चे तेल की कीमतों में बढ़ोतरी से एशिया के कई अन्य क्षेत्रों पर भी असर पड़ सकता है, जिनमें भारत भी शामिल है। यह जानकारी मॉर्गेन स्टेनली (Morgan Stanley) की एक रिपोर्ट में दी गई है।

मॉर्गेन स्टेनली ने अपनी रिपोर्ट में उन प्रमुख क्षेत्रों को उजागर किया है, जो आपूर्ति में व्यवधान और उससे होने वाले संभावित प्रभावों से प्रभावित हो सकते हैं। रिपोर्ट में कहा गया है, “जैसे-जैसे आपूर्ति में व्यवधान के दिन बढ़ते जाएंगे, वैसे-वैसे और भी क्षेत्र प्रभावित हो सकते हैं। एशिया में उत्पादन और निर्यात से जुड़े गैर-रेखीय प्रभाव देखने को मिल सकते हैं।”

भारत, थाईलैंड, दक्षिण कोरिया और ताईवान होंगे प्रभावित

यदि तेल की कीमतों में यह बढ़ोतरी लंबे समय तक बनी रहती है, तो एशिया का तेल बोझ अपने 10 साल के औसत से नीचे से ऊपर जा सकता है। हालांकि तेल की कीमतों में बढ़ोतरी के अलावा मॉर्गेन स्टेनली को विशेष रूप से एलएनजी (LNG) की आपूर्ति में संभावित कमी को लेकर चिंता है।

रिपोर्ट के अनुसार, भारत, थाईलैंड, दक्षिण कोरिया और ताईवान ऐसे देश हैं, जो इस मामले में सबसे अधिक प्रभावित हो सकते हैं।

कृषि, सेमीकंडक्टर और ऑटोमोबाइल निर्माण पर पड़ेगा असर

रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि उर्वरक (fertilisers), प्रोपेन (propane), कुछ पेट्रोकेमिकल्स जैसे ब्यूटाडीन (butadiene), हीलियम (helium) और सल्फर जैसे कच्चे माल की आपूर्ति भी प्रभावित हो सकती है। इससे कृषि, सेमीकंडक्टर और ऑटोमोबाइल निर्माण तथा कुछ उपभोक्ता उद्योगों पर असर पड़ सकता है।

ऊर्जा क्षेत्र में व्यवधान के कुछ संकेत भी देखने को मिले हैं। उदाहरण के तौर पर India ने एलएनजी की राशनिंग की घोषणा की है और LPG की कीमतें बढ़ाई हैं। वहीं साउथ कोरिया ईंधन की कीमतों पर सीमा तय करेगा, ईंधन करों में कमी करेगा और डीजल पर सब्सिडी बढ़ाएगा। Thailand ने सरकारी कर्मचारियों को घर से काम करने को कहा है, जबकि फिलिपींस ने सरकारी अधिकारियों के लिए चार दिन का कार्य सप्ताह लागू किया है।

रिपोर्ट में कहा गया है कि अधिकांश अन्य अर्थव्यवस्थाओं में ईंधन की कीमतें उनके-अपने तंत्र के अनुसार बढ़ रही हैं। कुछ देशों में रिफाइनरियों ने ईंधन भंडार को बचाने के लिए अपनी उत्पादन क्षमता में कटौती भी की है।

 भारत, चीन और थाईलैंड ईंधन उत्पादों के निर्यात को सीमित कर रहे हैं

इसके अलावा भारत, चीन और थाईलैंड ईंधन उत्पादों के निर्यात को सीमित कर रहे हैं। रिपोर्ट के अनुसार यदि भू-राजनीतिक तनाव लंबे समय तक जारी रहता है, तो आने वाले दिनों और हफ्तों में उत्पादन और निर्यात में और भी व्यवधान देखने को मिल सकते हैं।

Morgan Stanley के अनुसार विभिन्न उद्योगों में व्यवधान के संकेत और व्यापार से जुड़े हाई-फ्रीक्वेंसी आंकड़े—जैसे साउथ कोरिया के 10-दिवसीय निर्यात रुझान, मार्च महीने के PMI, औद्योगिक उत्पादन और निर्यात—आगे की स्थिति को समझने के लिए महत्वपूर्ण संकेतक होंगे।