नई दिल्ली, भारत: दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने शुक्रवार को पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी इंटर-सर्विसेज़ इंटेलिजेंस (ISI) और प्रतिबंधित संगठन बब्बर खालसा इंटरनेशनल (BKI) द्वारा संचालित एक बड़े जासूसी नेटवर्क का भंडाफोड़ किया और इससे जुड़े 11 लोगों को गिरफ्तार किया। कार्रवाई के दौरान दिल्ली और पंजाब के विभिन्न इलाकों से कुल 11 आरोपियों को पकड़ा गया। पुलिस के अनुसार, ये लोग देश के अलग-अलग हिस्सों में कैमरे लगा रहे थे।
पुलिस के मुताबिक, आरोपी एन्क्रिप्टेड ऐप्स के जरिए पाकिस्तान में बैठे हैंडलर्स के सीधे संपर्क में थे और उन्हें जासूसी व देश विरोधी गतिविधियों को अंजाम देने के निर्देश मिल रहे थे। पहले ऑपरेशन में छह आरोपियों को गिरफ्तार किया गया और संवेदनशील सुरक्षा व रक्षा प्रतिष्ठानों के पास लगाए गए सोलर पावर से चलने वाले नौ CCTV कैमरे बरामद किए गए। ये कैमरे मोबाइल ऐप्स के जरिए पाकिस्तान स्थित हैंडलर्स को लाइव फीड भेज रहे थे।
Delhi Police Special Cell busts an ISI and Babbar Khalsa International–sponsored terror, arms and espionage module.Additional CP Pramod Singh Kushwaha says 11 accused have been arrested from Punjab and Delhi for being in contact with Pakistan-based operatives on encrypted apps… pic.twitter.com/ZVCzzMcXhy
— All India Radio News (@airnewsalerts) April 10, 2026
4 पिस्टल, 3 विदेशी हथियार, 24 ज़िदा कारतूस बरामद
पुलिस ने चार पिस्टल भी बरामद कीं, जिनमें तीन विदेशी PX5 हथियार और एक देसी पिस्टल शामिल है, साथ ही 24 जिंदा कारतूस भी मिले। जांच में पता चला कि इस मॉड्यूल को UPI ट्रांजैक्शन के जरिए फंडिंग मिल रही थी, जिसमें कुछ पैसा अवैध हथियार तस्करी से भी आ रहा था। दूसरे ऑपरेशन में मिलिट्री इंटेलिजेंस की सूचना पर पंजाब से पांच और आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। ये लोग सेना और अर्धसैनिक बलों के संवेदनशील ठिकानों की रेकी कर फोटो और वीडियो पाकिस्तान में बैठे हैंडलर्स को भेज रहे थे।
संवेदनशील इलाकों की निगरानी के लिए CCTV कैमरे लगाए
जांच में यह भी सामने आया कि यह नेटवर्क युवाओं को कट्टरपंथी बनाकर उन्हें आतंकवाद, जासूसी और हथियार तस्करी के लिए भर्ती कर रहा था। पुलिस ने बताया कि आरोपियों ने पंजाब, हरियाणा और राजस्थान समेत कई राज्यों में संवेदनशील इलाकों की निगरानी के लिए CCTV कैमरे लगाए थे।
जांच में यह भी खुलासा हुआ कि यह मॉड्यूल सुरक्षा प्रतिष्ठानों पर ग्रेनेड हमलों जैसी संभावित आतंकी साजिश रच रहा था, जिसे अब नाकाम कर दिया गया है। मामले की आगे जांच जारी है और नेटवर्क के अन्य सदस्यों की पहचान की जा रही है। कुछ दिन पहले गाजियाबाद में भी इसी तरह का एक नेटवर्क पकड़ा गया था।